क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में बहुत सी शानदार पारियां खेली है। जिसके चलते टीम को जीत मिली है। उनकी साल 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शारजाह में कसा कोला कप में खेली गयी पारी सबको याद होगी। जब उन्होंने डेजर्ट स्टॉर्म के बाद भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की धज्जियाँ उड़ाकर रख दी थी।
उस मैच को “सचिन्स डेजर्ट स्टॉर्म” के नाम से भी जाना जाता है। यहीं नहीं उन्होंने अपने लम्बे करियर में कई बार असाधारण स्थिति होने के बाद भी बल्लेबाजी की है और भारतीय टीम को मैच जिताने में मदद की है। ऐसे ही एक बार सचिन ने पैंट में टिशू पेपर रखकर बल्लेबाजी की थी। तो चलिए जानते हैं इस रोचक किस्से के बारे में।
डायपर लगाकर की सचिन ने बल्लेबाजी

दरअसल ये घटना हैं साल 2003 के आईसीसी वर्ल्ड कप की। जब सचिन उस टूर्नामेंट में अपनी पीक फॉर्म में चल रहे थे। उस दौरान श्रीलंका के खिलाफ जोहान्सबर्ग में खेले गए मैच में उन्होंने 160 मिनट तक अपने अंडरवियर में टिशू पेपर रखकर बल्लेबाजी की थी। वो उस आईसीसी टूर्नामेंट में श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले से पहले बीमार हो गए थे।
सचिन तेंदुलकर का उस मैच के पहले पेट खराब हो गया था और हालत बहुत खराब हो गयी थी। वो कमजोरी के चलते दौड़ने में भी परेशानी महसूस कर रहे थे। ज्यादा जोर लगाने पर उनकी पैंट खराब होने का खतरा था। क्योंकि, वो पेट की खराबी से जूझ रहे थे, जिसके कारण वो ड्रिंक ब्रेक के दौरान बार-बार ड्रेसिंग रूम भी जाना पड़ रहा था।
पेट दर्द की वजह से पहना था डायपर
तेंदुलकर ने उस घटना के बारे में बताया था कि, “मैंने अपने एनर्जी ड्रिंक्स में एक चम्मच नमक मिलाया हुआ था। मैंने यह सोचकर नमक मिलाया था कि इससे रिकवरी में मदद मिलेगी लेकिन, इससे मेरा पेट और भी खराब हो गया। परेशानी इतनी ज्यादा हो रही थी थी कि मुझे अपने अंडरवियर में टिशू पेपर रखकर बल्लेबाजी करनी पड़ रही थी। मैं एक बार ब्रेक के दौरान ड्रेसिंग रूम भी वापस गया क्योंकि मैदान में बहुत असहज महसूस कर रहा था.”
दर्द के बावजूद खेली कमाल की पारी
इतनी तकलीफ होने के बाद भी सचिन ने हार नहीं मानी और वो बल्लेबाजी करते रहे। उन्होंने इस मैच में शानदार बैटिंग की। जिसके बदौलत टीम इंडिया ने पहले खेलते हुए 292 रन बनाए। इस मैच में सचिन ने कमाल की बैटिंग करते हुए 97 रन बनाए और टूर्नामेंट की धमाकेदार अंदाज में शुरुआत की। वो भले ही शतक न बना पाए हो। लेकिन, ये पारी किसी शतक से कम नहीं थी। उनके अलावा, इस मैच में सहवाग ने 66 रन बनाए और गांगुली ने भी बखूबी साथ निभाते हुए 48 रनों का योगदान दिया था।
श्रीनाथ और नेहरा के आगे लंका ने टेके घुटने
भारत के पहाड़ से लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत काफी ख़राब रही। उसके बाद वो कभी संभल ही नहीं पाई और लगातार अंतराल में विकेट गिरते रहे और नतीजा ये हुआ कि वो मात्र 109 रनों पर ढेर हो गयी। श्रीलंका की टीम के 5 बल्लेबाज तो खाता ही नहीं खोल पाए थे जबकि कुमार संगाकारा ने सबसे ज्यादा 30 रन बनाए। भारत की तरफ से जवागल श्रीनाथ और आशीष नेहरा ने 4-4 विकेट लिए थे।
2003 में मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट बने थे सचिन
सचिन ने जिस तरह से इस टूर्नामेंट की शुरुआत की थी उसी तरह वो पूरे टूर्नामेंट के दौरान खेलना जारी रखा था। उन्होंने इस टूर्नामेंट में खेले 11 मुकाबलों में 61.18 की औसत से 673 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 6 अर्धशतक लगाए थे। एक वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बहुत समय तक सचिन के नाम था। विराट कोहली ने साल 2023 में इस रिकॉर्ड को तोड़ा था। इस शानदार प्रदर्शन के बलबूते वो मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट बने थे।
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