Yashasvi Jaiswal Scores Hundred in IND vs WI 2nd Test 2025 at Delhi: दिल्ली में खेले गए टेस्ट के दूसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी तरह दबदबा दिखाया, लेकिन सबसे खास पारी युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल की रही। अहमदाबाद में अपने मौका गंवाने के बाद जायसवाल ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए नाबाद शतकीय पारी खेली।
अहमदाबाद में तीन साथी खिलाड़ियों ने शतक जमाए थे, लेकिन जायसवाल कुछ खास नहीं कर पाए थे। अब वही खिलाड़ी दिल्ली में अपनी धैर्यपूर्ण और तकनीकी नाबाद शतकीय पारी के जरिए सबके सामने खड़े हुए।
भारत के पूर्व असिस्टेंट कोच अभिषेक नायर ने मैच से पहले ही जायसवाल के लिए भविष्यवाणी की थी कि वह इस टेस्ट में सबसे अधिक रन बनाएंगे।
नायर ने कहा था, “जैसे ही वह चल पड़ेगा, उसे कोई रोक नहीं पाएगा। पहले टेस्ट में वह बड़ा स्कोर नहीं कर पाए, इसलिए अब वह भूखा है।”
जायसवाल ने इस भविष्यवाणी को सही साबित किया। स्टंप्स तक वह 173 नाबाद रन के साथ थे और उनका स्ट्राइक रेट करीब 70 का था।
अहमदाबाद की भूल से सीख और तकनीकी सुधार
अहमदाबाद में जायसवाल को जयडेन सीलेस की गेंद पर कट लगाने के प्रयास में कैच हो गए थे। इस हार के बाद उन्होंने अपने मेंटर जुबिन भरूचा से चर्चा की और कट शॉट को बेहतर तरीके से खेलने के लिए हल्का बदलाव किया।
भरूचा ने बताया, “हमने बस इतना तय किया कि वह थोड़ी पीछे गार्ड रखें ताकि कट शॉट के लिए उनके पास जगह हो। पिछली बार गेंद उनके करीब थी, इसलिए कैच हुआ। अब वह थोड़े पीछे खड़े होकर शॉट खेलते हैं।”
यह तकनीकी सुधार जायसवाल के खेल में स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
पारी का संयम और बेहतरीन शॉट चयन
जायसवाल की पारी की खासियत थी उनका संयम और पारी का सही पेसिंग। उनका पहला अर्धशतक 82 गेंदों में आया, दूसरा 63 गेंदों में और तीसरा 79 गेंदों में। यह उनके धैर्य और पारी को संभालने की क्षमता को दर्शाता है।
इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने कहा, “उन्होंने विकेट की परिस्थितियों के अनुसार शॉट्स चुने और बड़ी पारी खेलने का इरादा स्पष्ट था। यह उनकी परिपक्वता और विश्वास को दिखाता है।”
वेस्टइंडीज के कोच फ्लॉएड रीफर ने भी उनकी तारीफ की, “किसी युवा बल्लेबाज का पूरे दिन बल्लेबाजी करना बड़ी बात है। यह बहुत अच्छा संकेत है।”
ऑफ-साइड का ‘जायसवाल कमर्शियल डिस्ट्रिक्ट’
जायसवाल की पारी में अधिकांश रन ऑफ-साइड से आए। उनका मुख्य शॉट कट, कवर ड्राइव, स्ट्रेट ड्राइव और अपर कट थे। इस पारी में उन्होंने स्पिनरों के खिलाफ restraint दिखाते हुए केवल सही मौके पर ही गेंद खेली।
कोटक ने बताया, “शॉट चयन विकेट, बाउंस और गेंदबाजों को देखकर किया गया। यह उनका अनुभव और समझदारी दिखाता है।”
बाएं हाथ के स्पिनरों के खिलाफ सुधार
जायसवाल की एक दुर्लभ कमजोरी बाएं हाथ के स्पिनरों के खिलाफ रही है। उनके करियर में सात बार उन्हें इसी वजह से आउट होना पड़ा। लेकिन इस पारी में उन्होंने जमेल वारिकन और खारी पीयर के खिलाफ आत्मविश्वास और संतुलन के साथ खेल दिखाया।
डबल या ट्रिपल सेंचुरी का मौका
पहले दिन का खेल समाप्त होने तक भारत 318/2 पर था और जायसवाल नाबाद 173 पर थे। पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने कहा कि यह मौका उन्हें सिर्फ डबल सेंचुरी के लिए नहीं बल्कि ट्रिपल सेंचुरी तक जाने का भी है।
कुंबले ने कहा, “जायसवाल दिन-ब-दिन बेहतर हो रहा है। वह मौके को बर्बाद नहीं करता और इसे टीम के लिए उपयोग करता है।”
यशस्वी जायसवाल की दिल्ली टेस्ट की पारी ने यह साबित कर दिया कि युवा ओपनर में धैर्य, तकनीक और मानसिक मजबूती है। अहमदाबाद की नाकामी को पीछे छोड़ उन्होंने अपने प्रदर्शन से टीम और दर्शकों का दिल जीत लिया। अगले दिन की संभावित बड़ी पारी के लिए सभी की निगाहें जायसवाल पर टिकी हैं।
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