Saturday, February 14

क्रिकेट में गेंदबाजी हमेशा से सबसे अहम भूमिका निभाती रही है, लेकिन इसके साथ ही बॉलिंग एक्शन को लेकर विवाद भी लंबे समय से इस खेल का हिस्सा रहे हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने गेंदबाजों के लिए यह नियम बनाया है कि गेंदबाजी के दौरान कोहनी का झुकाव 15 डिग्री से ज्यादा नहीं होना चाहिए। अगर कोई गेंदबाज इस सीमा को पार करता है, तो उसका एक्शन अवैध (Illegal) माना जाता है। यही वजह है कि कई बार दिग्गज खिलाड़ियों से लेकर नए गेंदबाजों तक को रिपोर्ट, सस्पेंड या बैन झेलना पड़ा है। इस नियम का मकसद गेंदबाजी को पूरी तरह निष्पक्ष और बल्लेबाजों के लिए न्यायसंगत बनाए रखना है।

पिछले एक सदी से ज्यादा समय में कई बड़े नाम इस विवाद में फंसे हैं। ऑस्ट्रेलिया के एर्नी जोन्स से लेकर श्रीलंका के महान मुथैया मुरलीधरन, पाकिस्तान के शोएब अख्तर और हाल ही में साउथ अफ्रीका के प्रेनेलन सुब्रायन तक, कई खिलाड़ियों को ICC की जांच का सामना करना पड़ा। कुछ ने अपना एक्शन सुधारकर वापसी की, जबकि कुछ का करियर इन विवादों की वजह से खत्म हो गया। इस आर्टिकल में हम 1898 से लेकर 2025 तक उन सभी खिलाड़ियों की लिस्ट बताने रहे हैं, जिन्हें क्रिकेट इतिहास में अवैध बॉलिंग एक्शन के चलते रिपोर्ट या बैन किया गया।

ये है क्रिकेट इतिहास में अवैध बॉलिंग एक्शन के चलते बैन हुए सभी खिलाड़ियों की लिस्ट

38. प्रेनेलन सुब्रायन (Prenelan Subrayen) – साउथ अफ्रीका, 2025

दक्षिण अफ्रीका के ऑफ स्पिनर प्रेनेलन सुब्रायन को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैच के दौरान संदिग्ध बॉलिंग एक्शन के चलते रिपोर्ट किया गया। सुब्रायन घरेलू स्तर पर लंबे समय से खेलते आ रहे हैं और उनके पास फर्स्ट क्लास में 200 से ज्यादा विकेट हैं। उनके एक्शन पर पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संदेह किया गया और अब उन्हें 14 दिन के भीतर ब्रिसबेन स्थित नेशनल क्रिकेट सेंटर में टेस्ट देना होगा।

अगर इस टेस्ट में उनका एक्शन अवैध पाया जाता है तो उन पर बैन भी लग सकता है। यह उनके करियर के लिए बड़ा झटका हो सकता है, क्योंकि वे साउथ अफ्रीका के सीमित ओवर क्रिकेट में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के मैट कुहनेमैन भी इसी सेंटर में टेस्ट देकर क्लियर हो चुके हैं। सुब्रायन के लिए भी यही राह है कि उन्हें या तो अपना एक्शन सुधारना होगा या फिर बैन झेलना पड़ेगा।

37. मैथ्यू कुहनेमैन (Matthew Kuhnemann) – ऑस्ट्रेलिया, 2025

मैथ्यू कुहनेमैन ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए उभरते हुए लेफ्ट आर्म स्पिनर हैं। श्रीलंका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद उनका एक्शन संदिग्ध बताया गया। आईसीसी ने उन्हें रिपोर्ट किया और उन्हें ब्रिसबेन में टेस्टिंग से गुजरना पड़ा।

खुशकिस्मती से कुहनेमैन का एक्शन टेस्ट में पास हो गया और उन्हें तुरंत गेंदबाजी करने की अनुमति मिल गई। यह मामला दिखाता है कि कभी-कभी रिपोर्ट होने का मतलब बैन नहीं होता, बल्कि जांच का हिस्सा होता है। कुहनेमैन अब और आत्मविश्वास के साथ खेल सकते हैं।

36. शाकिब अल हसन (Shakib Al Hasan) – बांग्लादेश, 2024

बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन को 2024 में इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते हुए रिपोर्ट किया गया था। उस वक्त वे सरे की ओर से खेल रहे थे। उनका एक्शन जांच में अवैध पाया गया और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें सस्पेंड कर दिया।

