Monday, February 2

Rahul Chaudhari PKL Career Season-wise Analysis: प्रो कबड्डी लीग में जब भी महान रेडर्स का नाम लिया जाता है, राहुल चौधरी का नाम सबसे पहले आता है। उन्हें लीग इतिहास में ‘Raid Machine’ के नाम से जाना जाता है। 16 जून 1993 को जन्मे राहुल ने अपने करियर में 154 मैच खेले और 1106 अंक अपने नाम किए।

राहुल प्रो कबड्डी लीग इतिहास के पहले खिलाड़ी थे, जिन्होंने PKL में 500, 700, 800, 900 और 1000 रेड प्वाइंट्स पूरे किए। मैदान पर उनकी तेजी, गेम रीड करने की क्षमता और लगातार प्रदर्शन ने उन्हें कबड्डी की दुनिया में एक सुपरस्टार बना दिया।

चौधरी ने PKL के शुरुआती सीजन से लेकर सीजन 10 तक अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने तेलुगू टाइटंस, तमिल थलाइवाज़, पुणेरी पलटन और जयपुर पिंक पैंथर्स जैसी टीमों का हिस्सा बनकर बेहतरीन प्रदर्शन किया। उनका औसत 6.78 रेड प्वाइंट्स प्रति मैच रहा, जो उन्हें लीग के सबसे भरोसेमंद रेडर्स में शुमार करता है। इसके अलावा उन्होंने 42 बार सुपर 10 और 25 सुपर रेड्स किए, जो उनकी अटैकिंग क्षमता को दर्शाते हैं।

शुरुआती जीवन और करियर की शुरुआत

राहुल चौधरी का जन्म उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के जलालपुर चोइया गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम रामपाल सिंह है। राहुल का कबड्डी से रिश्ता महज 13 साल की उम्र में शुरू हुआ, जब उन्होंने 2006 में इस खेल को गंभीरता से खेलना शुरू किया। शुरुआत में वे एक डिफेंडर के रूप में खेलते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी रेडिंग क्षमता उभर कर सामने आई और उन्होंने खुद को एक सफल रेडर के रूप में स्थापित किया।

राहुल ने घरेलू स्तर पर कई टूर्नामेंट खेले और जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। लगातार मेहनत और फिटनेस पर फोकस ने उन्हें भारतीय कबड्डी टीम का हिस्सा बनाया। 2016 साउथ एशियन गेम्स में वे भारतीय टीम का हिस्सा रहे और गोल्ड मेडल जीतकर अपने करियर में बड़ी उपलब्धि हासिल की। यही वह दौर था जब PKL ने उन्हें एक बड़ा प्लेटफॉर्म दिया और वे लीग के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गए।

PKL में राहुल चौधरी के ओवरऑल आँकड़े

मैच खेले: 154

कुल अंक: 1106

कुल रेड पॉइंट्स: 1045

रेड पॉइंट प्रति मैच: 6.78

नॉट आउट प्रतिशत: 79.52%

कुल रेड्स: 2291

सफल रेड प्रतिशत: 45.61%

सुपर रेड्स: 25

सुपर 10s: 42

कुल टैकल्स: 210

सफल टैकल प्रतिशत: 27%

कुल टैकल पॉइंट्स: 61

सुपर टैकल: 5

इन आंकड़ों से साफ है कि राहुल सिर्फ रेडिंग में ही नहीं, बल्कि डिफेंस में भी योगदान देते थे। हालांकि, उनकी पहचान एक रेडर के रूप में ही बनी।

राहुल चौधरी का प्रो कबड्डी लीग में सीजन-वाइज प्रदर्शन

सीजन 1 (2014)

राहुल चौधरी ने 2014 में Telugu Titans के लिए डेब्यू किया। उन्होंने 14 मैचों में 161 पॉइंट्स बनाए। उनका रेड स्ट्राइक रेट 63% और टैकल स्ट्राइक रेट 32% रहा। यह सीजन उनकी पहचान बनाने वाला रहा और उन्होंने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

