वेस्टइंडीज टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन ने सबको प्रभावित किया।
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में वेस्टइंडीज टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनके आक्रामक खेल ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। हालांकि, भारत के खिलाफ कोलकाता में खेले गए ‘करो या मरो’ मुकाबले में 5 विकेट से हार के बाद उनका सफर समाप्त हो गया, फिर भी टीम मैनेजमेंट ने इस अभियान को सकारात्मक नजर से देखा।
वेस्टइंडीज ने ग्रुप स्टेज में लगातार चार मैच जीतकर अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शानदार शुरुआत की थी। हालांकि, सुपर 8 में दक्षिण अफ्रीका और भारत के खिलाफ हार झेलने के चलते वह सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सके।
हेड कोच डैरेन सैमी ने टीम पर जताया गर्व
2012 और 2016 में अपनी कप्तानी में वेस्टइंडीज को टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जिताने वाले वेस्टइंडीज टीम के वर्तमान हेड कोच डैरेन सैमी (Darren Sammy) ने इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के प्रदर्शन की खुलकर तारीफ की।
सैमी ने कहा, “मुझे लड़कों पर बहुत गर्व है। जिस तरह उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में हमारी योजना को अपनाया, वह शानदार था। बाहर होना निराशाजनक है, खासकर जब आपको लगता है कि आप टूर्नामेंट जीत सकते थे, लेकिन एक कोच के तौर पर मैं बहुत गर्व महसूस करता हूँ।”
भारत के खिलाफ भी हुआ कड़ा मुकाबला
कोलकाता में खेले गए मैच में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 195/4 का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। हालांकि, भारतीय बल्लेबाज संजू सैमसन (Sanju Samson) की 50 गेंदों पर नाबाद 97 रनों की पारी ने मैच का रुख बदल दिया और भारत 5 विकेट से जीत गया।
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप (Shai Hope) ने माना कि सैमसन ने बेहतरीन बल्लेबाजी की।
होप ने कहा, “उन्होंने बहुत अच्छा खेला। इस तरह की पिच पर रन बनाना आसान होता है, लेकिन वह एक क्वालिटी प्लेयर हैं और कई सालों से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि टीम अपनी योजना के अनुसार खेली, लेकिन छोटे अंतर ने मैच का फैसला कर दिया।
होप ने कहा, “क्रिकेट छोटे-छोटे पलों का खेल है। आज हम पॉवरप्ले में वैसा प्रदर्शन नहीं कर सके जैसा चाहते थे और यही फर्क बन गया।”
टूर्नामेंट में बल्लेबाजी रही सबसे बड़ी ताकत
पूरे वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया। सुपर 8 में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 254/6 का बड़ा स्कोर बनाया, जो उस समय इस टूर्नामेंट का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था, जो भारत द्वारा जिम्बाब्बे के खिलाफ 256/4 बनाने के बाद तीसरा सबसे बड़ा स्कोर हो गया। उस मैच में शिमरॉन हेटमायर (Shimron Hetmyer) ने सिर्फ 34 गेंदों पर 85 रन बनाए थे।
हेटमायर ने पूरे टूर्नामेंट में कुल 19 छक्के लगाए, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा एक ही संस्करण में सबसे ज्यादा हैं। उन्होंने इस मामले में साहिबजादा फरहान (18 छक्के) को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 2026 के इसी टी20 वर्ल्ड कप में क्रिस गेल (17 छक्के) का रिकॉर्ड तोड़ा था।
वेस्टइंडीज की गेंदबाजी ने भी चौंकाया
इस टूर्नामेंट में जहां वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी से धमाके की उम्मीद थी, वहीं गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ग्रुप स्टेज के चार मैचों में से तीन में विपक्षी टीम को 20 ओवर पूरे करने से पहले ही ऑल आउट कर दिया। इस दौरान रोमारियो शेफर्ड (Romario Shepherd) ने स्कॉटलैंड के खिलाफ हैट्रिक लेते हुए 5 विकेट हासिल किए, जो टीम के अभियान की सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक रही।
होप ने कहा, “हमारी गेंदबाजी पिछले सीरीज की तुलना में काफी बेहतर रही। खासकर पॉवरप्ले में गेंदबाजों ने शानदार काम किया।”
सिर ऊंचा करके लौटे कैरेबियाई खिलाड़ी
हालांकि, वेस्टइंडीज भले ही मेजबान भारत से हारकर खिताब की दौड़ से बाहर हो गई, लेकिन टीम ने अपने प्रदर्शन से यह संकेत जरूर दिया कि भविष्य में वह फिर से खतरनाक साबित हो सकती है।
होप ने कहा, “इस टूर्नामेंट में बहुत सारी सकारात्मक बातें हैं। खिलाड़ियों ने अपने क्षेत्र का शानदार प्रतिनिधित्व किया और हम सिर ऊंचा करके घर जा सकते हैं।”
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