Lionel Messi Breaks Most World Cup Goals Record: कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं, जिनके बारे में फुटबॉल फैंस को लगता है कि शायद उन्हें टूटते हुए देखने का मौका नहीं मिलेगा। फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड भी उन्हीं में से एक था। जर्मनी के दिग्गज मिरोस्लाव क्लोज के 16 गोल लंबे समय तक एक ऐसी उपलब्धि माने जाते रहे, जिसे छूना भी आसान नहीं था। लेकिन 23 जून की रात डलास में इतिहास बदल गया।
अर्जेंटीना के दिग्गज कप्तान लियोनेल मेसी ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल दागकर फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। 2-0 की इस जीत के साथ मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना ने न सिर्फ नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह पक्की कर ली, बल्कि मेसी ने भी अपने करियर में एक और ऐसी उपलब्धि जोड़ ली, जिसे आने वाले सालों तक याद रखा जाएगा।
पेनल्टी चूकने के बाद भी नहीं रुके मेसी
इस मैच की शुरुआत से ही पूरा स्टेडियम मेसी द्वारा रिकॉर्ड तोड़ने का इंतजार कर रहा था। दरअसल, अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक लगाने के बाद मेसी 16 गोल के साथ मिरोस्लाव क्लोज के रिकॉर्ड की बराबरी कर चुके थे। ऐसे में उन्हें इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के लिए सिर्फ एक गोल की जरूरत थी।
अर्जेंटीना को नौवें मिनट में पेनल्टी के चलते शानदार मौका भी मिल गया पूरा स्टेडियम अपनी सांसें रोककर मेसी को देख रहा था, लेकिन मेसी अपने वर्ल्ड कप करियर में तीसरी बार पेनल्टी से चूक गए। इसीलिए, रिकॉर्ड का इंतजार थोड़ा और लंबा हो गया। हालांकि, मेसी जैसे खिलाड़ी ज्यादा देर तक शांत नहीं रहते।
38वें मिनट में टूट गया क्लोज का रिकॉर्ड
पहले हाफ के 38वें मिनट में अर्जेंटीना ने शानदार मूव बनाया। फाकुंडो मेडिना की गेंद थियागो अल्माडा के पास पहुंची, जिन्होंने समझदारी दिखाते हुए उसे जाने दिया। गेंद सीधे मेसी के बाएं पैर तक पहुंची और इसके बाद जो हुआ, वह इतिहास बन गया।
मेसी ने बेहतरीन फिनिश के साथ गेंद को नेट में पहुंचाया और फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। यह उनका 17वां वर्ल्ड कप गोल था और इसी के साथ उन्होंने मिरोस्लाव क्लोज को पीछे छोड़ दिया।
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इंजरी टाइम में लगाया दूसरा गोल
रिकॉर्ड अपने नाम करने के बाद भी मेसी का काम पूरा नहीं हुआ था और इंजरी टाइम में अर्जेंटीना को एक और मौका भी मिल गया। ऑस्ट्रियाई गोलकीपर एलेक्जेंडर श्लागर ने मेसी का पहला प्रयास रोक दिया, लेकिन गेंद फिर से अर्जेंटीना के कप्तान के पास पहुंच गई।
इस बार उन्होंने कई डिफेंडरों के बीच से गेंद निकालकर नेट में पहुंचा दी। इस गोल के साथ मेसी का कुल आंकड़ा 18 वर्ल्ड कप गोल तक पहुंच गया और उन्होंने अपने रिकॉर्ड को और मजबूत बना दिया।
20 साल पहले शुरू हुआ था मेसी के वर्ल्ड कप में गोल दागने का सफर
लियोनेल मेसी ने अपना पहला वर्ल्ड कप गोल 16 जून 2006 को सर्बिया और मोंटेनेग्रो के खिलाफ दागा था। तब उनकी उम्र सिर्फ 18 साल थी। अब ठीक 20 साल बाद वही खिलाड़ी वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे सफल गोल स्कोरर बन चुका है।
यही नहीं, मेसी पुरुषों के फीफा वर्ल्ड कप के छह अलग-अलग संस्करण खेलने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं। उनका यह रिकॉर्ड सिर्फ लंबी उम्र का नहीं, बल्कि लगातार शानदार प्रदर्शन का भी सबूत है।
महिला दिग्गज मार्टा को भी छोड़ा पीछे
मेसी का 18वां वर्ल्ड कप गोल उन्हें एक और खास सूची में सबसे ऊपर ले गया। ऑस्ट्रिया के खिलाफ दूसरा गोल दागते ही मेसी ने ब्राजील की महान फुटबॉलर मार्टा के महिला वर्ल्ड कप में 17 गोल के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। इसी के साथ वह पुरुष तथा महिला दोनों वर्ल्ड कप को मिलाकर सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए।
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अर्जेंटीना ने भी पक्की की नॉकआउट की टिकट
मेसी के रिकॉर्ड के अलावा यह जीत अर्जेंटीना के लिए टूर्नामेंट के लिहाज से भी बेहद यह। रही। लगातार दूसरी जीत के साथ अर्जेंटीना ने ग्रुप J में छह अंक हासिल कर लिए हैं और राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली है। वह फिलहाल ग्रुप में पहले स्थान पर मौजूद है और उसका अगला मुकाबला जॉर्डन से होगा।
इसके अलावा अर्जेंटीना ने फीफा वर्ल्ड कप में अपनी जीत की लय भी जारी रखी है। कतर 2022 में सऊदी अरब के खिलाफ मिली हार के बाद से वह लगातार आठ वर्ल्ड कप मुकाबले जीत चुकी है।
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