Para Kabaddi Exhibition Match in Jaipur: जयपुर के एसएमएस इंडोर स्टेडियम में बुधवार का दिन खेलों के लिए बेहद खास रहा। यहां व्हीलिंग हैप्पीनेस फाउंडेशन और कैप्री स्पोर्ट्स फाउंडेशन के सहयोग से पैरा-कबड्डी एग्जीबिशन मैच का आयोजन किया गया, जिसकी अगुवाई पद्मश्री डॉ. दीपा मलिक ने की। यह मैच न सिर्फ खेल का रोमांच लेकर आया, बल्कि जज्बे, संघर्ष और आत्मविश्वास का जश्न भी बन गया।
पैरा-कबड्डी का बढ़ता सफर
भारत में पैरा-कबड्डी का सफर पिछले कुछ सालों में तेजी से आगे बढ़ा है। पहले पैरा खिलाड़ियों के पास सीमित विकल्प थे, लेकिन अब कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल में उनके लिए विशेष प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। कोच राजेश कुमार और डॉ. दीपा मलिक जैसे लोगों के प्रयासों से इस खेल को न सिर्फ पहचान मिली, बल्कि पैरा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका भी मिला। यह खेल अब पैरा-स्पोर्ट्स कैलेंडर का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
दो टीमों के बीच दमदार मुकाबला
एग्जीबिशन मैच में एसएमएस इंडोर स्टेडियम के मैट पर पैरा धाकड़ और पैरा वॉरियर्ज के रूप में दो टीमें उतरीं। दोनों टीमों में 12-12 खिलाड़ी थे, जिनमें हाथ और पैर से दिव्यांग खिलाड़ी, पोलियो सर्वाइवर्स और अलग-अलग चुनौतियों का सामना करने वाले खिलाड़ी शामिल थे। इस मुकाबले में पैरा-खिलाड़ियों ने जिस आत्मविश्वास और जोश के साथ खेला, उसने वहां मौजूद हर दर्शक को खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
PKL खिलाड़ियों का स्पेशल सपोर्ट
इस मौके पर प्रो कबड्डी लीग की टीम बंगाल वॉरियर्ज के खिलाड़ी भी स्टेडियम में मौजूद थे, जिन्होंने इन पैरा खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। टीम के कप्तान देवांक दलाल इस मैच से काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि यह मैच देखकर उन्हें समझ आया कि असली हीरो कौन हैं।
उन्होंने कहा, “हम छोटे-से छोटे इंजरी के बाद आराम चाहते हैं, लेकिन ये खिलाड़ी अपनी जिंदगी की बड़ी चुनौतियों के बावजूद इतनी मेहनत कर खेल रहे हैं। ये हमारे लिए मोटिवेशन हैं।”
पैरा खिलाड़ियों के लिए ऐतिहासिक पल
इस मैच को खुद पैरा खिलाड़ियों ने अपने जीवन का खास मौका बताया। वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स, नॉटविल (स्विट्जरलैंड) के 100 मीटर सिल्वर मेडलिस्ट विकास कुमार ने कहा कि पैरा-कबड्डी को यहां तक लाने के लिए कोच राजेश कुमार और डॉ. दीपा मलिक की मेहनत रही है।
उन्होंने कहा, “पहले हम पैरा-एथलेटिक्स में हिस्सा लेते थे, लेकिन अब कई खिलाड़ी पैरा-कबड्डी में भी आ रहे हैं। इतने बड़े मंच पर खेलना हमारे लिए गर्व की बात है।”
कोच राजेश कुमार का विजन
कोच राजेश कुमार, जो खुद एशियन पैरा गेम्स 2010 में मेडल जीत चुके हैं और भीम अवार्ड से सम्मानित हैं, ने कहा कि यह मौका पैरा-कबड्डी खिलाड़ियों को एक नई पहचान देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे मैच आने वाले समय में और पैरा खिलाड़ियों को मैट पर लाने के लिए प्रेरित करेंगे।
खिलाड़ियों के लिए सपनों जैसा मौका
श्रीलंका में 2021 में पैरा-कबड्डी में गोल्ड जीत चुके सचिन टंडेल के लिए भी यह दिन बेहद खास रहा।
उन्होंने कहा, “मैं 2018 से पैरा-कबड्डी खेल रहा हूं और PKL के मैट पर खेलने का मौका मिलना मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है। यह मौका हमारे पूरे पैरा खेल समुदाय के लिए गर्व का पल है।”
25 सितंबर को PKL 2025 में खेले जाएंगे दो बड़े मुकाबले
पैरा-कबड्डी एग्जीबिशन मैच के बाद 25 सितम्बर (गुरूवार) प्रो कबड्डी लीग 2025 के मुकाबलों पर भी सबकी नजरें हैं। गुरुवार, 25 सितंबर को दो बड़े मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मैच में बेंगलुरु बुल्स का सामना यूपी योद्धाज से होगा, जबकि दूसरे मुकाबले में दबंग दिल्ली केसी और यू मुम्बा आमने-सामने होंगे।
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