शाकिब जैसे दिग्गज के लिए यह बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपने एक्शन को दोबारा मॉडल किया और बायोमैकेनिकल टेस्ट पास करके गेंदबाजी की अनुमति हासिल कर ली। यह घटना उनके करियर के अंतिम स्टेज में आई, इसलिए इसका असर सीमित रहा।

35. क्रिस ग्रीन (Chris Green) – ऑस्ट्रेलिया, 2020

क्रिस ग्रीन ऑस्ट्रेलिया के जाने-माने टी20 स्पेशलिस्ट हैं। उन्हें 2019-20 बिग बैश लीग के दौरान रिपोर्ट किया गया था, जिसके बाद उनके एक्शन की जांच हुई और पाया गया कि वे 15 डिग्री की सीमा पार कर रहे हैं। नतीजतन उन्हें 90 दिन का बैन झेलना पड़ा। ग्रीन का करियर मुख्य रूप से फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट पर आधारित है, इसलिए इस बैन ने उनकी छवि को प्रभावित किया। हालांकि, उन्होंने अपना एक्शन सुधारा और बाद में फिर से क्रिकेट में वापसी की।

34. सुनील नरेन (Sunil Narine) – वेस्टइंडीज, 2018

वेस्टइंडीज के सुनील नरेन का नाम भी अवैध बॉलिंग एक्शन विवाद में कई बार आया। पहली बार उन्हें 2015 में पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान रिपोर्ट किया गया। उनकी ऑफ-ब्रेक गेंदें संदिग्ध बताई गईं। 2018 में फिर से उन पर सवाल उठे और उन्हें एक बार फिर जांच से गुजरना पड़ा। हालांकि, बाद में उन्होंने एक्शन बदलकर वापसी की। नरेन जैसे मैच-विनर गेंदबाज के लिए यह चुनौती बड़ी थी, लेकिन उन्होंने धैर्य दिखाया और खेल में टिके रहे।

33. अकिला धनंजय (Akila Dananjaya) – श्रीलंका, 2018

अकिला धनंजय को लगातार दो बार रिपोर्ट किया गया। पहली बार उन्हें 2018 में सस्पेंड किया गया था, लेकिन उन्होंने एक्शन सुधारकर वापसी की। हालांकि, उसी साल फिर से उनका एक्शन अवैध पाया गया और उन पर 12 महीने का बैन लगा। यह उनके करियर पर भारी पड़ा। धनंजय श्रीलंका के लिए लंबे समय तक प्रभावशाली स्पिनर बन सकते थे, लेकिन इस विवाद ने उनकी प्रगति को रोक दिया।

32. तस्कीन अहमद (Taskin Ahmed) – बांग्लादेश, 2016

आईसीसी वर्ल्ड टी20 2016 के दौरान बांग्लादेश के तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद को रिपोर्ट किया गया। जांच में पाया गया कि उनकी डिलीवरी में कोहनी का एंगल 15 डिग्री से ज्यादा हो रहा है। तस्कीन के लिए यह बड़ा झटका था, क्योंकि उस वक्त वे बांग्लादेश के उभरते तेज गेंदबाज थे। हालांकि, उन्होंने बायोमैकेनिकल टेस्ट पास किया और फिर से वापसी की।

31. अराफात सनी (Arafat Sunny) – बांग्लादेश, 2016

तस्कीन अहमद के साथ ही स्पिनर अराफात सनी भी 2016 वर्ल्ड टी20 में रिपोर्ट हुए। उन्हें भी सस्पेंड किया गया और बाद में एक्शन सुधारने के बाद ही गेंदबाजी की अनुमति मिली। सनी के करियर पर इसका गहरा असर पड़ा, क्योंकि इसके बाद वे बांग्लादेश टीम में नियमित जगह नहीं बना सके।

30. सईद अजमल (Saeed Ajmal) – पाकिस्तान, 2014

सईद अजमल पाकिस्तान के महान स्पिनरों में गिने जाते हैं। लेकिन 2014 में उनका मशहूर ‘दूसरा’ अवैध करार दिया गया। जांच में पाया गया कि उनकी कोहनी का एंगल 15 डिग्री से काफी ज्यादा है। इसके चलते आईसीसी ने उन पर 12 महीने का बैन लगाया। हालांकि, अजमल ने अपना एक्शन सुधारने की कोशिश की, लेकिन वे पुराने अंदाज में सफल नहीं हो पाए। इससे उनका अंतरराष्ट्रीय करियर तेजी से ढलान पर चला गया।

