टेस्ट क्रिकेट, क्रिकेट का सबसे कठिन प्रारूप माना जाता है। इसमें स्किल, धैर्य और फिटनेस की कड़ी परीक्षा होती है। इस फॉर्मेट में जो भी खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करते है उन्हें एक अलग ही दर्जा प्राप्त होता है। क्रिकेट के सबसे लम्बे प्रारूप को शुरू हुए एक शताब्दी से भी ज्यादा हो चुका है लेकिन ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन का नाम आदर और सम्मान के साथ लिया जाता है.
वो इस फॉर्मेट के सबसे महानतम खिलाइयो में से एक है और उनका रिकॉर्ड (हाईएस्ट एवरेज) आज भी कायम है। हालाँकि टेस्ट क्रिकेट काफी बदल गया है, खिलाड़ी अब और भी ज्यादा बेख़ौफ़ हो चुके है। वो अब रिस्क लेने से भी भी नहीं घबराते है। कई खिलाड़ी ऐसे है जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला रन ही छक्के के साथ बनाया है। तो चलिए जानते हैं उन खिलाड़ियों के बारे में जिन्होंने पहली गेंद पर छक्का मारा है।
ये हैं टेस्ट डेब्यू में छक्का मारने वाले खिलाड़ी
एरिक फ्रीमैन

ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर खिलाड़ी एरिक फ्रीमैन टेस्ट इतिहास के पहले ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही छक्का मारकर खाता खोला था। उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू 1968 में भारत के खिलाफ गाबा में किया था। उस मैच में उन्होंने भारतीय स्पिन दिग्गज गेंदबाज इरापल्ली प्रसन्ना की गेंद को छक्का मारा था।
इस ख़ास उपलब्धि को हासिल करने के बाद भी उनका करियर उफान नहीं पकड़ सका और वो मात्र 11 मैच ही खेलने में सफल हुए थे। फ्रीमैन ने टेस्ट क्रिकेट में 11 मैच खेले है जिसमें उन्होंने 19.16 की औसत से 345 रन बनाये है, जिसमें 2 अर्धशतक मारे है। वहीँ गेंदबाजी में उन्होंने 34 विकेट भी लिए है।
कार्लिस्ले बेस्ट

वेस्टइंडीज के खिलाड़ी कार्लिस्ले बेस्ट ने भी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ये कारनामा किया था। उन्होंने अपना डेब्यू 1986 में इंग्लैंड के खिलाफ किया था। इस मैच में कार्लिस्ले बेस्ट को शुरुआती दो गेंद इंग्लिश दिग्गज ऑलराउंडर इयान बॉथम ने बाउंसर मारी थी जिसका नतीजा ये रहा कि तीसरी गेंद पर छक्का जड़ दिया था। इस मैच में उन्होंने 35 रन बनाये थे।
बेस्ट का भी करियर लम्बा नहीं रहा और वो मात्र 8 टेस्ट खेलने में सफल नहीं हुए थे। उन्होंने 8 टेस्ट मैचों में 28.50 की औसत से 342 रन बनाये है।
कीथ दाबेंग्वा

टेस्ट डेब्यू में छक्का मारने वाले खिलाड़ियों की इस ख़ास लिस्ट में ज़िम्बाब्वे के खिलाड़ी भी शामिल है। कीथ दाबेंग्वा नाम के इस खिलाड़ी ने साल 2005 में अपना टेस्ट डेब्यू न्यूज़ीलैंड के खिलाफ किया था। इस मैच में उन्होंने कीवी दिग्गज स्पिनर डेनियल विटोरी की गेंद पर छक्का मारकर अपना खाता खोला था।
कीथ दाबेंग्वा ने भले ही टेस्ट डेब्यू पर छक्का लगाकर अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा लिया हो लेकिन उनका करियर लम्बा नहीं चल सका। उन्होंने ज़िम्बाब्वे के लिए मात्र 3 टेस्ट मैच खेले थे जिसमें 15 की औसत से 90 रन बनाये थे और 49.80 की औसत से 5 विकेट लिए थे।
शफीफुल इस्लाम

टेस्ट क्रिकेट के डेब्यू मैच में बांग्लादेश के खिलाड़ी शफीफुल इस्लाम का भी नाम शामिल है। बांग्लादेशी खिलाड़ी ने साल 2010 अपना डेब्यू भारत के समाने किया था। इस मैच में उन्होंने भारतीय लेग स्पिन गेंदबाज अमित मिश्रा की गेंद पर छक्का जड़कर ख़ास उपलब्धि हासिल की थी। वो ऐसा करने वाले पहले बांग्लादेशी खिलाड़ी बने थे।
शफीफुल के लिए ये कारनामा इसलिए भी ख़ास था क्योंकि उन्होंने बतौर गेंदबाज ये किया था। हालांकि उनका भी करियर ज्यादा लम्बा नहीं हो सका। वो बांग्लादेश के लिए मात्र 11 टेस्ट मैच खेल सकें जिसमें उन्होंने 55.41 की औसत से 17 विकेट चटकाए थे, जबकि 10.55 की औसत से 211 रन बनाये है।
ऋषभ पंत

भारत के दिग्गज बल्लेबाज ऋषभ पंत ने भी अपने टेस्ट करियर में अपना खाता छक्के के साथ खोला था। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ साल 2018 में डेब्यू किया था। उस मैच में इंग्लिश स्पिन गेंदबाज आदिल राशिद को उन्होंने छक्का जड़कर अपना नाम हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज करा लिया था।
उस मैच में वो भले ही ख़ास प्रदर्शन नहीं कर पाए लेकिन उसके बाद वो टेस्ट क्रिकेट में रुकने का नाम नहीं ले रहे है और लगातार नए नए रिकॉर्ड बना रहे है।
ऋषभ पंत इस लिस्ट में अभी तक एकलौते खिलाड़ी है जिन्होंने 25 से ज्यादा टेस्ट मैच खेले है। उन्होंने अभी तक भारत के लिए 47 टेस्ट खेले है जिसमें 44.50 की औसत से 3427 रन बनाये है। उनके नाम इस फॉर्मेट में 8 शतक और 18 अर्धशतक भी दर्ज है।
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