रोहित शर्मा भारत के ही नहीं बल्कि दुनिया के व्हाइट बॉल के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से हैं और आँकड़े भी इस बात की गवाही देते हैं। बतौर ओपनर उनके नंबर काफी शानदार हैं। रो जब लय में होते हैं तो बड़े से बड़ा गेंदबाज़ भी उनके सामने गेंदबाज़ी करने से डरता है।
इतने लंबे करियर के दौरान रोहित ने अपने खेल को काफी बदला है। पहले वो धीमी शुरुआत किया करते थे लेकिन अब वो काफी तेज़ गति से बल्लेबाज़ी करते हैं और कुछ ही ओवरों में मैच को दूसरी टीम से छीन लेते हैं।
जब वो धीमी शुरुआत भी करते हैं तो वो गेंदों को काफी अच्छे से देखकर छोड़ते हैं। उनको गेंद मिस कराना काफी मुश्किल होता है। हालाँकि डेल स्टेन ने इस धाकड़ बल्लेबाज़ को अपने इशारों पर नचाया था और वो उनकी गेंदें छू भी नहीं पा रहे थे। तो चलिए जानते हैं इस मुकाबले के बारे में।
स्टेन की 16वीं गेंद में बल्ला लगाने में सफल हुए रोहित

दरअसल साल 2013 में भारतीय टीम साउथ अफ्रीका के दौरे पर थी। तब वांडरर्स स्टेडियम में खेले गए पहले मुकाबले में स्टेन ने घातक गेंदबाज़ी की थी और बताया था कि क्यों उन्हें इतना ख़तरनाक गेंदबाज़ माना जाता था। डेल ने रोहित को शुरुआती ओवरों में लगातार गेंदें डॉट कराई थीं। गेंद डॉट कराना दिक्कत नहीं बल्कि वो लगातार बीट भी हो रहे थे।
जब लगातार रोहित उनकी गेंद पर बच रहे थे तब स्टेन ने उनसे बल्ला लगाने को कहा और 15 गेंदें बीट होने के बाद वो 16वीं गेंद में बल्ला लगाने में सफल हुए। उस गेंद को उन्होंने हल्के हाथों से पॉइंट्स की तरफ खेला। पहली गेंद कनेक्ट करने के बाद क्राउड ने उनके लिए तालियाँ बजाई थीं।
43 गेंदों में मात्र 16 रन बनाकर आउट हुए रोहित
उस मैच में शर्मा बिल्कुल भी लय में नहीं दिख रहे थे, वो भी तब जब उन्होंने कुछ दिन पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दोहरा शतक लगाया था। उनका संघर्ष इस मुकाबले में लगातार जारी रहा और डेविड मिलर के हाथों रनआउट होकर वो 43 गेंदों में 16 रन बनाकर पवेलियन लौटे। 359 रनों का पीछा करने उतरी इंडिया की शुरुआत ख़राब रही और स्टेन ने लगातार 4 ओवर उनको अपने इशारों पर नचाया था।
डिकॉक के शतक के चलते अफ्रीका ने बनाए 358 रन
साउथ अफ्रीका ने इस मैच में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए, युवा बल्लेबाज़ क्विंटन डिकॉक ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए शतक लगाया था। उन्होंने 121 गेंदों में तेज़तर्रार 135 रन बनाए। हाशिम अमला ने भी उनका बखूबी साथ निभाया था। अंत में कप्तान एबी डिविलियर्स और जेपी ड्यूमिनी ने मिलकर तेजी से अर्धशतक लगाते हुए अफ्रीका के स्कोर को 358 तक पहुँचा दिया।
बड़े अंतर से मिली टीम इंडिया को हार
इसके जवाब में भारतीय टीम की शुरुआत काफी ख़राब रही। रोहित एक तरफ से स्टेन की क्लास गेंदबाज़ी के सामने फँस गए थे और लगातार रन रेट बढ़ता जा रहा था और उस चक्कर में दूसरी छोर पर बल्लेबाज़ों पर प्रेशर बढ़ता जा रहा था और वो जोखिम लेने के प्रयास में अपना विकेट गंवा दे रहे थे।
कप्तान धोनी के अर्धशतक के चलते टीम इंडिया 217 रनों तक पहुँचने में सफल हुई। इस मैच में भारत को 141 रनों की बड़ी हार का सामना करना पड़ा।








