अभिषेक शर्मा की लगातार खराब फॉर्म ने सेमीफाइनल से पहले टीम सेलेक्शन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह तो बना ली है, लेकिन टीम मैनेजमेंट के सामने एक बड़ी चिंता खड़ी हो गई है। ओपनर अभिषेक शर्मा की खराब फॉर्म लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है और इंग्लैंड के खिलाफ बड़े मुकाबले से पहले उनके सेलेक्शन पर सवाल उठने लगे हैं।
वेस्ट इंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले में भारत की जीत के बावजूद अभिषेक सिर्फ 10 रन बनाकर आउट हो गए। टूर्नामेंट में उनकी बल्लेबाजी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही है, जिसके कारण टीम कॉम्बिनेशन को लेकर बहस तेज हो गई है।
लगातार खराब प्रदर्शन से बढ़ी चिंता
25 वर्षीय बल्लेबाज ने इस टूर्नामेंट में एक अर्धशतक जरूर लगाया, लेकिन बाकी मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए। छह मैचों में उन्होंने केवल 80 रन बनाए हैं और उनका औसत 13.33 रहा है। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि वह अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में संघर्ष कर रहे हैं।
हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत ने फिलहाल दबाव कम किया है, लेकिन सेमीफाइनल जैसे बड़े मैच में टीम मैनेजमेंट जोखिम लेने से बचना चाहेगा।
अनिल कुंबले ने बताई अभिषेक के खराब फॉर्म की असली वजह
भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले का मानना है कि अभिषेक की समस्या तकनीकी नहीं बल्कि मानसिक है। उनके अनुसार बल्लेबाज आत्मविश्वास की कमी से जूझ रहा है।
कुंबले ने कहा कि अभिषेक के दिमाग में काफी उलझन है और वह दबाव से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इंग्लैंड की टीम अलग तरह की चुनौती पेश करेगी, इसलिए अभिषेक को जल्दी फॉर्म हासिल करनी होगी।
इसके बावजूद कुंबले ने साफ कहा कि नॉकआउट मुकाबले से ठीक पहले उन्हें टीम से बाहर करना सही फैसला नहीं होगा।
फाफ डु प्लेसी ने किया अभिषेक शर्मा का समर्थन
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसी ने भी अभिषेक को बाहर करने के खिलाफ राय दी। उनके अनुसार टीम की जीत ने युवा बल्लेबाज पर से दबाव कम कर दिया है।
डु प्लेसी ने कहा कि जब टीम जीत रही होती है तो खराब फॉर्म में चल रहा खिलाड़ी भी संभलने का मौका पा जाता है, लेकिन हार की स्थिति में वही खिलाड़ी सबसे ज्यादा आलोचना झेलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या अभिषेक सेमीफाइनल में वापसी कर पाते हैं और अपनी फॉर्म सुधार सकते हैं।
सेमीफाइनल से पहले टीम सेलेक्शन पर नजर
इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला नॉकआउट है और ऐसे मैचों में छोटी गलती भी भारी पड़ सकती है। इसलिए टीम मैनेजमेंट अनुभव, फॉर्म और संतुलन को ध्यान में रखकर फैसला करेगा।
हालांकि, दिग्गजों की राय यही है कि ऐसे समय पर युवा खिलाड़ी का समर्थन करना ज्यादा सही रणनीति हो सकती है, क्योंकि एक अच्छी पारी पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर बदल सकती है।
भारत अब खिताब से सिर्फ दो कदम दूर है और सेमीफाइनल में प्रदर्शन ही तय करेगा कि टीम फाइनल तक पहुंचेगी या नहीं। ऐसे में अभिषेक शर्मा की भूमिका और भी अहम हो जाती है।
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