फर्श से अर्श तक: कहानी यशस्वी की, कुछ ऐसा रहा पानीपुरी बेचने से क्रिकेटर बनने तक का सफर

2023 का आईपीएल इस हौनहार बल्लेबाज के लिए बेहद अच्छा साल साबित हो रहा है। यशस्वी ने पहले चेन्नई सुपर किग्स के खिलाफ मात्र 62 गेंदों में 16 चौकों और 8 छक्कों की मदद से शानदार शतक लगाया।

आईपीएल भारत के युवा क्रिकेटरों के लिए खुद की काबिलियत को साबित करने के लिए एक बहुत बड़ा मंच है। जीं, हां इस बात का प्रमाण पिछले कुछ वर्षों से राजस्थान रॉयल्स के युवा ओपनर बल्लेबाज यशस्वी जयसवाल दे रहे हैं। 2023 का आईपीएल इस हौनहार बल्लेबाज के लिए बेहद अच्छा साल साबित हो रहा है। यशस्वी ने पहले चेन्नई सुपर किग्स के खिलाफ मात्र 62 गेंदों में 16 चौकों और 8 छक्कों की मदद से शानदार शतक लगाया। इस पारी में उन्होंने कुल 124 रन बनाए और अपनी इस पारी की बदौलत चेन्नई को 212 रन का लक्ष्य दिया। हांलाकि राजस्थान इस मैच को हार गई, लेकिन यशस्वी की इस पारी ने सबका दिल जीत लिया।

Jaiswal

यशस्वी की प्रेरणादायक कहानी 

यशस्वी जयसवाल उत्तर प्रदेश के भदोई के रहने वाले हैं। इनको बचपन से ही क्रिकेट से काफी लगाव था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महज 11 वर्ष की उम्र में यशस्वी अपने पिता के साथ मुंबई आ गए। इसके बाद उनके पिता ने एक तबेले में रहने का इंतजाम करवा दिया। इस दौरान यशस्वी को सुबह 5 बजे उठ कर काम करना पड़ता था और इसके बाद वो क्रिकेट की प्रैक्टिश करने के लिए आजाद मैदान पर जाते थे। इसके बाद यशस्वी के जीवन में एक बड़ी परेशानी सामने आई। दरअसल, जिस तेबेले में वो रहते थे उनके मालिक ने उनके पिता व जयसवाल को वहां से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उन्होंने फैसला किया कि वो एक क्लब के टेंट में रहेंगे। इस दौरान उन्होंने यहां पर करीब तीन साल बीताए। इस टेंट में पानी व बीजली जैसी बुनयादी सुविधाएं नहीं थी। अपनी रोजी रोटी चलाने के इस दौरान उनके पापा को पानीपुरी व चाट बेचनी पड़ी। यशस्वी जयसवाल ने विश्व की सबसे बड़ी लीग आईपीएल में खुद को स्थापित करने के लिए काफी संघर्ष किया है। आज हर कोई उनकी बल्लेबाजी का दिवाना हो रहा है और इसके पीछे की वजह उनकी कभी ना हार मानने वाली सोच व कड़ी मेहनत है। कभी मुंबई के तबेले से पानीपुरी बेचने वाले यशस्वी जयसवाल का नाम आज हर किसी की जुबान पर है।

Yashasvi Jaiswal

कोच ज्वाला सिंह ने की मदद

जब यशस्वी जयसवाल रोजाना आजाद मैदान में प्रेक्टिस के लिए जाते थे तो एक दिन उन पर आजादा मैदान के कोच ज्वाला सिंह की नजर पड़ी। इसके बाद ज्वाला सिंह को लगा कि यशस्वी में कुछ अलग है। ये ही कारण था कि उन्होंने इस युवा बल्लेबाज को क्रिकेट की किट व नए जूते दिलवाए। इसके अलावा रहने के लिए अपनी चाल में कमरा भी दिया। बाद में यशस्वी ने दादर यूनाइटेड क्लब को ज्वाइन किया और पूर्व भारतीय खिलाड़ी दिलीफ बेंगसरकर ने यशस्वी को क्लब के खिलाड़ी के तौर पर इंग्लैंड भेजा।

जैसे ही यशस्वी इंग्लैंड गए इसके बाद उन्होंन पीछे मुड़कर नहीं देखा। बाद में वे अंडर 16, 19 और 23 खेले। विजय हजारे ट्रॉफी में दोहरा शतक और अंडर 19 के में शतक लगाकर जयसवाल ने दुनिया से एक बेहतरीन क्रिकेटर के तौर पर खुद का परिचय करवाया। फिर राजस्थान रॉयल्स ने साल 2020 में 2.40 करोड़ रुपये की कीमत पर अपनी टीम का हिस्सा बनवाया। यशस्वी ने अब तक आईपीएल में कुल 32 मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 30.47 की औसत से व 144.66 के स्ट्राइक रेट से 975 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 6 अर्धशतक शामिल हैं।

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