Ashes 2025-26 में सिडनी टेस्ट से लेकर पूरी सीरीज तक ऐसे रिकॉर्ड बने, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया की 4-1 जीत को ऐतिहासिक बना दिया।
Ashes 2025-26 का सिडनी टेस्ट सिर्फ एक मुकाबला नहीं था, बल्कि यह आंकड़ों और रिकॉर्ड्स का ऐसा संगम बना, जिसने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में खास जगह बना ली। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए इस मुकाबले में रन, विकेट और नतीजे हर स्तर पर चर्चा का विषय बने।
पूरी Ashes सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने 4-1 से जीत दर्ज की और इसके साथ ही कई व्यक्तिगत और टीम रिकॉर्ड टूटे। मिचेल स्टार्क और ट्रेविस हेड जैसे खिलाड़ियों ने ऐसे कारनामे किए, जिनकी तुलना दशकों पुराने रिकॉर्ड्स से होने लगी।
सिडनी टेस्ट का ऐतिहासिक रन फेस्ट
सिडनी में खेले गए पांचवें टेस्ट में कुल 1454 रन बने। यह 1948 के बाद किसी Ashes टेस्ट में सबसे बड़ा रन एग्रीगेट रहा। इससे पहले 1948 में हेडिंग्ले टेस्ट में इससे ज्यादा रन बने थे। यह मैच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए यादगार रहा।
इंग्लैंड ने इस टेस्ट में कुल 726 रन बनाए, लेकिन इसके बावजूद उसे हार का सामना करना पड़ा। 1948 के बाद यह पहला मौका था, जब Ashes में हारने वाली टीम ने इतने रन बनाए। इससे पहले केवल 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ हेडिंग्ले टेस्ट में इंग्लैंड ने 748 रन बनाकर मैच गंवाया था।
दो 150+ पारियों के बावजूद हार
इस टेस्ट में इंग्लैंड के दो बल्लेबाजों ने 150 से ज्यादा रन बनाए। इसके बावजूद टीम को हार मिली। टेस्ट इतिहास में यह आठवां मौका था जब किसी टीम को दो 150+ पारियों के बावजूद हार झेलनी पड़ी। खास बात यह रही कि पहले सातों मामलों में दोनों 150+ स्कोर एक ही पारी में आए थे, जबकि सिडनी टेस्ट में ऐसा नहीं हुआ।
Ashes में रन चेज का अनोखा ट्रेंड
Ashes 2025-26 में कुल चार सफल रन चेज देखने को मिले। इनमें से तीन बार ऑस्ट्रेलिया और एक बार इंग्लैंड ने लक्ष्य हासिल किया। टेस्ट सीरीज में चार सफल रन चेज इससे पहले सिर्फ दो बार हुए थे। 1951-52 में ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज और 1958-59 की Ashes सीरीज में ऐसा हुआ था।
टीमों द्वारा दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते हुए चार जीत किसी भी टेस्ट सीरीज में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले भारत ने 2013 की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 4-0 से जीत दर्ज की थी, जहां सभी मैच दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते हुए जीते गए थे।
मिचेल स्टार्क का ऐतिहासिक प्रदर्शन
Mitchell Starc ने इस Ashes सीरीज में कुल 31 विकेट लिए। वह 2013-14 में मिचेल जॉनसन के बाद Ashes की एक सीरीज में 30 से ज्यादा विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने। स्टार्क ने इनमें से चार विकेट पारी की पहली ही ओवर में लिए।
स्टार्क ने इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ भी एक सीरीज में पहली ओवर में चार विकेट लिए थे। टेस्ट इतिहास में पहली ओवर में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड रे लिंडवाल के नाम है, जिन्होंने 1947-48 में भारत के खिलाफ पांच विकेट लिए थे।
स्टार्क के टेस्ट करियर में अब 433 विकेट हो चुके हैं। वह बाएं हाथ के गेंदबाजों में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में रंगना हेराथ के बराबर पहुंच गए हैं।
बॉथम के 40 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी
1985 के बाद पहली बार किसी खिलाड़ी ने टेस्ट सीरीज में 30 से ज्यादा विकेट लेने के साथ दो या उससे ज्यादा 50+ स्कोर बनाए। यह कारनामा स्टार्क से पहले 1985 की Ashes में इयान बॉथम ने किया था। पांच या उससे कम मैचों की टेस्ट सीरीज में ऐसा सिर्फ चार अन्य खिलाड़ी ही कर पाए हैं।
ट्रेविस हेड का 600 रन वाला कमाल
Travis Head ने इस Ashes सीरीज में कुल 629 रन बनाए। वह 2019 में इंग्लैंड में स्टीव स्मिथ के बाद Ashes की एक सीरीज में 600 से ज्यादा रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने।
हेड घरेलू Ashes सीरीज में 600+ रन बनाने वाले भी पहले ऑस्ट्रेलियाई बने, जब से स्टीव स्मिथ ने 2017-18 में यह कारनामा किया था।
ओपनर के रूप में हेड का रिकॉर्ड
हेड ने ओपनर के तौर पर इस सीरीज में 608 रन बनाए। वह 1994-95 में माइकल स्लेटर के 623 रन के बाद किसी Ashes सीरीज में 600+ रन बनाने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई ओपनर बने।
पूरी Ashes इतिहास में ओपनर के रूप में 600+ रन आखिरी बार 2010-11 में एलिस्टर कुक ने बनाए थे, जब उन्होंने सात पारियों में 766 रन बनाए थे।
इंग्लैंड के नए और अनोखे रिकॉर्ड
इंग्लैंड के पांच बल्लेबाज ऐसे रहे हैं, जिन्होंने पुरुष टेस्ट में अपना पहला फर्स्ट क्लास शतक बनाया। इनमें से चार बल्लेबाज नंबर 7 या उससे नीचे बल्लेबाजी कर रहे थे। बिली ग्रिफिथ एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने ओपनिंग करते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
बेटेल ऐसे पांचवें खिलाड़ी बने, जिनका पहला फर्स्ट क्लास और लिस्ट ए शतक दोनों इंटरनेशनल मैचों में आया। उनसे पहले यह उपलब्धि कपिल देव, मार्लन सैमुअल्स, मेहदी हसन मिराज और कर्टिस कैम्फर ने हासिल की थी।
जो रूट के लिए ऑस्ट्रेलिया बना मुश्किल देश
Joe Root अब ऑस्ट्रेलिया में 16 टेस्ट हार का हिस्सा बन चुके हैं। यह किसी भी खिलाड़ी द्वारा किसी एक विदेशी देश में झेली गई सबसे ज्यादा टेस्ट हार है। कुल मिलाकर रूट अब तक 64 टेस्ट हार का हिस्सा रहे हैं, जो इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।
Ashes 2025-26 सिर्फ ऑस्ट्रेलिया की 4-1 की जीत तक सीमित नहीं रही। इस सीरीज ने रन, विकेट, चेज और व्यक्तिगत उपलब्धियों के ऐसे रिकॉर्ड दिए, जो आने वाले कई सालों तक चर्चा में रहेंगे। सिडनी टेस्ट से लेकर पूरी सीरीज तक हर आंकड़ा इस बात की गवाही देता है कि यह Ashes इतिहास की सबसे यादगार सीरीज में से एक रही।
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