Pro Kabaddi League PKL Winners List: 2014 में शुरू हुई प्रो कबड्डी लीग (PKL) ने भारतीय खेल जगत में नई ऊर्जा भर दी। इस लीग ने न सिर्फ कबड्डी को देशभर में पॉपुलर बनाया, बल्कि खिलाड़ियों को पहचान और सम्मान भी दिलाया। शुरुआती सीजन में केवल आठ टीमों से शुरू हुई यह लीग अब 12 टीमों के साथ देश की सबसे चर्चित स्पोर्ट्स लीग में से एक बन चुकी है।
अब तक खेले गए 12 सीजन में आठ अलग-अलग टीमों ने चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया है। आइए जानते हैं किस सीजन में कौन सी टीम प्रो कबड्डी की चैंपियन बनी और उस सीजन किन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से इतिहास रचा।
ये है PKL इतिहास में चैंपियन बनने वाली टीमों की लिस्ट (PKL Winners List)
सीजन 12 (2025) – Dabang Delhi K.C. ने जीता दूसरा खिताब
दिल्ली के त्यागराज इंडोर स्टेडियम में खेले गए प्रो कबड्डी लीग सीजन 12 के फाइनल में दबंग दिल्ली K.C. ने पुणेरी पलटन को 31-28 से हराकर खिताब जीत लिया। मैच की शुरुआत में पुणेरी पलटन ने बढ़त ली थी, लेकिन नीरज नरवाल की सुपर रेड ने दिल्ली को वापसी दिलाई और टीम ने हाफ टाइम तक 20-14 से बढ़त बना ली।
दूसरे हाफ में आदित्य शिंदे ने पुणेरी की ओर से दमदार प्रदर्शन करते हुए मैच को बराबरी पर ला दिया, लेकिन आखिरी मिनटों में अशु मलिक की समझदारी और सुरजीत सिंह की कप्तानी ने दिल्ली को निर्णायक बढ़त दिला दी।
अंतिम सीटी तक दबंग दिल्ली ने अपनी बढ़त कायम रखी और सीजन 12 की चैंपियन बनी। नीरज नरवाल ने 9 रेड पॉइंट्स और आशु मलिक ने 2 अहम पॉइंट्स हासिल किए, जबकि पुणेरी पलटन की ओर से आदित्य शिंदे ने 10 अंक जुटाए। इस जीत के साथ दिल्ली ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी निरंतरता और संतुलित खेल का नतीजा खिताब के रूप में पाया।
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सीजन 11 (2024) – Haryana Steelers ने जीता पहला खिताब
हरियाणा स्टीलर्स ने अपने शानदार प्रदर्शन से सीजन 11 का खिताब अपने नाम किया था। उन्होंने फाइनल में पटना पाइरेट्स को 32-23 से हराया था। उस मुकाबले में शिवम पटारे ने 9 पॉइंट्स, मोहम्मदरेजा शादलूई ने 7 और विनय ने 6 रेड पॉइंट्स लेकर टीम को जीत दिलाई थी।
सीजन 11 के एमवीपी रहे मोहम्मदरेजा शादलूई ने 82 टैकल पॉइंट्स के साथ पूरे टूर्नामेंट में दबदबा बनाए रखा। वहीं पटना के देवांक 301 रेड पॉइंट्स के साथ बेस्ट रेडर रहे और तमिल थलाइवाज के नितेश कुमार को 77 टैकल पॉइंट्स के साथ बेस्ट डिफेंडर का अवॉर्ड मिला।
सीजन 10 (2023) – Puneri Paltan का पहला खिताब
सीजन 10 में पुणेरी पलटन ने इतिहास रचते हुए अपना पहला प्रो कबड्डी खिताब जीता था। फाइनल में उन्होंने हरियाणा स्टीलर्स को 28-25 से मात दी थी। उस मैच में गौरव खत्री ने 4 टैकल पॉइंट्स हासिल किए, जबकि मोहम्मद चियानेह, मोहित गोयत और पंकज मोहिटे ने शानदार रेडिंग से टीम को जीत तक पहुंचाया।
टीम के कप्तान असलम इनामदार को एमवीपी चुना गया। वहीं दबंग दिल्ली के आशु मलिक ने 276 रेड पॉइंट्स के साथ बेस्ट रेडर का खिताब जीता।
सीजन 9 (2022) – Jaipur Pink Panthers ने दूसरी बार जीता खिताब