सीजन 2 (2015)

दूसरे सीजन में राहुल ने अपनी फॉर्म को बरकरार रखा। उन्होंने 14 मैचों में 107 पॉइंट्स बनाए और उनका रेड स्ट्राइक रेट 54% रहा। इस सीजन में उन्होंने कई सुपर रेड्स लगाए और टीम को प्लेऑफ तक पहुंचाने में मदद की।

सीजन 3 (2016)

सीजन 3 में राहुल ने 13 मैच खेले और 99 पॉइंट्स जुटाए। उनका रेड स्ट्राइक रेट 42% और टैकल स्ट्राइक रेट 41% रहा। इस सीजन में उन्होंने डिफेंस में भी अच्छा योगदान दिया और कई बार टीम को ऑल आउट होने से बचाया।

सीजन 4 (2016)

चौथे सीजन में राहुल अपने करियर के शिखर पर थे। उन्होंने 16 मैचों में 150 पॉइंट्स बनाए और उनका रेड स्ट्राइक रेट 45% रहा। इस सीजन में उन्होंने कई सुपर 10s लगाए और टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बने।

सीजन 5 (2017)

2017 में राहुल ने 22 मैचों में 193 पॉइंट्स बनाए, जो उनके करियर का सबसे ज्यादा सीजन स्कोर है। उनका रेड स्ट्राइक रेट 45% और टैकल स्ट्राइक रेट 27% रहा। इस सीजन ने उन्हें लीग के टॉप रेडर्स में मजबूती से खड़ा कर दिया।

सीजन 6 (2018)

छठे सीजन में राहुल ने 21 मैचों में 166 पॉइंट्स बनाए और उनका रेड स्ट्राइक रेट 45% रहा। यह सीजन भी उनके लिए सफल रहा और उन्होंने टीम को कई मैच जिताए।

सीजन 7 (2019)

2019 में राहुल ने Tamil Thalaivas के लिए खेला। 22 मैचों में उन्होंने 138 पॉइंट्स बनाए। टीम का प्रदर्शन औसत रहा लेकिन राहुल के रेडिंग नंबर अच्छे रहे। उनका रेड स्ट्राइक रेट 40% और टैकल स्ट्राइक रेट 27% था।

सीजन 8 (2021)

सीजन 8 में राहुल ने 7 मैच खेले और 13 पॉइंट्स जुटाए। उनका रेड स्ट्राइक रेट 37% रहा। यह सीजन उनके करियर के लिए थोड़ा शांत रहा लेकिन उन्होंने टीम को सपोर्ट रेडर के तौर पर योगदान दिया।

सीजन 9 (2022)

सीजन 9 में राहुल जयपुर पिंक पैंथर्स का हिस्सा बने और 21 मैच खेलते हुए 73 पॉइंट्स बनाए। उनका रेड स्ट्राइक रेट 38% और टैकल स्ट्राइक रेट 12% रहा। इस सीजन में जयपुर ने खिताब जीता और राहुल का अनुभव टीम के लिए उपयोगी रहा।

सीजन 10 (2023-24)

दसवें सीजन में राहुल ने सिर्फ 4 मैच खेले और 6 पॉइंट्स जुटाए। उनका रेड स्ट्राइक रेट 26% रहा। इस सीजन में वह ज्यादा मौके नहीं पा सके, लेकिन उन्होंने पिंक पैंथर्स टीम के युवा खिलाड़ियों को गाइड करने में बड़ी भूमिका निभाई।

करियर का असर और योगदान

राहुल चौधरी का नाम हमेशा PKL के इतिहास में सबसे बड़े रेडर्स में गिना जाएगा। वह पहले खिलाड़ी बने जिन्होंने लीग में 1000 से ज्यादा रेड पॉइंट्स बनाए। उनकी रेडिंग स्टाइल, बोनस पॉइंट लेने की क्षमता और डिफेंस को पढ़ने का तरीका उन्हें खास बनाता है।

राहुल चौधरी का PKL करियर इस बात का सबूत है कि मेहनत और निरंतरता से कोई भी खिलाड़ी इतिहास रच सकता है। उन्होंने 10 सीजन में अपने खेल से ना सिर्फ रिकॉर्ड बनाए, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक मानक स्थापित किया।

FAQs

1. राहुल चौधरी ने PKL में कुल कितने मैच खेले और कुल कितने अंक बनाए?

