IND vs SA सुपर 8 मैच में भारत को 76 रनों से हार का सामना करना पड़ा, जो T20I क्रिकेट में उनकी सबसे बड़ी हार रही।
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 चरण में भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों से करारी हार झेलनी पड़ी। अहमदाबाद में खेले गए इस मुकाबले में टीम इंडिया हर विभाग में पिछड़ी नजर आई और मैच एकतरफा बन गया।
साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 187/7 का बड़ा स्कोर बनाया, जिसके जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर ऑल आउट हो गई। इस हार ने न सिर्फ भारत की स्थिति मुश्किल कर दी है, बल्कि नेट रन रेट पर भी भारी असर डाला है।
इन 3 बड़े कारणों से सुपर 8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका के खिलाफ हारी टीम इंडिया
1. टॉप ऑर्डर की पूरी तरह नाकामी
भारत की हार की सबसे बड़ी वजह टॉप ऑर्डर का पूरी तरह फ्लॉप होना रहा। ईशान किशन (4 गेंदों में 0 रन), अभिषेक शर्मा (12 गेंदों में 15 रन) और तिलक वर्मा (2 गेंदों में 1 रन) जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई।
पॉवरप्ले के अंदर ही तीन विकेट गिरने के बाद रन चेज मुश्किल हो गया। टी20 क्रिकेट में तेज शुरुआत बेहद जरूरी होती है, लेकिन भारत शुरुआत से ही मैच से बाहर होता गया। शुरुआती झटकों ने मिडिल ऑर्डर पर भारी दबाव डाल दिया।
2. स्पिनरों का और डेथ ओवरो में खराब गेंदबाजी प्रदर्शन
इस मुकाबले में भारत ने शुरुआती ओवरों में साउथ अफ्रीका के तीन विकेट जल्दी निकाल लिए थे, लेकिन इसके बाद गेंदबाजी पूरी तरह बिखर गई। डेविड मिलर (35 गेंदों में 63 रन) और डेवाल्ड ब्रेविस (29 गेंदों में 45 रन) ने मैच का रुख पलट दिया।
मिडिल ओवरों में भारतीय स्पिन गेंदबाज रन रोकने में असफल रहे, जिससे विपक्षी टीम ने तेजी से रन बनाए। वरुण चक्रवर्ती (4 ओवर में 47 रन) और हार्दिक पांड्या (4 ओवर में 45 रन) महंगे साबित हुए।
डेथ ओवरों में भी नियंत्रण नहीं रहा और साउथ अफ्रीका 180 से ज्यादा का स्कोर बनाने में सफल रहा, जो इस पिच पर काफी चुनौतीपूर्ण था।
3. मिडिल ऑर्डर की धीमी बल्लेबाजी और खराब अप्रोच
लक्ष्य का पीछा करते समय भारत को तेज रन गति की जरूरत थी, लेकिन मिडिल ऑर्डर ने शुरुआत धीमी की। सूर्यकुमार यादव (22 गेंदों में 18 रन), वॉशिंगटन सुंदर (11 गेंदों में 11 रन) और हार्दिक पांड्या (17 गेंदों में 18 रन) अपेक्षित स्ट्राइक रेट से रन नहीं बना सके।
शिवम दुबे (37 गेंदों में 42 रन) ने कुछ देर तक संघर्ष किया, लेकिन तब तक मैच काफी दूर निकल चुका था। बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय आक्रामक बल्लेबाजी जरूरी होती है, लेकिन भारतीय बल्लेबाज लंबे समय तक सेट होने की कोशिश करते रहे।
लगातार विकेट गिरने और रन गति बढ़ाने में असफल रहने के कारण टीम पूरी तरह दबाव में आ गई और अंततः 76 रनों से हार का सामना करना पड़ा।
यह हार भारत के लिए चेतावनी भी है, क्योंकि सुपर 8 में अब हर मैच करो या मरो जैसा बन गया है। यदि टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचना है तो अगले मुकाबलों में हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
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