भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में लार्ड्स टेस्ट के दौरान स्लेजिंग को लेकर दोनों टीमों के बीच माहौल गर्माया रहा। इस मुद्दे पर अब भारत के कप्तान शुभमन गिल ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। गिल ने बताया कि स्लेजिंग की असली वजह क्या थी और किस घटना से भारतीय खिलाड़ियों के सब्र का बांध टूटा।
गिल ने इंग्लैंड ओपनर्स की लेट एंट्री पर उठाए सवाल
लार्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन का खेल खत्म होने से पहले के आखिरी सात मिनट में जो कुछ हुआ, वह अब तक सुर्खियों में बना हुआ है। गिल ने साफ कहा कि इंग्लैंड के ओपनर्स 90 सेकंड देरी से मैदान पर आए।
उन्होंने कहा, “वो 10 सेकंड नहीं, 20 सेकंड नहीं, बल्कि पूरे 90 सेकंड देरी से क्रीज पर पहुंचे।”
गिल ने कहा कि इस दौरान ज़ैक क्रॉली को बुमराह की बाउंसर पर ग्लव्स पर चोट लगी थी, ऐसे में मेडिकल हेल्प बुलाना जायज़ था। लेकिन ओपनर्स का जानबूझकर देरी से आना खेल भावना के खिलाफ है।
उन्होंने कहा, “हर टीम कम ओवर खेलना चाहती है, हम भी ऐसी स्थिति में यही करते, लेकिन इसका तरीका होता है।”
गिल ने कहा- हमें मजबूर किया गया रिएक्ट करने पर
भारत के कप्तान ने कहा कि स्लेजिंग का यह मामला अचानक नहीं भड़का था। इससे पहले भी कई ऐसी चीजें हुईं जो नहीं होनी चाहिए थीं।
गिल ने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगा कि इस बात पर हमें गर्व है, लेकिन जब आप खेल में कुछ गलत होते देखते हैं तो भावनाएं भी बाहर आ ही जाती हैं।”
गिल कैमरे में उस वक्त इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों पर तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते दिखे थे। उन्होंने कहा कि इस तरह का माहौल खुद इंग्लैंड ने तैयार किया।
ब्रेंडन मैकुलम ने खिलाड़ियों को स्लेजिंग के लिए उकसाया
लार्ड्स टेस्ट के दौरान यह भी देखा गया कि इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैकुलम लॉर्ड्स की बालकनी से अपने खिलाड़ियों को स्लेजिंग करने के लिए उकसा रहे थे। दरअसल, वॉशिंगटन सुंदर ने टेस्ट से एक दिन पहले मीडिया में बयान दिया था कि भारत यह मैच आसानी से जीत लेगा। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाड़ी मैदान पर और ज्यादा आक्रामक दिखे।
स्टोक्स ने दी सफाई, कहा- जानबूझकर स्लेजिंग नहीं करते
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने भी स्लेजिंग पर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि स्लेजिंग की कोई योजना नहीं बनाई गई थी।
स्टोक्स ने कहा, “यह किसी योजना का हिस्सा नहीं था। लेकिन जब किसी सीरीज में दबाव बढ़ता है तो इस तरह की गर्मा-गर्मी हो ही जाती है। हम पीछे हटने वालों में से नहीं हैं, जब कोई टीम हमारे खिलाफ आक्रामक होती है तो हम भी जवाब देना जानते हैं।”
स्टोक्स से जब यह पूछा गया कि क्या कोच मैकुलम ने खिलाड़ियों से कहा था कि वे मैदान पर ज्यादा आक्रामक रहें, तो उन्होंने कहा, “शायद। लेकिन यह टीम के लिए अच्छा मोमेंट था जब इस पर बात हुई और सभी ने इसे स्वीकार किया। हम कभी भी योजना बनाकर स्लेजिंग करने नहीं उतरते, लेकिन अगर सामने से कोई आक्रामकता दिखाता है तो हम भी चुप नहीं रहते।”
तीसरे दिन के आखिरी ओवर में गर्माया था माहौल
लार्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन का खेल खत्म होने से पहले के अंतिम ओवर में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। भारत की टीम ने अंतिम समय में इंग्लैंड पर दबाव बनाना चाहा, लेकिन इंग्लैंड ने समय बर्बाद कर एक ओवर ही खेला। इसी वजह से दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच कहासुनी बढ़ गई थी।
गिल ने यह साफ कर दिया कि भारत ने जानबूझकर स्लेजिंग शुरू नहीं की थी, बल्कि इंग्लैंड की चालबाज़ी और खेल भावना को तोड़ने वाली हरकतों के जवाब में भारतीय खिलाड़ियों ने रिएक्ट किया। इस घटना ने सीरीज में प्रतिस्पर्धा को और ज्यादा तीखा बना दिया है।
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