Wednesday, March 11

टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद ट्रॉफी मंदिर ले जाने पर उठे विवाद के बीच गौतम गंभीर ने कीर्ति आजाद को करारा जवाब दिया।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम देशभर में जश्न मना रही है। हालांकि, इस ऐतिहासिक जीत के बाद ट्रॉफी को मंदिर ले जाने को लेकर एक राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है।

पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद (Kirti Azad) की टिप्पणी के बाद यह मामला चर्चा में आया, जिस पर अब भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

ट्रॉफी मंदिर ले जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता।

इस जीत के बाद गौतम गंभीर, कप्तान सूर्यकुमार यादव और आईसीसी चेयरमैन जय शाह ट्रॉफी के साथ अहमदाबाद के एक हनुमान मंदिर पहुंचे और वहां पूजा-अर्चना की।

इसके बाद कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कदम की आलोचना की और सवाल उठाया कि ट्रॉफी को सिर्फ मंदिर ही क्यों ले जाया गया।

गौतम गंभीर का करारा जवाब

इस विवाद पर एएनआई के पॉडकास्ट में बात करते हुए गौतम गंभीर ने कहा कि इस तरह के बयानों को ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस समय पूरे देश को टीम की जीत का जश्न मनाना चाहिए।

गौतम गंभीर ने कहा, “मैं इस पर क्या कहूं। मुझे लगता है कि यह सवाल जवाब देने के लायक भी नहीं है। यह पूरे देश के लिए बहुत बड़ा पल है और हमें इस वर्ल्ड कप जीत का जश्न मनाना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “कुछ बयानों को उठाने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि वे आपकी उपलब्धियों को कम कर देते हैं। अगर कोई उन 15 खिलाड़ियों की मेहनत को कमतर दिखाना चाहता है, तो कल कोई भी उठकर कुछ भी कह सकता है।”

गंभीर ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में भारी दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया और उनकी मेहनत का सम्मान होना चाहिए।

कीर्ति आजाद ने भी दिया जवाब

गौतम गंभीर के बयान के बाद कीर्ति आजाद ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि खिलाड़ियों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन सभी धर्मों का भी समान सम्मान जरूरी है।

कीर्ति आजाद ने कहा, “हाँ, खिलाड़ियों को अपमानित नहीं किया जाना चाहिए। खिलाड़ियों को भी अपनी स्थिति को ऐसा नहीं बनाना चाहिए। हमारा देश लोकतांत्रिक है जहां सभी धर्मों के लोग रहते हैं और सभी का सम्मान होना चाहिए।”

हरभजन सिंह ने भी की आलोचना

इस विवाद में पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) भी सामने आए और उन्होंने कीर्ति आजाद की टिप्पणी की आलोचना की।

हरभजन सिंह ने कहा, “वह जो कर रहे हैं, वह पूरी तरह गलत है। यह राष्ट्रीय जश्न का पल है और इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। भारतीय टीम ट्रॉफी को मंदिर, मस्जिद, चर्च कहीं भी ले जा सकती है। अगर उन्होंने भगवान से कुछ मांगा था और सफलता मिलने के बाद आस्था जताई है, तो इसमें समस्या क्या है?”

उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियों की आस्था पर सवाल उठाना सही नहीं है।

ईशान किशन ने भी टाला विवाद

इस मामले में जब पत्रकारों ने भारतीय बल्लेबाज ईशान किशन (Ishan Kishan) से सवाल किया तो उन्होंने इस विवाद पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा, “कुछ और पूछिए।” किशन ने साफ किया कि इस समय टीम के प्रदर्शन और जीत पर ही ध्यान देना चाहिए।

भारत ने शानदार प्रदर्शन कर जीता खिताब

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। सुपर आठ चरण में दक्षिण अफ्रीका से हारने के बाद टीम ने जोरदार वापसी की।

भारत ने जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां इंग्लैंड को हराया गया। इसके बाद फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर भारत ने तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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