“द मदर ऑफ ऑल राइवलरी” भारत और पाकिस्तान एक बार फिर से भिड़ने को तैयार है। इस बार मुकाबला टी20 वर्ल्ड कप के दौरान कोलंबो में खेला जाएगा। 15 फरवरी को होने वाले मैच से पहले न सिर्फ क्रिकेट के सभी फैंस एक्साइटेड हैं बल्कि खिलाड़ियों में भी जोश देखने को मिल रहा हैं।
जब भी दोनों टीमें मैदान पर आमने सामने आई है तो काफी यादगार मुकाबले देखने को मिले हैं। तो चलिए जानते हैं भारत और पाकिस्तान के बीच हुए 5 यादगार मुकाबलों के बारे में?
भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए टॉप 5 यादगार टी20 मुकाबले

भारत बनाम पाकिस्तान, जोहान्सबर्ग, टी20 वर्ल्ड कप 2007
साल 2007 में टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन साउथ अफ्रीका में हुआ था। बीसीसीआई अपनी टीम भेजने को राजी नहीं थी क्योंकि वो इस फॉर्मेट को सीरियस नहीं ले रही थी लेकिन सभी बोर्ड के दबाव के कारण उन्होंने एमएस धोनी के नेतृत्व में युवा टीम भेजी।
उसी साल टीम इंडिया वेस्टइंडीज में हुए वर्ल्ड कप के पहले राउंड से ही बाहर हो गई थी। इसलिए इस टीम से कुछ खास उम्मीद नहीं थी लेकिन जैसे धोनी ने अपने करियर में हर बार सभी को गलत साबित किया है। इस बार भी उनकी कप्तानी में टीम फाइनल में पहुंची और सामना हुआ चीर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से।
इस टूर्नामेंट में दोनों टीमें इससे पहले भी आमने सामने आ चुकी थी तब इंडिया ने बॉल आउट में बाजी मारी थी लेकिन यह फाइनल मुकाबला था और इसमें दांव पर न सिर्फ ट्रॉफी बल्कि इज्जत भी लगी हुई थी।
टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया। गौतम गंभीर की शानदार 75 रनों की पारी और अंत में रोहित शर्मा के तेज तर्रार 30 रनों की बदौलत 157 रन बोर्ड पर लगाए।
भारतीय गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत की और लगातार अंतराल में पाकिस्तान के विकेट गिराते रहे लेकिन मिस्बाह उल हक एक छोर पर खड़े हो गए और वो बाउंड्री मारकर रिक्वायर्ड रन रेट को न सिर्फ नीचे ल रहे थे बल्कि टीम इंडिया के हाथों से मुकाबले को छीन रहे थे।
आखिरी ओवर में जीत के लिए 13 रन चाहिए थे और धोनी ने हमेशा की तरह इस बार भी सभी को चौंकाते हुए हरभजन सिंह की जगह जोगिंदर को गेंदबाजी थमा दी और आखिरी में उनका फैसला सही साबित हुआ। टीम इंडिया ने 5 रनों से मैच जीतने के साथ साथ पहला खिताब भी अपने नाम कर लिया।
2. भारत बनाम पाकिस्तान, अहमदाबाद, 2012
मुंबई हमले के बाद एक बार फिर से भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट की शुरुआत हुई थी। साल 2012 में दोनों देशों के बीच 2 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम (तब सरदार वल्लभ भाई पटेल स्टेडियम, मोटेरा) में खेला गया। इस मैच में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए युवराज सिंह की तूफानी पारी की बदौलत 192 रनों का स्कोर बना दिया।
पाकिस्तान ने भी अपनी पारी की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की। हालांकि भारतीय बॉलर्स लगातार अंतराल में विकेट जरूर ले रहे थे जिससे रन रेट बढ़ रहा था। आखिरी में दबाव में आकर बड़े शॉट्स लगाना के चक्कर में उनके बल्लेबाज विकेट खोते रहे और भारतीय टीम 7 रनों से मैच जीत गई।
3. भारत बनाम पाकिस्तान, दुबई, टी20 वर्ल्ड कप 2021
2016 में टी20 वर्ल्ड कप के 5 सालों के बाद यह टूर्नामेंट कोविड के दौरान यूएई में खेला जा रहा था। इंडिया की टीम इस मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी लेकिन शाहीन और नसीम ने पावरप्ले में ही रोहित, राहुल और सूर्या का विकेट चटकाकर भारतीय टीम को बैकफुट में डाल दिया।
विराट कोहली ने एक छोर से खड़े रहकर अर्धशतक जरूर लगाया जिसके चलते सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल हुई। टीम इंडिया ने 7 विकेट के नुकसान पर 151 रन बनाए। इसके जवाब में पाकिस्तान ने आसानी से बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान के अर्धशतकों की बदौलत बिना विकेट खोए 152 रन बना दिए और टीम इंडिया को टी20 वर्ल्ड कप में पहली हार थमा दी।
4. भारत बनाम पाकिस्तान, मेलबर्न, टी20 वर्ल्ड कप 2022
पाकिस्तान ने साल 2021 टी20 वर्ल्ड कप में भारत को हराया था और वो सातवें आसमान पर थे। पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने मेलबर्न की मुश्किल पिच पर इफ्तिखार अहमद और शन मसूद के अर्धशतकों की बदौलत 159 रन बना दिए। आपको बता दें, कि टी20 वर्ल्ड कप में इससे पहले इतना बड़ा स्कोर कभी चेस नहीं हुआ था।
पाकिस्तान ने पावरप्ले में भारतीय टीम के 4 विकेट झटक लिए। हार्दिक और विराट ने शुरू में टाइम लिया और पार्टनरशिप करके स्कोर के पास पहुंचे। हालांकि उसके बाद भी मैच भारत के हाथ से निकल रहा था लेकिन विराट ने रऊफ को लगातार 2 छक्के जड़कर मैच भारत को तरफ लाए और आखिरी ओवर में नवाज को रन मारकर असंभव सा मैच भारत को जीता दिया।
5. भारत बनाम पाकिस्तान, दुबई, एशिया कप 2025
भारत और पाकिस्तान पहली बार एशिया कप के फाइनल में आमने सामने आई थी। पाकिस्तान ने पहले बैटिंग करते हुए 150 से ज्यादा का स्कोर बना दिया। दुबई की मुश्किल पिच है पर यह टोटल चेस करना आसान नहीं था और हुआ भी वैसा ही।
भारत के शुरुआती 3 विकेट जल्दी गिर गए लेकिन तिलक ने पहले संजू सैमसन और उसके बाद शिवम दुबे के साथ पार्टनरशिप करके टीम इंडिया को न सिर्फ मैच जिताया बल्कि खिताब भी अपने नाम कर लिया। फाइनल जीतने के बाद भी टीम इंडिया को ट्राफी नहीं मिली और एशियन क्रिकेट काउंसिल के चीफ मोहसिन नकवी ट्रॉफी लेकर भाग गए।







