Wednesday, March 18

हाल ही में डेविस कप में टोगो के खिलाफ भारत का प्रतिनिधित्व करने 21 वर्षीय युवा टेनिस खिलाड़ी Karan Singh का मानना है कि भारत में सिंगल्स में भी उतनी ही क्षमता है, जितनी कि डबल्स में है।

दरअसल, पिछले कुछ सालों में भारत में टेनिस को डबल्स एक्सपर्ट देश के रूप में जाना जाने लगा है। यह बात टोगो के एकमात्र रैंकिंग वाले खिलाड़ी थॉमस सेटोडजी ने हाल ही में दिल्ली में डेविस कप की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही थी।

सेटोडजी ने भारतीय डबल्स टीम के खिलाफ मैच की चुनौती को स्वीकारते हुए यह कहा कि भारत को डबल्स में विशेषज्ञता हासिल है और यही वजह है कि टोगो के लिए यह मुकाबला कठिन होगा। भारत ने अब तक डबल्स में 33 ग्रैंड स्लैम जीते हैं। लिएंडर पेस, महेश भूपति, सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्ना जैसे दिग्गजों ने यह खिताब जीते हैं।

Karan Singh Aims to Prove India Can Produce Top Singles Players
Karan Singh Aims to Prove India Can Produce Top Singles Players

हालांकि, भारतीय टेनिस का इतिहास इससे कहीं अधिक समृद्ध है। पेस और मिर्जा से पहले, विजय अमृतराज और रमेश कृष्णन जैसे खिलाड़ियों ने सिंगल्स में भारतीय टेनिस की पहचान बनाई थी।

अमृतराज ने चार ग्रैंड स्लैम क्वार्टरफाइनल खेले और कृष्णन ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सिंगल्स खिताब जीते। इसके अलावा, भारत का एकमात्र ओलंपिक मेडल भी सिंगल्स में ही आया था, जब पेस ने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

लेकिन समय के साथ भारतीय टेनिस में सिंगल्स खिलाड़ियों की संख्या कम होती गई और डबल्स में अधिकतर सफलता की वजह से भारत को एक डबल्स एक्सपर्ट देश के रूप में देखा जाने लगा। इस बदलाव ने भारतीय टेनिस को एक नई दिशा दी, लेकिन इस दौरान सिंगल्स में अच्छे खिलाड़ियों की कमी ने भारतीय टेनिस को भी चुनौती दी है।

Karan Singh Aims to Prove India Can Produce Top Singles Players
Karan Singh Aims to Prove India Can Produce Top Singles Players

इस सब के बीच, 21 वर्षीय युवा खिलाड़ी करण सिंह ने खुद को सिंगल्स में सफल होने के लिए तैयार किया है। उनका मानना है कि भारत में सिंगल्स में भी उतनी ही क्षमता है जितनी कि डबल्स में है।

उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि, “हम भारतीय खिलाड़ियों को यह दिखाना चाहते हैं कि हम डबल्स के अलावा सिंगल्स में भी सफलता पा सकते हैं।”

करण सिंह को डबल्स में कुछ सफलता मिली है, लेकिन वह खुद को एक सिंगल्स खिलाड़ी मानते हैं। 2024 में उन्होंने ब्राजविले चैलेंजर में फ्लोरेंट बैक्स के साथ एटीपी चैलेंजर डबल्स खिताब जीता था।

Karan Singh Aims to Prove India Can Produce Top Singles Players
Karan Singh Aims to Prove India Can Produce Top Singles Players

उन्होंने कहा, “मैं डबल्स तो कभी-कभी खेलता हूं, लेकिन मेरा मुख्य ध्यान सिंगल्स पर है। मैं सिंगल्स [प्लेयर] ही बनना चाहता हूं, यही मेरा सपना है।”

करण ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि नेशनल टेनिस सेंटर (NTC) में बिताया समय उनके लिए बहुत फायदेमंद था, लेकिन अफसोस की बात है कि पिछले साल इसे बंद कर दिया गया।

उन्होंने कहा, “NTC में रहकर मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला, लेकिन अब वह सेंटर नहीं है। यह हमारे देश के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। मुझे उम्मीद है कि भविष्य में इस तरह के प्रोग्राम फिर से शुरू होंगे।”

डेविस कप के लिए अपनी तैयारियों के बारे में बात करते हुए, करण ने कहा, “हमने अपनी तैयारी अच्छे से की है और हम सभी काफी उत्साहित हैं। हमें गर्व है कि हम अपने देश के लिए खेल रहे हैं और हम अपनी पूरी ताकत के साथ प्रदर्शन करेंगे।”

करण सिंह का अप्रोच भारतीय टेनिस के लिए एक नई उम्मीद का प्रतीक है। उनका मानना है कि आने वाले समय में भारतीय टेनिस में सिंगल्स खिलाड़ियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो सकती है और वह खुद इस बदलाव का हिस्सा बनना चाहते हैं।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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