T20 वर्ल्ड कप में 200 से ऊपर के लक्ष्य भी कई बार सुरक्षित नहीं रहे और बल्लेबाजों ने बड़े मंच पर इतिहास रच दिया।
T20 वर्ल्ड कप में जब स्कोर 190 या 200 के पार चला जाता है तो आम तौर पर माना जाता है कि मैच लगभग तय हो गया है। लेकिन इस टूर्नामेंट ने कई बार यह धारणा तोड़ी है। बड़े मंच पर, दबाव के बीच, बल्लेबाजों ने असंभव लगने वाले लक्ष्यों को हासिल करके मैच की दिशा बदल दी।
इन मुकाबलों में सिर्फ रन नहीं बने, बल्कि हालात के खिलाफ खेलकर जीत दर्ज की गई। कहीं सेमीफाइनल का दबाव था, कहीं टूर्नामेंट का पहला मैच, और कहीं 230 जैसा विशाल लक्ष्य। आइए विस्तार से समझते हैं इन पांच ऐतिहासिक चेज की कहानी।
ये हैं T20 वर्ल्ड कप इतिहास के पांच सबसे बड़े सफल रन चेज
1. 230 – इंग्लैंड (230/8) vs दक्षिण अफ्रीका (229/4), मुंबई (वानखेड़े), 2016
T20 वर्ल्ड कप 2016 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए एक मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 229 रन बनाए थे। हाशिम अमला और क्विंटन डि कॉक ने तेज शुरुआत दी। पॉवरप्ले में ही रन तेजी से आए और बाद में जेपी डुमिनी तथा डेविड मिलर ने आखिरी ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी की।
T20 वर्ल्ड कप में 230 रनों का लक्ष्य हासिल करना लगभग असंभव माना जा रहा था, लेकिन इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। जेसन रॉय और एलेक्स हेल्स ने तेज रन जोड़े। इसके बाद जो रूट ने 83 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। यह मुकाबला आखिरी ओवर तक गया और इंग्लैंड ने 19.4 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया। यह आज भी T20 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज है।
2. 206 – दक्षिण अफ्रीका (208/2) vs वेस्ट इंडीज (205/6), जोहान्सबर्ग, 2007
पहले T20 वर्ल्ड कप के उद्घाटन मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 205 रन बनाए। क्रिस गेल ने 57 गेंदों पर 117 रन की विस्फोटक पारी खेली। उस समय T20 क्रिकेट नया था और 200 से ऊपर का स्कोर बहुत बड़ा माना जाता था।
लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। ग्रेम स्मिथ ने मजबूत शुरुआत की। हर्शल गिब्स ने 90 रन की शानदार पारी खेली और जस्टिन केम्प ने तेजी से रन जोड़े। टीम ने 17.4 ओवर में 208 रन बनाकर मैच जीत लिया। उस दौर में यह चेज अविश्वसनीय माना गया और इसने T20 क्रिकेट की धारणा बदल दी।
3. 195 – USA (197/3) vs कनाडा (194/5), डलास, 2024
2024 के T20 वर्ल्ड कप में USA ने अपने घरेलू मैदान पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। डलास में खेले गए ग्रुप स्टेज के एक मुकाबले में कनाडा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 194 रन बनाए। नवनीत धालीवाल और निकोलस किर्टन ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
हालांकि, यूएसए के लिए 195 रनों का लक्ष्य बिल्कुल भी आसान नहीं था। शुरुआत में विकेट गिरा, लेकिन आरोन जोन्स ने पारी को संभाल लिया। उन्होंने 40 गेंदों पर 94 रन बनाए और कई बड़े छक्के लगाए। एंड्रीस गाउस ने भी अहम योगदान दिया और टीम ने 17.4 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया। यह जीत यूएसए क्रिकेट इतिहास का बड़ा पल बन गई।
4. 193 – वेस्टइंडीज (196/3) vs भारत (192/2), मुंबई वानखेड़े, 2016 सेमीफाइनल
किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट में सेमीफाइनल का मुकाबला हमेशा दबाव से भरा होता है, ऐसा ही कुछ 2016 के भारत बनाम वेस्टइंडीज के सेमीफाइनल मुकाबले में देखने को मिला। इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 192 रन बनाए थे। रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे ने टीम को अच्छी शुरुआत दी। विराट कोहली ने 89 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
193 रनों का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की शुरुआत खराब रही और टीम ने जल्दी दो विकेट गंवा दिए। लेकिन जॉनसन चार्ल्स और लेंडल सिमंस ने पारी को संभाला। अंत में आंद्रे रसेल ने तेज रन बनाकर मैच खत्म किया। वेस्ट इंडीज ने 19.4 ओवरों में 196 रन बनाकर फाइनल में जगह बनाई। नॉकआउट मुकाबले में यह चेज बेहद खास माना जाता है।
5. 192 – ऑस्ट्रेलिया (197/7) vs पाकिस्तान (191/6), ग्रोस आइलेट सेंट लूसिया, 2010 सेमीफाइनल
T20 वर्ल्ड कप 2010 के सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने 191 रन बनाए थे। कामरान अकमल और उमर अकमल ने अहम पारियां खेलीं। लक्ष्य 192 रन का था और मुकाबला अंत तक रोमांचक बना रहा।
ऑस्ट्रेलिया की पारी में लगातार विकेट गिरते रहे और आखिरी ओवरों में मैच पाकिस्तान की ओर झुकता दिख रहा था। तभी माइकल हसी ने 24 गेंदों पर 60 रन की धमाकेदार पारी खेली। आखिरी ओवरों में लगातार बड़े शॉट्स ने मैच पलट दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 19.5 ओवरों में 197 रन बनाकर फाइनल में जगह बना ली।
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