क्रिकेट एक ऐसा खेल है जो फैंस को हमेशा रोमांच से भर देता है। इस खेल के कई सारे नियम होते हैं, जिनके बारे में सभी को पूरी जानकारी नहीं होती। क्रिकेट के नियम ही हर मैच को खास बनाते हैं, क्योंकि तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) में नियम थोड़े अलग होते हैं। इसलिए फैंस को भी इन नियमों के बारे में अपडेट रहना पड़ता है। एमसीसी ने 1787 में क्रिकेट के नियमों की एक किताब जारी की थी, जिसमें बताया गया था कि कब कौन सा नियम लागू होगा।
इस किताब में कुल 42 नियम हैं
क्रिकेट इतिहास के 5 महत्वपूर्ण नियम
1. गेंद खो जाने पर
आप सही कह रहे हैं! स्ट्रीट क्रिकेट में ये नियम जल्दी-जल्दी लागू हो सकते हैं, लेकिन असली क्रिकेट की रूल बुक में नियम नंबर 20 में साफ लिखा है कि अगर मैच के दौरान गेंद खो जाती है या उसे वापस नहीं लाया जा सकता, तो फील्डिंग वाली टीम गेंद खो जाने की अपील कर सकती है। इसके बाद बल्लेबाजी वाली टीम को पेनाल्टी के तौर पर अधिकतम 6 रन तक दिए जा सकते हैं। लेकिन आज के समय अगर क्रिकेट में कोई गेंद खो जाती है तो अंपायर उतनी ही पुरानी गेंद को लाकर गेंदबाज़ी टीम को देती है।
इसका मतलब है कि गेंद खो जाने पर खेल में दखल देने के लिए ये नियम बनाये गए हैं, ताकि खेल सही तरीके से जारी रह सके। स्ट्रीट क्रिकेट के नियम कुछ अलग और आसान हो सकते हैं।
2. गेंद को रोकना
अगर कोई बल्लेबाज जानबूझकर बिना बल्ले के अपनी हाथ से गेंद को रोकता है, और दूसरी टीम इसके खिलाफ अपील करती है, तो उसे आउट कर दिया जाएगा। इसे ऐसे समझें: मान लीजिए गेंदबाज ने गेंद फेंकी, गेंद बल्ले या पैड से टकराई और विकेट की तरफ जा रही है। अगर तब बल्लेबाज अपने हाथ से गेंद को रोकने की कोशिश करता है, तो नियम के अनुसार वह आउट होगा। ऐसा 2001 में भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टेस्ट मैच में हुआ था। उस मैच में सरनदीप सिंह की गेंद को माइकल वान ने विकेट में जाने से रोकने के लिए अपने हाथ का इस्तेमाल किया, जिसके बाद उन्हें आउट दिया गया।
3. बिना खेले पारी घोषित करना
क्रिकेट के नियमों के अनुसार कप्तान अपनी पारी बिना खेले भी घोषित कर सकता है, और ऐसा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ एक बार हुआ है। 2000 में दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैच में बारिश के कारण ड्रॉ की आशंका थी। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हेंसी क्रोंजे ने मैच में रोमांच लाने के लिए इंग्लैंड के कप्तान नासिर हुसैन से सहमति बनाकर दोनों टीमों की एक-एक पारी घोषित कर दी। इससे इंग्लैंड को 249 रन का लक्ष्य मिला जिसे उन्होंने 2 विकेट से हासिल कर लिया। यह टेस्ट इतिहास की सबसे अनोखी घोषणाओं में एक थी।
4. गेंद बिना फेंके नॉन स्ट्राइक एंड से आगे बढ़ना
क्रिकेट में नॉन स्ट्राइक एंड पर खड़ा बल्लेबाज बिना गेंद फेंके भी आउट हो सकता है। ऐसा तब होता है जब गेंदबाज गेंद डालने के लिए आता है, और उसी समय नॉन स्ट्राइक एंड वाला बल्लेबाज अपना क्रिज छोड़कर आगे बढ़ जाता है। अगर गेंदबाज अपनी गेंद डालने की तैयारी पूरी कर चुका हो और गेंद फेंकने की जगह पर सीधे उस बल्लेबाज के विकेट को गिरा दे, तो वह बल्लेबाज आउट हो जाएगा। इस स्थिति में गेंद को डेड (बिना कोई असर वाली गेंद) भी नहीं माना जाएगा।

इस नियम को “मांकड़िंग” कहते हैं। सबसे पहले भारत के वीनू मांकड़ ने 1947 में इस तरीके से बिली ब्राउन को आउट किया था। बाद में 1990 के दशक में कपिल देव ने भी पिटर कर्स्टन को कई बार चेतावनी देने के बाद इस नियम से आउट किया था। आईपीएल में भी कई बार ऐसी घटनाएं देखने को मिली हैं, जिनमें सबसे चर्चित घटना वह थी जब आर. अश्विन ने जोस बटलर को मांकड़िंग द्वारा आउट किया था
5. खिलाड़ियों को मैदान से बाहर जाने पर रोकना
क्रिकेट में मैच के दौरान फील्ड छोड़ने के नियम सख्त होते हैं। कोई भी खिलाड़ी बिना अंपायर की अनुमति के बाहर नहीं जा सकता। अगर कोई खिलाड़ी 15 मिनट या उससे अधिक समय तक फील्ड से बाहर रहता है, तो उसे वापसी पर उतना ही समय फील्ड पर बिताना होता है, ओवर करने से पहले। 2007 में भारत-दक्षिण अफ्रीका टेस्ट मैच में सचिन तेंदुलकर मैदान से बाहर थे, और जब भारतीय पारी शुरू हुई, तब तक उनका वेटिंग टाइम पूरा नहीं हुआ था। इसलिए वे बैटिंग के लिए नहीं आ सके और उनकी जगह सौरव गांगुली को उतरना पड़ा था।