29. सचित्र सेनानायके (Sachithra Senanayake) – श्रीलंका, 2014

2014 के इंग्लैंड दौरे पर श्रीलंकाई ऑफ स्पिनर सचित्र सेनानायके का एक्शन संदिग्ध पाया गया था, जिसके चलते उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने एक्शन में बदलाव किए और उसी साल टेस्ट पास करके वापसी की। हालांकि, वह फिर कभी पहले जैसा प्रभाव नहीं दिखा सके।

28. प्रोस्पर उत्सेया (Prosper Utseya) – जिम्बाब्वे, 2014

जिम्बाब्वे के ऑफ स्पिनर प्रोस्पर उत्सेया को 2014 में संदिग्ध बॉलिंग एक्शन के लिए रिपोर्ट किया गया था। घरेलू सीरीज के दौरान उनके एक्शन को संदिग्ध बताया गया। उन्होंने अपना एक्शन बदला और तुरंत क्लियर हो गए। हालांकि, इस विवाद ने उनके करियर की रफ्तार को जरूर धीमा कर दिया।

27. सोहाग गाजी (Sohag Gazi) – बांग्लादेश, 2014

बांग्लादेश के सोहाग गाजी को 2014 में रिपोर्ट किया गया। उनकी कोहनी का एंगल तय सीमा से ज्यादा था। इसके लिए गाजी को बैन का भी सामना करना पड़ा और बाद में एक्शन बदलकर उन्होंने वापसी की, लेकिन उनकी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पारी लंबी नहीं चल सकी।

26. मार्लन सैमुअल्स (Marlon Samuels) – वेस्टइंडीज, 2013

वेस्टइंडीज के मार्लन सैमुअल्स को 2013 में रिपोर्ट किया गया था, जहां उनकी तेज गेंद डालने वाली डिलीवरी को अवैध करार दिया गया था। इसके चलते, आईसीसी ने उन पर 12 महीने का बैन लगाया। हालांकि, उन्हें ऑफ स्पिन डालने की अनुमति मिल गई, लेकिन इस विवाद ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया।

25. शेन शिलिंगफोर्ड (Shane Shillingford) – वेस्टइंडीज, 2010 & 2013-2019

2010 में बायोमैकेनिकल टेस्ट में शिलिंगफोर्ड का एक्शन अवैध पाया गया था, जिसके लिए उन्हें छह महीने का बैन झेलना पड़ा था। हालांकि, उन्होंने इसके बाद वापसी की, लेकिन 2013 में दोबारा उनका बॉलिंग एक्शन रिपोर्ट हुआ। इसके बाद उन पर 2019 तक घरेलू स्तर पर पाबंदी लगाई गई।

24. अब्दुर रज्जाक (Abdur Razzak) – बांग्लादेश, 2008

बांग्लादेश के अब्दुर रज्जाक की कोहनी का एंगल 22 से 28 डिग्री पाया गया, जो नियम से काफी ज्यादा था। आईसीसी ने उन्हें छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिया। बाद में उन्होंने एक्शन सुधारकर वापसी की, लेकिन यह विवाद उनके करियर में दाग छोड़ गया।

23. जोहान बोथा (Johan Botha) – साउथ अफ्रीका, 2006

साउथ अफ्रीका के स्पिनर जोहान बोथा का एक्शन भी रिपोर्ट हुआ। हालांकि, उन्हें बाद में गेंदबाजी की अनुमति मिल गई। लेकिन उनकी ‘दूसरा’ डिलीवरी हमेशा के लिए बैन हो गई। इसका असर उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर साफ दिखाई दिया।

22. जेम्स कर्टली (James Kirtley) – इंग्लैंड, 2005

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स कर्टली को ईसीबी ने 2005 में अवैध बॉलिंग एक्शन के चलते सस्पेंड ककर दिया था। इसके बाद उन्होंने मेहनत की और अपना एक्शन बदलकर दोबारा इंग्लैंड के लिए खेलना जारी रखा।

