क्या आप जानते हैं कि क्रिकेट का हिंदी नाम क्या है?
What is Cricket Called in Hindi?: क्रिकेट भारत में सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि एक जुनून है। हर गली, मोहल्ले और स्कूल में बच्चे और बड़े इसे खेलते और देखते हैं। यही वजह है कि क्रिकेट ने भारतीय समाज में अपनी खास जगह बना ली है। यहाँ के लोग न सिर्फ इस खेल को खेलते हैं, बल्कि मैच देखकर भी उत्साहित होते हैं।
हालांकि, भारत में क्रिकेट का इतना क्रेज होने के बावजूद कई लोग यह नहीं जानते कि क्रिकेट को हिंदी में क्या कहते हैं। क्रिकेट पर दांव लगाने वाले तो लाखों हैं, लेकिन बहुत कम लोग इस खेल का असली हिंदी अर्थ जानते हैं। यह सवाल अक्सर मज़ाक में भी पूछा जाता है, लेकिन इसके पीछे का इतिहास काफी रोचक है और यह भाषा से जुड़ा तथ्य है। इस आर्टिकल में हम आपको क्रिकेट का हिंदी नाम, उससे जुड़े शब्द और भारत में इसके इतिहास के बारे में विस्तार से बताएंगे।
क्रिकेट का हिंदी नाम क्या है?
आधिकारिक तौर पर क्रिकेट को हिंदी में भी क्रिकेट ही कहा जाता है। यह नाम इतने समय से इस्तेमाल हो रहा है कि यह सभी के लिए आसान और परिचित बन गया है। भारत में यह खेल ब्रिटिश काल के दौरान आया और इसी वजह से इसका कोई पारंपरिक हिंदी नाम नहीं था।
कुछ शैक्षिक या साहित्यिक संदर्भों में इसे मज़ाकिया ढंग से “गोलगट्टम लकड़ पट्टम दे दनादन प्रतियोगिता” भी कहा जाता है। इसमें ‘गोलगट्टम’ शब्द का मतलब है गेंद का गोल घूमना, ‘लकड़ पट्टम’ का अर्थ लकड़ी का पट्टा यानी बल्ला होता है, जबकि ‘दे दनादन’ शब्द इस खेल की तेज गति को दिखाता है। हालांकि, रोजमर्रा की भाषा में यह नाम बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन यह जरूर साबित करता है कि क्रिकेट को हिंदी भाषा में भी समझाया जा सकता है।
क्रिकेट से जुड़े कुछ जरूरी हिंदी शब्द
क्रिकेट में कई शब्द हैं जिनका बाद में हिंदी में रूपांतरण किया गया है, जिससे इस खेल को समझना और भी आसान हो जाता है। उदाहरण के रूप में, बैट्समैन को बल्लेबाज, बॉलर को गेंदबाज और अंपायर को निर्णायक कहा जाता है। ये शब्द खेल को नए दर्शकों और छात्रों को समझने के लिए आसान बनाते हैं।
इसी तरह स्कोरिंग के शब्द भी हिंदी में बदल दिए गए हैं। जैसे: सिक्स को छक्का और फोर को चौका कहा जाता है। इसके अलावा, LBW को पगबाधा आउट भी कहा जाता है, लेकिन इस शब्द का प्रयोग कम होता है। ये शब्द दर्शकों और खिलाड़ियों को समझने के लिए आसान हैं और खेल की भाषा को सरल बनाते हैं। भारत में इन शब्दों का प्रयोग खेल को समझाने, टीवी कमेंट्री और बच्चों के ट्रेनिंग में भी होता है।
भारत में क्रिकेट का इतिहास
भारत में क्रिकेट की शुरुआत 18वीं शताब्दी में ब्रिटिश काल के दौरान हुई। यह खेल सबसे पहले अंग्रेज़ व्यापारियों और अधिकारियों द्वारा ही खेला जाता था। उन्होंने 1792 में बॉम्बे (अब मुंबई) में पहला क्लब बनाया, फिर कलकत्ता (अब कोलकाता) और मद्रास (अब चेन्नई) जैसे प्रमुख बंदरगाह शहरों में क्रिकेट क्लब बनाए गए, जिसके चलते धीरे-धीरे यह खेल शहरों और कस्बों में फैलने लगा। शुरुआती दिनों में क्रिकेट ख़ासतौर से ऊँचे तबके के लोग और अंग्रेज़ अधिकारियों के बीच ही खेला जाता था।
समय के साथ, स्थानीय भारतीयों ने भी क्रिकेट खेलना शुरू किया। 19वीं सदी के दौरान यह खेल शहरों के साथ-साथ गाँवों में भी फैलने लगा। इसके बॉडीज स्कूलों और कॉलेजों में क्रिकेट खेलना आम हो गया था और युवा लोगों में इसकी लोकप्रियता काफी तेजी से बढ़ने लगी थी। आगे चलकर भारतीय खिलाड़ी भी धीरे-धीरे इसकी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने लगे।
1932 में भारत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और उसी समय से भारतीय क्रिकेट टीम ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलना शुरू किया। आज भारत में क्रिकेट केवल खेल नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक प्रतीक बन गया है। हर कोने में इसे खेला और देखा जाता है और यह लोगों के जीवन का एक अहम हिस्सा तक बन चुका है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्रिकेट का हिंदी में क्या अर्थ है?
क्रिकेट का हिंदी अर्थ आमतौर पर क्रिकेट ही है, लेकिन शैक्षिक संदर्भ में इसे ‘गोलगट्टम लकड़ पट्टम दे दनादन प्रतियोगिता’ कहा जाता है।
Q2. भारत में क्रिकेट कब आया?
भारत में क्रिकेट 18वीं शताब्दी में आया और 1792 में बॉम्बे (अब मुंबई) में पहला क्रिकेट क्लब बना।
Q3. भारत ने अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट कब खेलना शुरू किया था?
भारतीय टीम ने 1932 में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया था।
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