Test cricket: क्रिकेट के सबसे लंबे या बड़े फॉर्मेट को टेस्ट क्रिकेट के नाम से जाना जाता है। इसके चलते हुए भारतीय क्रिकेट टीम या एशियाई बल्लेबाजों को SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में काफी कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा जब भी कोई एशियाई बल्लेबाज SENA देशों के दौरे पर रन बनाता है तो उसकी चर्चा दुनियाभर में होती है। इसके चलते हुए अभी हाल ही में भारतीय टीम के दिग्गज ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने इंग्लैंड में टेस्ट शतक लगाया है। इसके अलावा आइए SENA देशों में शतक लगाने वाले सबसे उम्रदराज भारतीय बल्लेबाजों के बारे में जान लेते हैं।
1. राहुल द्रविड़ :-
SENA देशों में शतक लगाने वाले सबसे उम्रदराज भारतीय बल्लेबाजों की सूचि में पहले पायदान पर दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ का नाम आता है। इस दिग्गज भारतीय बल्लेबाज ने 38 साल और 222 दिन की उम्र में ओवल में शतक लगाया था।

इसके चलते हुए उन्होंने साल 2011 के इंग्लैंड दौरे पर ओवल टेस्ट में खेलते हुए तब अपनी पहली पारी में 266 गेंदों में नाबाद 146 रन बनाए थे। वहीं उनकी इस शानदार पारी में तब 20 चौके भी आए थे। लेकि इसके बावजूद भी भारतीय टीम को उस मैच में पारी और 8 रन से हार मिली थी। वहीं इस बीच सबसे दिलचस्प बात यह है कि द्रविड़ का विदेशी धरती पर खेलते हुए यह आखिरी शतक भी था।
2. सचिन तेंदुलकर :-
इस मामले में दूसरे स्थान पर भारतीय टीम के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का नाम आता है। उन्होंने भी 37 साल और 255 दिन की उम्र में अपना आखिरी टेस्ट शतक दक्षिण अफ्रीका में लगाया था। तब भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर थी।

उस समय सचिन ने केपटाउन में प्रोटियाज टीम के खिलाफ अपनी पहली पारी में 314 गेंदों का सामना करते हुए 146 रन बनाए थे। लेकिन उनके शतक लगाने के बाद भी वह इस मैच को ड्रॉ होने से नहीं रोक पाए थे। इसके अलावा यह उनके टेस्ट करियर का 51वां और आखिरी टेस्ट शतक भी रहा था।
3. अनिल कुंबले :-
इस सूचि में तीसरे पायदान पर पूर्व भारतीय दिग्गज स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले का नाम आता है। वहीं इस फॉर्मेट में वह अपनी घातक गेंदबाजी से विश्व क्रिकेट में अपना लोहा भी मनवा चुके हैं। इस बीच उन्होंने भी टेस्ट मैच में केवल 1 ही शतक लगाया था।

इसके चलते हुए उन्होंने साल 2007 में ओवल के मैदान पर खेलते हुए अपनी पहली पारी में 193 गेंदों में नाबाद 110 रन बनाए थे। तब उनकी इस शतकीय पारी के चलते भारत ने अपनी पहली पारी में 664 रन बनाए थे। इसके बाद इस मैच की दूसरी पारी में उनके बल्ले से नाबाद 8 रन आए थे। वहीं उस समय यह मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ था।
4. रविंद्र जडेजा :-
इस मामले में चौथे पायदान पर स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा का नाम आ गया है। क्यूंकि मैनचेस्टर टेस्ट की पहली पारी में वह केवल 20 रन पर ही आउट हो गए थे। इसके बाद इस मैच की दूसरी पारी में वह काफी संघर्ष करते हुए दिखाई दिए थे।

इस मैच में भारतीय टीम ने जब अपनी दूसरी पारी में 222 रन के स्कोर पर अपना चौथा विकेट गंवाया था, तो तब जडेजा क्रीज पर खेलने के लिए आए थे। तब उन्होंने क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी की और भारत की हार को सफलतापूर्वक टाला था। उस मैच की दूसरी पारी में वह 185 गेंदों में 107 रन बनाकर नाबाद रहे थे। इसके अलावा तब उन्होंने वाशिंगटन सुंदर (101*) के साथ मिलकर 5वें विकेट के लिए 203 रन की अटूट साझेदारी भी की थी।
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