IPL 2025: Shah Rukh Khan had a heated argument with Punjab Kings Owner Ness Wadia in BCCI Meeting
आईपीएल 2025 (IPL 2025) के मेगा ऑक्शन सहित कई अहम मुद्दों को लेकर बीसीसीआई और सभी फ्रेंचाइजी के मालिकों के बीच एक मीटिंग बुधवार (31 जुलाई) को आयोजित की गई। इस मीटिंग में आगामी सीजन के लिए मेगा ऑक्शन से पहले खिलाड़ियों के रिटेंशन, पर्स लिमिट और इम्पैक्ट प्लेयर नियम सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जानी थी।

हालाँकि, मीटिंग के दौरान कई अलग-अलग मुद्दों पर फ्रेंचाइजी के मालिकों ने अपनी राय राखी, लेकिन एक रिपोर्ट के जरिए यह खुलासा हुआ है कि कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के मालिक शाहरुख खान और पंजाब किंग्स के सह-मालिक नेस वाडिया (Ness Wadia) के बीच प्लेयर रिटेंशन के मुद्दे पर तीखी बहस हुई।
जानिए क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट्स की मानें तो, कई सारी फ्रेंचाइजी आईपीएल 2025 में मेगा ऑक्शन होने के पक्ष में नहीं हैं और यदि ऐसा होता है तो वह मिनी ऑक्शन की तरह अधिक से अधिक संख्या में खिलाड़ियों को रिटेन करना चाहती हैं। 3 बार की आईपीएल चैम्पियन टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) के सह-मालिक शाहरुख़ खान भी चाहते थे कि, फ्रेंचाइजियों को अधिक से अधिक खिलाड़ियों को रिटेन करने का मौका मिले और यह बात पंजाब किंग्स के सह-मालिक नेस वाडिया को पसंद नहीं आई।
वाडिया ने इस मुद्दे पर शाहरुख़ का विरोध किया, जिस पर दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई। दरअसल, आईपीएल 2024 के चैम्पियन केकेआर के पास एक अच्छा स्क्वाड है, इसीलिए वह किसी भी हाल में अपने खिलाड़ियों को खोना नहीं चाहते हैं। यदि मेगा ऑक्शन होता है और कम खिलाड़ियों को रिटेन करने का नियम बनता है, तो इससे उनके अच्छे खिलाड़ी छूट जाएंगे।
दूसरी ओर, पंजाब किंग्स पिछले सीजन भी कुछ ख़ास प्रदर्शन नहीं कर सकी थी, जिसके चलते वह एक अच्छी टीम तैयार करना चाहते हैं, इसके लिए मेगा ऑक्शन में अधिक से अधिक अच्छे खिलाड़ियों का मेगा ऑक्शन में आना जरुरी है। इसीलिए, इस मुद्दे पर दोनों टीम के मालिकों के बीच बहस हुई।

मीटिंग में तय नहीं हो पाई है रिटेंशन की संख्या
बीसीसीआई और फ्रेंचाइजी के मालिकों के बीच हुई मीटिंग का कुछ ख़ास निष्कर्ष नहीं निकल पाया। इस मीटिंग में ना तो खिलाड़ियों के रिटेंशन की संख्या तय हुई और ना ही मेगा ऑक्शन और पर्स लिमिट बढ़ने को लेकर कोई बात बन सकी। हालाँकि, बीसीसीआई की और से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि, इस मीटिंग में फ्रेंचाइजी के मालिकों ने जो भी सुझाव दिए हैं, उनको आईपीएल की गवर्निंग काउन्सिल के पास रखा जाएगा। इसके बाद ही सभी मुद्दों पर कोई फैसला लिया जाएगा।