जयपुर पिंक पैंथर्स ने सीजन 9 में अपना दूसरा प्रो कबड्डी खिताब जीता। फाइनल में उन्होंने पुणेरी पलटन को 33-29 से हराया। कप्तान सुनील कुमार के हाई-5 और अर्जुन देशवाल के 296 रेड पॉइंट्स ने टीम को जीत तक पहुंचाया। अर्जुन देशवाल को एमवीपी घोषित किया गया। टीम के नए डिफेंडर अंकुश ने डेब्यू सीजन में 89 टैकल पॉइंट्स जुटाकर इतिहास रचा।
सीजन 8 (2021) – Dabang Delhi K.C. बनी पहली बार चैम्पियन
दबंग दिल्ली ने सीजन 8 में अपना पहला खिताब जीता। फाइनल में उन्होंने पटना पाइरेट्स को 37-36 से हराया और सिर्फ 1 पॉइंट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
टीम के स्टार रेडर नवीन कुमार और ऑलराउंडर विजय ने फाइनल में सुपर 10 लगाए। नवीन को लगातार दूसरे साल एमवीपी चुना गया। मनजीत छिल्लर ने 52 टैकल पॉइंट्स के साथ शानदार डिफेंस दिखाया और टीम को जीत दिलाई।
सीजन 7 (2019) – Bengal Warriors का दबदबा
सीजन 7 में बंगाल वॉरियर्ज ने पहली बार प्रो कबड्डी ट्रॉफी अपने नाम की। फाइनल में उन्होंने दबंग दिल्ली को 39-34 से हराया। कप्तान मनिंदर सिंह चोटिल होने के बावजूद मोहम्मद इस्माइल नबीबख्श ने सुपर 10 लगाकर टीम को जीत दिलाई। यह जीत टीम के संतुलित प्रदर्शन का नतीजा थी, जिसमें हर खिलाड़ी ने अहम भूमिका निभाई।
सीजन 6 (2018) – Bengaluru Bulls ने जीता पहला खिताब
बेंगलुरु बुल्स ने कप्तान रोहित कुमार की अगुवाई में सीजन 6 का खिताब जीता। फाइनल में उन्होंने गुजरात जायंट्स को 38-33 से हराया। टीम के युवा रेडर पवन सेहरावत ने फाइनल में 22 पॉइंट्स जुटाए और पूरे सीजन में 282 पॉइंट्स लेकर एमवीपी बने।
सीजन 5 (2017) – Patna Pirates की हैट्रिक जीत
सीजन 5 में पटना पाइरेट्स ने लगातार तीसरी बार खिताब जीतकर इतिहास बनाया। कप्तान प्रदीप नरवाल ने पूरे सीजन में 369 रेड पॉइंट्स हासिल किए और फाइनल में गुजरात जायंट्स को 55-38 से हराया। उनका प्रसिद्ध “8-पॉइंट रेड” आज भी लीग की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक है।
सीजन 4 (2016) – Patna Pirates ने दोबारा दिखाया दम
सीजन 4 में भी पटना पाइरेट्स ने अपने प्रदर्शन को जारी रखा और जयपुर पिंक पैंथर्स को 37-29 से हराकर लगातार दूसरा खिताब जीता। प्रदीप नरवाल ने 133 रेड पॉइंट्स जुटाए जबकि फज़ल अत्राचली ने डिफेंस में शानदार 45 टैकल पॉइंट्स हासिल किए।
सीजन 3 (2016 – जनवरी) – Patna Pirates की पहली ट्रॉफी
पटना पाइरेट्स ने तीसरे सीजन में अपना पहला खिताब जीता। फाइनल में उन्होंने यू मुम्बा को 31-28 से मात दी। रोहित कुमार ने फाइनल में 7 पॉइंट्स जुटाए और एमवीपी घोषित हुए। यह जीत टीम की स्थिरता और टीमवर्क का परिणाम थी।
सीजन 2 (2015) – U Mumba ने रचा इतिहास
यू मुम्बा ने सीजन 2 में अपने संतुलित प्रदर्शन से खिताब जीता। फाइनल में उन्होंने बेंगलुरु बुल्स को 36-30 से हराया। पूरे सीजन में टीम की डिफेंस यूनिट ने 196 टैकल पॉइंट्स जुटाए और शबीर बप्पू की सुपर रेड ने फाइनल में जीत दिलाई।
सीजन 1 (2014) – Jaipur Pink Panthers बने पहले चैंपियन
प्रो कबड्डी का पहला खिताब जयपुर पिंक पैंथर्स ने जीता। मनिंदर सिंह ने 137 रेड पॉइंट्स के साथ टीम की रीढ़ साबित की और फाइनल में सुपर 10 लगाकर यू मुम्बा को 35-24 से हराया। यह जीत भारतीय कबड्डी इतिहास की नई शुरुआत थी, जिसने आने वाले सभी सीजन के लिए प्रेरणा दी।
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