ग्लोबल ई-स्पोर्ट्स के सीईओ ने इंडिया में गेमिंग के भविष्य पर जताया संदेह

ग्लोबल ई-स्पोर्ट्स के सीईओ रशींद्र सिन्हा ने हाल ही में ट्विटर पर खिलाड़ियों और फॉलोअर्स से पूछा कि क्या यह देश में मोबाइल गेमिंग की हालिया स्थिति के आलोक में बीजीएमआई या न्यू स्टेटस एस्पोर्ट्स स्क्वॉड पर लटकने लायक है।

भारत के गेमिंग व्यवसाय को बढ़ने के लिए एक वक्त उछाल की आवश्यकता थी  और मोबाइल गेमिंग ने इसे प्रदान भी किया। भारत में गेमर्स और गेमिंग के शौकीनों की इस बड़ी संख्या का श्रेय सीधे तौर पर PUBG Mobile और BGMI जैसी कंपनियों को दिया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप राष्ट्र में एक वैध Esports प्लेटफॉर्म भी स्थापित किया गया। लेकिन कुछ समय बाद ये दोनों खेल वर्तमान में वर्जित हैं। अब खिलाड़ियों के पास कुछ ही विकल्प बचे हैं। भले ही मोबाइल गेमिंग उद्योग ने दो हाई-प्रोफाइल खिताब खो दिए हों लेकिन न्यू स्टेट मोबाइल, फ्री फायर मैक्स जैसे अन्य गेम अपने खिलाड़ियों के लिए उपलब्द हैं। हालाँकि, भारतीय ई-स्पोर्ट्स समुदाय का एक प्रसिद्ध व्यक्ति अभी भी मोबाइल गेमिंग के भविष्य के बारे में अनिश्चित है।


दरअसल ग्लोबल ई-स्पोर्ट्स के सीईओ रशींद्र सिन्हा ने हाल ही में ट्विटर पर खिलाड़ियों और फॉलोअर्स से पूछा कि क्या यह देश में मोबाइल गेमिंग की हालिया स्थिति के आलोक में बीजीएमआई या न्यू स्टेटस एस्पोर्ट्स स्क्वॉड पर लटकने लायक है। उन्होंने अपनी बात को ये कह कर समाप्त किया कि उनकी राय में  यह सार्थक कदम नहीं है।


रशींद्र सिन्हा के इस ट्वीट के जवाब में एक यूजर ने उन पर आरोप लगाया कि वह नहीं चाहते कि ई-गेमिंग प्रशंसक आधार के बावजूद मोबाइल गेम भारत में लोकप्रियता हासिल करें। उस व्यक्ति ने कहा कि ऐसा लगता है सिन्हा मोबाइल गेमिंग पर वैलोरेंट का समर्थन करते हैं, क्योंकि यह वर्तमान में देश में सबसे लोकप्रिय गेम है।

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