राहुल चौधरी ने अपने PKL करियर में अब तक 154 मैच खेले हैं और कुल 1106 अंक अर्जित किए हैं। इनमें से 1045 अंक रेड से और जबकि 61 अंक टैकल से आए। उनका औसत 6.78 रेड पॉइंट प्रति मैच रहा है, जो उन्हें लीग के सबसे भरोसेमंद रेडर्स में से एक बनाता है। यह आंकड़े इस बात का सबूत हैं कि उन्होंने लंबे समय तक अपनी टीम को लगातार योगदान दिया है।

2. राहुल चौधरी का प्रो कबड्डी में सबसे सफल सीजन कौन सा रहा है?

अगर कुल अंकों की बात करें तो 2017 का सीजन 5 राहुल चौधरी का सबसे सफल सीजन माना जा सकता है। इस सीजन में उन्होंने 22 मैचों में 193 अंक जुटाए और कई सुपर 10 लगाए। हालांकि, यदि प्रति मैच औसत के अनुसार देखें तो उनका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन सीजन 1 में रहा, जहां उन्होंने 14 मैचों में 161 अंक बनाए थे, यानी लगभग 11.5 अंक प्रति मैच। यह शुरुआती सीजन में उनके दबदबे को दर्शाता है।

3. राहुल चौधरी की रेडिंग स्टाइल और ताकत कैसी रही है?

राहुल की सबसे बड़ी ताकत उनकी निरंतरता और नॉट-आउट रहने की क्षमता रही है। उनका नॉट-आउट प्रतिशत 79.52% बताता है कि वह टीम के लिए लगातार मैदान पर टिके रहते थे। 2291 रेड्स में 45.61% सफलता यह दिखाती है कि वह लगभग हर दूसरी रेड में पॉइंट लाते थे। उनके 42 सुपर 10s और 25 सुपर रेड्स यह साबित करते हैं कि बड़े मौकों पर टीम को जीत दिलाने की उनकी क्षमता हमेशा शानदार रही है।

4. डिफेंस में राहुल चौधरी का योगदान कितना अहम रहा?

हालांकि, राहुल का मुख्य रोल रेडर का था, लेकिन उन्होंने डिफेंस में भी अहम योगदान दिया। कुल 210 टैकल्स में से 27% सफल रहे और उन्होंने 61 टैकल पॉइंट्स बनाए। खास बात यह रही कि उन्होंने 5 सुपर टैकल भी किए जो टीम को मुश्किल समय में बचाने वाले साबित हुए। कुछ सीजनों में उनका टैकल स्ट्राइक रेट 36-41% तक पहुंचा, जो एक रेडर के लिए बहुत अच्छा आंकड़ा माना जाता है।

5. राहुल चौधरी का करियर के अंतिम PKL सीजनों में प्रदर्शन कैसा रहा?

अंतिम कुछ सीजनों में राहुल का औसत स्कोर गिरा, जिसके चलते वह PKL 2024 में अनसोल्ड भी हो गए थे। उदाहरण के लिए, सीजन 9 में उन्होंने 21 मैचों में सिर्फ 73 अंक बनाए, जबकि सीजन 10 में केवल 4 मैच खेलकर 6 अंक ही जुटा सके।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। नीतिश कुमार मिश्र अपने पेशेवर लेखन के जरिए पाठकों को न सिर्फ सटीक खबरें, बल्कि गहन विश्लेषण के माध्यम से खेलों को और करीब से समझने का मौका भी देते हैं।

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