21. शब्बीर अहमद (Shabbir Ahmed) – पाकिस्तान, 2005

पाकिस्तान के शब्बीर अहमद को उनके करियर के शुरुआती दिनों में बार-बार संदिग्ध बॉलिंग एक्शन के लिए रिपोर्ट किया गया था। आखिरकार 2005 में उन पर 12 महीने का बैन लगा। इसके बाद उन्होंने अपना एक्शन सुधारा और वापसी की, लेकिन उनका करियर कभी पहले जैसा नहीं रहा।

20. ग्रांट फ्लावर (Grant Flower) – जिम्बाब्वे, 2000

जिम्बाब्वे के ग्रांट फ्लावर को साल 2000 में थ्रो करने का आरोप लगा था। हालांकि उस समय बायोमैकेनिकल टेस्ट नहीं किए गए और वे सस्पेंशन से बच गए थे। इसके बावजूद उनका नाम विवादों में जरूर आया।

19. शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) – पाकिस्तान, 1999

पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज शोएब अख्तर को क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज़ गेंदबाज माना जाता है, लेकिन उनकी बॉलिंग एक्शन पर भी कई बार सवाल उठे। 1999 में उन्हें उनकी गति के साथ-साथ उनके हाथ के मूवमेंट को संदिग्ध माना गया, जिसको रिपोर्ट भी किया गया। इसके बाद ICC ने उन्हें जांच के लिए भेजा और कुछ समय तक उनके बॉलिंग एक्शन की गहन समीक्षा की।

हालांकि, शोएब अख्तर ने अपनी तकनीक में हल्के बदलाव किए और बाद में उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी की अनुमति दी गई। उनकी पेस और यॉर्कर ने बल्लेबाजों को हमेशा परेशान किया, लेकिन एक्शन विवाद ने उनके करियर पर हमेशा छाया डाली।

18. हेनरी ओलोंगा (Henry Olonga) – ज़िम्बाब्वे, 1995

ज़िम्बाब्वे के पहले अश्वेत तेज़ गेंदबाज हेनरी ओलोंगा भी एक्शन विवाद में फंसे। 1995 में उन पर ‘थ्रोइंग’ का आरोप लगाया गया और उनकी गेंदबाजी पर सवाल उठे। ओलोंगा को अपनी तकनीक सुधारने के लिए मजबूर होना पड़ा और उन्हें थोड़े समय के लिए गेंदबाजी से रोका गया।

फिर वह बॉलिंग एक्शन में सुधार करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापस आए और ज़िम्बाब्वे क्रिकेट के सबसे चर्चित चेहरों में से एक बने। हालांकि, उनका करियर राजनीतिक और सामाजिक कारणों से भी प्रभावित हुआ, लेकिन बॉलिंग एक्शन विवाद ने भी उनके शुरुआती सफर को मुश्किल बना दिया था।

17. मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) – श्रीलंका, 1995

श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन का नाम क्रिकेट के सबसे बड़े विवादों में गिना जाता है। 1995 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अंपायर डैरेल हेयर ने उन्हें ‘नो-बॉल’ देते हुए थ्रोइंग का दोषी ठहराया। यह घटना क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित बहसों में से एक बन गई।

मुरलीधरन को ICC की जांच से गुजरना पड़ा, जहां बाद में उनकी एक्शन को उनकी शारीरिक बनावट के चलते जन्मजात बताया गया। इसीलिए, उन्हें खेलने की अनुमति मिली और आगे चलकर वह टेस्ट और वनडे दोनों फॉर्मेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने।

16. ब्रूस यार्डली (Bruce Yardley) – ऑस्ट्रेलिया, 1977

ऑस्ट्रेलियाई ऑफ-स्पिनर ब्रूस यार्डली को 1977 में संदिग्ध बॉलिंग एक्शन के लिए रिपोर्ट किया गया था। उस समय तकनीकी जांच उतनी अच्छी नहीं थी, लेकिन अंपायरों और विशेषज्ञों को उनके हाथ के मूवमेंट पर शक हुआ। उन्होंने कुछ समय के लिए क्रिकेट से दूरी बनाई और फिर एक्शन में सुधार करके वापसी की। यार्डली ने बाद में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए अहम योगदान दिया और कोचिंग में भी सक्रिय रहे।

