जानिए एम चिन्नास्वामी का क्या है इतिहास, कैसा है पिच का मिजाज

चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी के लिहाज से काफी अच्छी है। ये ही कारण है कि इस मैदान को बल्लेबाजों का स्वर्ग कहा जात है। यहां पर अक्सर ही हाई स्कोरिंग गेम होते हैं।

भले ही आज भारत में आज कई नए व आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम बन चुके हो, लेकिन आज भी बेंगलूरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम सबसे ज्यादा लोकप्रिय मैदान है। इसका कारण इस मैदान की पिच जिसका बल्लेबाजों के लिए मददगार साबित होना है। चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी के लिहाज से काफी अच्छी है। ये ही कारण है कि इस मैदान को बल्लेबाजों का स्वर्ग कहा जात है। यहां पर अक्सर ही हाई स्कोरिंग गेम होते हैं। जिस कारण से यहां पर छक्के चौके लगाना आसान हो जाता है। गेंदबाजी के लिहाज ये मैदान अनूकूल नहीं है, लेकिन बीच के ओवर्स में स्पिन गेंदबाज खासकर लेग स्पिनर इसमें विकेट निकाल लेते हैं।

कैसी है पिच?

चिन्नास्वामी की पिच पर बल्ले से गेंद का कनेक्शन काफी अच्छा होता है, क्योंकि यहां यहां की पिच काफी फ्लैट है। पिच के प्लैट होने के साथ-साथ यहां की बाउंड्री काफी छोटी भी है। फैंस को इस मैदान में काफी चौके-छक्के देखने को मिलते हैं। पहले बल्लेबाजी करते हुए इस मैदान का एवरेज स्कोर 188.4 है। जिससे माना जा सकता है कि यहां पर हाई स्कोरिंग मैच होते हैं। यहां पर कोई भी टीम पहले फिलडिंग कर स्कोर को चेज करना पसंद करती है।

चिन्नास्वामी का इतिहास

एम चिन्नास्वामी स्टेडियम कर्नाटक राज्य के बैंगलोर शहर में स्थित है। इस स्टेडियम को कर्नाटक राज्य क्रिकेट स्टेडियम एसोसिएशन स्टेडियम के नाम से भी जाना जाता है। ये स्टेडियम साल 1969 में बना था और वर्तमान में इसकी क्षमता 40,000 दर्शकों की है। जिसका संचालन कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ करता है।

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