What is Bronco Test? : भारतीय क्रिकेट टीम के लिए फिटनेस हमेशा से अहम रही है। BCCI ने खिलाड़ियों की शारीरिक तैयारी को और मजबूत करने के लिए अब एक नया टेस्ट शामिल किया है, जिसका नाम ब्रोंको टेस्ट (Bronco Test) है। यह टेस्ट पहले रग्बी खिलाड़ियों के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसे क्रिकेट में भी फिटनेस मापने का साधन बनाया जा रहा है।
हेड कोच गौतम गंभीर और स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रूक्स की सिफारिश पर इस टेस्ट को लागू किया गया है। पहले से मौजूद Yo-Yo Test और 2 किलोमीटर टाइम ट्रायल के साथ अब यह नया टेस्ट खिलाड़ियों की सहनशक्ति और फिटनेस को मापने का हिस्सा बनेगा।
क्या है Bronco Test?
Bronco Test एक हाई-इंटेंसिटी रनिंग ड्रिल है, जिसका मकसद खिलाड़ी की स्टैमिना, स्पीड और कार्डियोवैस्कुलर कंडीशनिंग को परखना है। इसमें 20, 40 और 60 मीटर की शटल रन लगानी होती है। इसके प्रमुख नियम नीचे बताए जा रहे हैं।
- एक सेट में खिलाड़ी को ये तीनों दूरी लगातार दौड़नी होती है।
- कुल 5 सेट लगातार बिना रुके पूरे करने होते हैं।
- कुल दूरी होती 1200 मीटर है।
- इस टेस्ट को खिलाड़ियों को 6 मिनट के अंदर पूरा करना होता है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय खिलाड़ियों ने हाल ही में बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में यह टेस्ट दिया है।
क्यों जरूरी पड़ा Bronco Test टेस्ट?
जून 2025 में भारतीय टीम से दोबारा जुड़े एड्रियन ले रूक्स ने ब्रोंको टेस्ट सुझाव दिया था। उनका मानना था कि भारतीय खिलाड़ी, खासकर तेज गेंदबाज, जिम पर ज्यादा समय बिता रहे हैं और रनिंग-आधारित ट्रेनिंग पर कम ध्यान दे रहे हैं।
एक बीसीसीआई सूत्र के अनुसार, “Bronco Test को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू किया गया है। कई कॉन्ट्रैक्टेड खिलाड़ियों ने यह टेस्ट दिया है। खिलाड़ियों को बताया गया है कि अब उन्हें ज्यादा दौड़ना होगा और केवल जिम पर निर्भर नहीं रहना है।”
Yo-Yo Test और Bronco Test में अंतर
भारतीय क्रिकेट में Yo-Yo Test साल 2017 से फिटनेस का अहम पैमाना रहा है। यह टेस्ट 20 मीटर की दूरी पर बने दो कोन के बीच रनिंग पर आधारित है। हर स्तर पर स्पीड बढ़ती जाती है और हर 40 मीटर के बाद खिलाड़ियों को 10 सेकंड का रिकवरी टाइम मिलता है। इस टेस्ट को पास करने के लिए खिलाड़ियों को कम से कम 17.1 स्कोर करना जरूरी है।
दूसरी ओर, Bronco Test पूरी तरह लगातार रनिंग और सहनशक्ति पर केंद्रित है। इसमें कोई ब्रेक नहीं होता और खिलाड़ी की एरोबिक एंड्योरेंस को मापा जाता है।
इस तरह Yo-Yo Test जहां रिकवरी और चुस्ती पर फोकस करता है, वहीं Bronco Test खिलाड़ियों की लगातार दौड़ने की क्षमता को परखता है। दोनों मिलकर खिलाड़ियों की फिटनेस की पूरी तस्वीर पेश करते हैं।
2 किलोमीटर टाइम ट्रायल की अहमियत बरकरार
बीसीसीआई अभी भी 2 किलोमीटर टाइम ट्रायल को फिटनेस रूटीन का हिस्सा बनाए हुए है। तेज गेंदबाजों को यह दूरी 8 मिनट 15 सेकंड में पूरी करनी होती है। इसके अलावा, बल्लेबाज, विकेटकीपर और स्पिनर के लिए समय सीमा 8 मिनट 30 सेकंड है। यह टेस्ट खिलाड़ियों की सस्टेन्ड एंड्योरेंस यानी लंबे समय तक फिटनेस बनाए रखने की क्षमता को मापता है।
क्रिकेट में फिटनेस की नई परिभाषा
एशिया कप 2025 और आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स को देखते हुए बीसीसीआई खिलाड़ियों की फिटनेस से कोई समझौता नहीं करना चाहती है। Bronco Test, Yo-Yo Test और 2 किलोमीटर टाइम ट्रायल, तीनों मिलकर अब भारतीय खिलाड़ियों के लिए फिटनेस का नया पैमाना तय करेंगे।
तेज गेंदबाजों जैसे ज्यादा मेहनत वाले रोल के लिए यह बदलाव खास मायने रखता है। साफ है कि अब भारतीय क्रिकेट फिटनेस को लेकर और भी पेशेवर और सख्त हो चुका है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. Bronco Test क्या है?
यह एक रनिंग-आधारित फिटनेस टेस्ट है जिसमें खिलाड़ी को 20, 40 और 60 मीटर की लगातार शटल रन लगाकर कुल 1200 मीटर दूरी 6 मिनट के भीतर पूरी करनी होती है।
Q2. Yo-Yo Test से Bronco Test कैसे अलग है?
Yo-Yo Test रिकवरी और चुस्ती पर आधारित है, जबकि Bronco Test लगातार दौड़ने की क्षमता और सहनशक्ति को परखता है।
Q3. भारतीय खिलाड़ियों को यह टेस्ट कब से देना होगा?
बीसीसीआई ने इसे हाल ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बेंगलुरु में लागू किया है। अब यह Yo-Yo Test और 2 किमी टाइम ट्रायल के साथ फिटनेस बेंचमार्क का हिस्सा है।
Q4. 2 किलोमीटर टाइम ट्रायल क्यों अहम है?
यह खिलाड़ियों की लंबी अवधि तक रनिंग क्षमता और मैच जैसी परिस्थितियों में सहनशक्ति को मापने का साधन है।
Q5. Bronco Test को लागू करने की सिफारिश किसने की थी?
भारतीय टीम के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रूक्स ने इसे लागू करने की सिफारिश की थी।
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