15. जिम हिग्स (Jim Higgs) – ऑस्ट्रेलिया, 1975

ऑस्ट्रेलिया के लेग-स्पिनर जिम हिग्स को 1975 में उनके बॉलिंग एक्शन को लेकर रिपोर्ट किया गया था। खासतौर पर उनकी तेज़ डिलीवरी में हाथ का मूवमेंट नियमों से मेल नहीं खाता था। हालांकि, जांच के बाद उन्हें खेलने की अनुमति दी गई। उनका करियर बहुत लंबा नहीं चला, लेकिन वह ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा बने। उनका नाम भी उन खिलाड़ियों की सूची में शामिल है, जिन्हें एक्शन विवाद ने प्रभावित किया।

13. अबिद अली (Abid Ali) – भारत, 1968

भारत के ऑलराउंडर खिलाड़ी अबिद अली को 1968 में एक मैच के दौरान अंपायरों ने संदिग्ध एक्शन के लिए नोटिस किया। उनके बॉलिंग स्टाइल में तेज़ी और अजीबोगरीब मूवमेंट के चलते यह विवाद खड़ा हुआ। हालांकि, उन पर कोई बड़ा बैन नहीं लगा और वह लंबे समय तक भारतीय टीम का हिस्सा बने रहे।

13. इयान रेडपाथ (Ian Redpath) – ऑस्ट्रेलिया, 1964

इयान रेडपाथ मुख्य रूप से बल्लेबाज के रूप में जाने जाते थे, लेकिन शुरुआती दिनों में उन्होंने गेंदबाजी भी की। 1964 में उनके बॉलिंग एक्शन पर सवाल उठे और उन्हें आधिकारिक रूप से रिपोर्ट भी किया गया। चूंकि वह मुख्य रूप से एक बल्लेबाज थे, इसलिए इस विवाद ने उनके करियर को ज्यादा प्रभावित नहीं किया। बाद में वह ऑस्ट्रेलिया के भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाजों में शुमार हुए।

12. इयान मेकिफ (Ian Meckiff) – ऑस्ट्रेलिया, 1963

इयान मेकिफ का नाम क्रिकेट इतिहास में सबसे बड़े एक्शन विवादों में दर्ज है। 1963 में उन्हें थ्रोइंग का दोषी ठहराया गया। यह मामला इतना बड़ा हुआ कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर कर दिया गया। मेकिफ का करियर अचानक खत्म हो गया और यह घटना उस दौर के क्रिकेट में बदलाव का कारण बनी। उनके केस के बाद ICC ने एक्शन को लेकर ज्यादा सख्त नियम बनाए।

11. चार्ली ग्रिफिथ (Charlie Griffith) – वेस्टइंडीज, 1961

वेस्टइंडीज के तेज़ गेंदबाज चार्ली ग्रिफिथ अपने खतरनाक बाउंसर और स्पीड के लिए मशहूर थे। 1961 में उनके एक्शन पर सवाल उठे और कई बल्लेबाजों ने शिकायत की कि उनका बॉलिंग स्टाइल नियमों के खिलाफ है। विवाद के बावजूद ग्रिफिथ ने वेस्टइंडीज के लिए कई मैच खेले और अपनी तेज़ गेंदबाजी से विपक्षियों को डराया। हालांकि, उनका नाम हमेशा संदिग्ध एक्शन विवाद से जुड़ा रहा।

10. हसीब अहसान (Haseeb Ahsan) – पाकिस्तान, 1960

पाकिस्तानी ऑफ-स्पिनर हसीब अहसान को 1960 में संदिग्ध एक्शन के लिए रिपोर्ट किया गया। खासतौर पर ‘दूसरा’ डालते समय उनकी गेंदबाजी संदिग्ध मानी जाती थी। हालांकि, उन्होंने पाकिस्तान टीम के लिए अहम योगदान दिया, लेकिन विवाद के चलते उनका करियर लंबा नहीं चल सका।

9. रेज सिम्पसन (Reg Simpson) – इंग्लैंड, 1960

इंग्लैंड के क्रिकेटर रेज सिम्पसन को भी 1960 में एक्शन विवाद का सामना करना पड़ा था। हालांकि, वह एक बल्लेबाज के रूप में ज्यादा जाने जाते थे, लेकिन अंपायरों ने उनकी गेंदबाजी पर सवाल उठाया। उनका करियर मुख्य रूप से बल्लेबाजी पर आधारित था, इसलिए यह विवाद उनके भविष्य पर ज्यादा असर नहीं डाल सका।

