भारतीय टेस्ट टीम इंग्लैंड दौरे के लिए पूरी तरह से एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। इस दौरे के लिए शुभमन गिल को कप्तान और ऋषभ पंत को उपकप्तान बनाकर चयनकर्ताओं ने भविष्य की ओर इशारा किया है। करुण नायर और साई सुदर्शन जैसे नामों को जगह देकर बदलाव का संकेत दिया गया है, लेकिन इस चयन में कुछ ऐसे अनुभवी और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया गया, जो टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते थे।
आइए नजर डालते हैं उन तीन खिलाड़ियों पर, जिन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में होना चाहिए था।
इन तीन खिलाड़ियों को इंग्लैंड दौरे के लिए मिलनी चाहिए थी भारतीय टेस्ट टीम में जगह
3. हर्षित राणा
टी20 अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट, वनडे क्रिकेट, आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को प्रभावित करने वाले तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा 2024-25 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम इंडिया का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें इस बार टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली।
राणा की गेंदबाज़ी में तेज़ी, उछाल और विकेट लेने की क्षमता साफ नजर आती है। विदेशी पिचों पर भारत को अक्सर नए और तेज़ गेंदबाज़ों की ज़रूरत पड़ती है और ऐसे में हर्षित एक बेहतरीन विकल्प हो सकते थे।
उनकी उम्र और फिटनेस को देखते हुए उन्हें इंग्लैंड जैसे दौरे पर मौका देना न केवल एक सकारात्मक निवेश होता, बल्कि यह उन्हें लंबे फॉर्मेट के लिए तैयार करने की दिशा में भी एक जरूरी कदम होता। अर्शदीप सिंह जैसे बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ को मौका देने के बाद यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या हर्षित इस दौरे के लिए टीम में नहीं हो सकते थे?
2. मोहम्मद शमी
भारतीय टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद तेज़ गेंदबाज़ों में से एक, मोहम्मद शमी इस टीम में नहीं हैं। यह चयन पूरी तरह फिटनेस पर आधारित है, क्योंकि BCCI ने उन्हें लंबे सीरीज़ के लिए फिट नहीं माना। हालांकि, शमी की अनुपस्थिति टीम की गेंदबाज़ी को प्रभावित कर सकती है, खासकर तब जब सीरीज़ इंग्लैंड की तेज़ और स्विंग वाली पिचों पर खेली जा रही हो।
शमी का अनुभव और टेस्ट क्रिकेट में उनका रिकार्ड किसी से छुपा नहीं है। इंग्लैंड में उन्होंने पहले भी कई बार भारत को शुरुआती सफलताएं दिलाई हैं। अगर उनके रिहैब और रिकवरी पर ध्यान देते हुए योजना बनाई जाती, तो उन्हें दौरे में शामिल कर भविष्य की सीरीज़ के लिए भी तैयार रखा जा सकता था। उनका ना होना टीम के फ़ास्ट बॉलिंग अटैक को अनुभव की कमी दे सकता है।
1. श्रेयस अय्यर
इंग्लैंड दौरे के लिए घोषित टीम में श्रेयस अय्यर को भी जगह नहीं दी गई, जो कि बेहद ही चौंकाने वाला रहा। वह एक ऐसे बल्लेबाज़ हैं, जिन्होंने टेस्ट और वनडे दोनों में अहम मौकों पर टीम को संभाला है, उसे केवल इस आधार पर बाहर किया गया कि इस समय टेस्ट टीम में उनकी जगह नहीं बन रही है।
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा, “अय्यर ने वनडे और घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन फिलहाल टेस्ट टीम में उनके लिए जगह नहीं बन रही है।”
यह तर्क तब कमज़ोर लगता है जब हम देखते हैं कि टीम में करुण नायर जैसे खिलाड़ी की वापसी हुई है, जो पिछले 8 सालों से टीम से बाहर थे। अय्यर का अनुभव, स्पिन खेलने की क्षमता और तेज़ गेंदबाज़ों के खिलाफ धैर्य उन्हें इंग्लैंड की पिचों पर एक उपयोगी बल्लेबाज़ बनाता। उनकी मौजूदगी मिडिल ऑर्डर को मज़बूती दे सकती थी। ऐसे में उनका बाहर रहना चयन नीति पर सवाल जरूर खड़े करता है।
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