Paris Olympics 2024 : पेरिस ओलंपिक में बिना ट्रायल के डायरेक्ट एंट्री करेंगे 6 भारतीय पहलवान

Paris Olympics 2024 : इस बार पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए भारतीय कुस्ती संघ ट्रायल करने के मूंड में नहीं है। तभी तो इस बार 6 भारतीय पहलवानों को बिना ट्रायल के ही डायरेक्ट एंट्री देने का फैसला किया है। इस सब की जानकारी भारतीय कुस्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने दी है।

Paris Olympics 2024 : इस बार इस साल में पेरिस ओलंपिक 2024 का आयोजन होना है। और भारतीय कुस्ती दाल को भी इसमें शामिल होना है। इस बार पेरिस ओलंपिक 2024 की शुरुवात 26 जुलाई से शरू हो कर 11 अगस्त तक चलने वाली है। तभी तो अब भारतीय कुस्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह का एक बयान सामने आया है।

भारतीय कुस्ती संघ के अध्यक्ष ने अपने बयान में यहाँ पर कहा है कि इस इस बार पेरिस ओलंपिक खेलों के लिए कुस्ती वर्ग का कोई भी ट्रायल नहीं होगा। तभी तो इस बात से अब साफ हो गया है कि कोटा मिले हुए कुस्ती खिलाड़ियों को अब इस पेरिस ओलम्पिक में सीधे ही एंट्री मिल जाएगी। यहाँ पर कुछ पुराने अधिकारियों ने तो ट्रायल का नियम बनाया था।

लेकिन अब हमनें कुछ कुस्ती खिलाडियों की मांग पर ट्रायल ना करवाने का फैसला किया है। अब इन भारतीय कुस्ती के खिलाड़ियों को डायरेक्ट एंट्री मिल सकती है। अब कोटा के तहत ओलंपिक खेलों के लिए भारतीय पहलवानों में विनेश फोगाट (50 किग्रा), अंतिम पंघाल (53 किग्रा), अंशु मलिक (57 किग्रा), निशा दहिया (68 किग्रा) और रितिका हुड्डा (76 किग्रा) शामिल हैं।

वहीं अबकी बार पुरुष पहलवानों में कोटा से ओलंपिक खेलों में जाने वाले केवल एकमात्र पहलवान अमन सहरावत ही होने वाले है। अमन सहरावत कुस्ती की 57 किग्रा स्पर्धा में भाग लेंगे। क्यूंकि अमन सहरावत और निशा दहिया ने इसी साल इस्तांबुल में हुए रेसलिंग क्वालीफायर्स में अच्छा खेल दिखा कर अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर ही यह कोटा हांसिल किया था।

तभी तो इस बार ये कोटा मिलने वाले 6 पहलवान अब बिना किसी ट्रायल के ही पेरिस ओलंपिक में खेलते हुए दिखाई देंगे। तभी तो अब भारतीय कुस्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने बिना ट्रायल के ही ओलंपिक में सीधे एंट्री पर अपना जवाब दिया है और अपने बयान में कहा है कि 5 पहलवानों ने उनसे आग्रह किया था कि इस बार ट्रायल नहीं करवाए जाएं , क्यूंकि इससे इन सब पहलवानों की तैयारियों पर असर पड़ेगा।

ऐसे में हम सब पहलवानों को अपना वजन घटाना पड़ता है और इसके लिए हम सब पहलवानों का पूरा ध्यान ही ट्रायल्स पर ही चला जाता है। क्यूंकि अब पेरिस ओलंपिक खेलों में अब बहुत ही कम समय बचा है। तभी तो इस बार इस चयन समिति ने ट्रायल नहीं करवाने का फैसला लिया है। तभी तो अबकी बार ओलंपिक में केवल कोटा मिलने वाले पहलवान ही जायेंगे। क्यूंकि भारतीय कुस्ती संघ पहले भी ऐसा ही करता आया है।

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