8. बट्च व्हाइट (Butch White) – इंग्लैंड, 1960

इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज बट्च व्हाइट को 1960 में उनके संदिग्ध बॉलिंग एक्शन के लिए रिपोर्ट किया गया। तेज़ गति के चलते उनके हाथ का मूवमेंट संदेहास्पद लग रहा था। हालांकि, बाद में उन्हें गेंदबाजी करने की अनुमति मिल गई थी और उन्होंने काउंटी क्रिकेट में खेलना जारी रखा था।

7. जेफ्री ग्रिफिन (Geoffrey Griffin) – साउथ अफ्रीका, 1960

संदिग्ध बॉलिंग एक्शन के मामले में साउथ अफ्रीका के जेफ्री ग्रिफिन का मामला बहुत ही मशहूर है। उन्हें अक्सर क्रिकेट इतिहास के सबसे विवादित गेंदबाजों में गिना जाता है। 1960 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में उन्हें बार-बार नो-बॉल दी गई और उनके थ्रोइंग एक्शन पर सवाल उठे। बाद में उन पर बैन लगा दिया गया और उनका करियर समय से पहले ही खत्म हो गया।

6. हैरॉल्ड रोड्स (Harold Rhodes) – इंग्लैंड, 1960

इंग्लैंड के हैरॉल्ड रोड्स को 1960 में थ्रोइंग का आरोप लगाया गया और उनकी गेंदबाजी की भी जांच की गई। हालांकि, जांच के बाद उन्हें कुछ राहत मिली, लेकिन इस विवाद से उनके करियर को काफी नुकसान पहुंचा था।

5. टोनी लॉक (Tony Lock) – इंग्लैंड, 1953

इंग्लैंड के लेफ्ट-आर्म स्पिनर टोनी लॉक को 1953 में संदिग्ध एक्शन के लिए रिपोर्ट किया गया था। खासकर, उनकी तेज़ गेंदों में हाथ का मूवमेंट सवालों के घेरे में आया। उन्होंने बाद में अपना एक्शन सुधारा और लंबे समय तक इंग्लैंड टीम के लिए खेलते रहे।

4. क्यूअन मैकार्थी (Cuan McCarthy) – साउथ अफ्रीका, 1952

साउथ अफ्रीका के तेज़ गेंदबाज क्यूअन मैकार्थी को 1952 में उनके बॉलिंग एक्शन को लेकर रिपोर्ट किया गया था। उस समय उनकी बाउंसर गेंदबाजी में थ्रोइंग का शक हुआ था। हालांकि, विवाद के बावजूद उन्होंने कुछ समय तक खेलना जारी रखा, लेकिन उनका करियर बहुत ज्यादा लंबा नहीं रहा।

3. मधुसूदन रेगे (Madhusudan Rege) – भारत, 1951

भारत के मधुसूदन रेगे को 1951 में संदिग्ध एक्शन के लिए रिपोर्ट किया गया। उस समय भारत क्रिकेट के अपने शुरुआती दौर में था और रेगे का मामला भी काफी चर्चित रहा। हालांकि, वह आगे अपना बड़ा नाम नहीं बना पाए, लेकिन उनका नाम इतिहास में उन खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल है, जिन पर एक्शन विवाद का असर पड़ा।

2. आर्थर मोल्ड (Arthur Mold) – इंग्लैंड, 1900

इंग्लैंड के आर्थर मोल्ड का नाम क्रिकेट इतिहास के शुरुआती और सबसे बड़े एक्शन विवादों में गिना जाता है। 1900 में उन्हें थ्रोइंग का दोषी माना गया और बैन भी कर दिया गया। उनका मामला उस समय क्रिकेट जगत के लिए एक बड़ा झटका था, क्योंकि उन्होंने काउंटी क्रिकेट में काफी सफलता पाई थी।

1. अर्नी जोन्स (Ernie Jones) – ऑस्ट्रेलिया, 1898

अर्नी जोन्स पहले ऐसे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज थे, जिन पर थ्रोइंग का आरोप लगा। 1898 में उन्हें एक मैच के दौरान रिपोर्ट किया गया था और यह क्रिकेट इतिहास का पहला बड़ा बॉलिंग एक्शन विवाद बना था। इस घटना के बाद ICC और अन्य बोर्ड्स ने बॉलिंग एक्शन के नियमों पर और ध्यान देना शुरू किया था।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। नीतिश कुमार मिश्र अपने पेशेवर लेखन के जरिए पाठकों को न सिर्फ सटीक खबरें, बल्कि गहन विश्लेषण के माध्यम से खेलों को और करीब से समझने का मौका भी देते हैं।

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