Saturday, March 7

भारत की उभरती हुई चेस खिलाड़ी दिव्या देशमुख ने FIDE वीमेंस वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। जॉर्जिया में खेले गए इस टूर्नामेंट के फाइनल में उन्होंने भारत की ही दिग्गज खिलाड़ी ग्रैंडमास्टर कोनेरु हंपी को टाईब्रेक में हराया। इस जीत के साथ दिव्या न सिर्फ वर्ल्ड कप चैंपियन बनीं, बल्कि उन्होंने ग्रैंडमास्टर का प्रतिष्ठित टाइटल भी हासिल कर लिया।

दबाव में भी नहीं टूटीं दिव्या, रचा इतिहास

दिव्या और हंपी कर बीच खेला गया फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। दोनों क्लासिकल गेम्स ड्रॉ रहे और मैच का फैसला रैपिड टाईब्रेक में हुआ। इस दौरान जहां कोनेरु हंपी समय के दबाव में चूकती गईं, वहीं दिव्या ने पूरे आत्मविश्वास के साथ सटीक चालें चलीं। उन्होंने हंपी की गलतियों का फायदा उठाते हुए बढ़त बनाई और जीत अपने नाम कर ली।

इस जीत के साथ दिव्या भारत की 88वीं ग्रैंडमास्टर बनीं और चौथी भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं जिन्हें यह उपलब्धि हासिल हुई है। इससे पहले यह खिताब कोनेरु हंपी, हरिका द्रोणावल्ली और आर वैशाली को मिल चुका है।

पारंपरिक रास्ते से अलग थी ग्रैंडमास्टर बनने की राह

चेस में ग्रैंडमास्टर बनने के लिए आमतौर पर तीन GM नॉर्म्स और 2500 की FIDE क्लासिकल रेटिंग की आवश्यकता होती है। लेकिन कुछ स्पेशल टूर्नामेंट्स के विजेताओं को यह उपाधि सीधे दी जाती है। FIDE वीमेंस वर्ल्ड कप भी उन्हीं में से एक है और दिव्या को इस जीत के साथ खुद-ब-खुद ग्रैंडमास्टर टाइटल दे दिया गया।

प्राइज मनी में बड़ा अंतर, दिव्या को मिले 50,000 डॉलर

हालांकि, दिव्या की जीत ऐतिहासिक रही, लेकिन जब बात प्राइज मनी की आई तो तस्वीर कुछ अलग नजर आई। FIDE वीमेंस वर्ल्ड कप की विजेता के तौर पर दिव्या को 50,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 42 लाख रुपये) की प्राइज मनी मिली। यह रकम दिखने में भले बड़ी लगे, लेकिन अगर इसकी तुलना ओपन वर्ल्ड कप विजेता से की जाए तो अंतर साफ नजर आता है।

FIDE ओपन वर्ल्ड कप (जहां पुरुष और महिलाएं दोनों हिस्सा ले सकते हैं) में विजेता को 1,10,000 डॉलर की प्राइज मनी दी जाती है। यानी महिला और ओपन वर्ग की पुरस्कार राशि में आधे से भी ज्यादा का फर्क है। यह फासला तब और भी ज्यादा खटकता है जब दोनों टूर्नामेंट्स का आयोजन एक ही संस्था FIDE करती है।

क्या महिलाएं ओपन वर्ल्ड कप में नहीं खेल सकतीं?

FIDE के नियमों के मुताबिक, योग्य होने पर महिलाएं भी ओपन वर्ल्ड कप में हिस्सा ले सकती हैं, लेकिन ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। आगामी ओपन वर्ल्ड कप 2025 गोवा में होना है, और महिला वर्ल्ड चैंपियन जू वेनजुन को इस टूर्नामेंट में सीधे एंट्री मिली है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि वह इसमें भाग लेंगी या नहीं।

पिछली बार ओपन वर्ल्ड कप में कितनी थी प्राइज मनी?

2023 में जब भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रग्गनानंदा ओपन वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचे थे और मैग्नस कार्लसन से हार गए थे, तब कार्लसन को विजेता के तौर पर 1,10,000 डॉलर की प्राइज मनी दी गई थी। वहीं उपविजेता को 80,000 डॉलर मिले थे। इससे यह भी साफ होता है कि महिला वर्ग की तुलना में ओपन वर्ग में ना सिर्फ विजेता बल्कि उपविजेता को भी ज्यादा रकम मिलती है।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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