कनाडा में चल रहे मैच के दौरान एक बार इंजमाम उल हक को आलू-आलू कहने से इतना चिढ़ गए कि वह फैन को बैट से पीटने के लिए दर्शक दीर्घा तक पहुच गए।
क्रिकेट के मैदान पर जब भारत और पाकिस्तान की टीमें एक-दूसरे से टकराती हैं तो फैंस की नजरें हमेशा उस मैच के हर एक छोटे- छोटे मोमेंट्स पर टिकी रहती हैं। इनदोनो टीमों की लड़ाई सिर्फ क्रिकेट तक नहीं, बल्कि दोनों के लिए मान सम्मान की लड़ाई बन जाती है। इसी कारण से दोनों टीमों के बीच तनाव और विवाद हमेसा से देखा गया हैं। उसी में से एक किस्सा फैन्स और पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक के बीच के हुए विवाद का हैं। आइए, ग्राउंड पर हुए इस बड़े विवादों के बारे में जानते हैं।
क्या है आलू- आलू कहने का मामला क्यों दर्शको से भिड़ गए इंजमाम उल हक

1997 में भारत और पाकिस्तान के बीच कनाडा के टोरंटो में सहारा कप का मैच खेला जा रहा था। इस सीरीज में दोनों टीमों के बीच हो रहा था। पहले मैच में भारतीय टीम से मिली हार के बाद खिलाड़ी निराश थे। इसके बाद दुसरे मैच में भी टीम इंडिया के आगे पाकिस्तान की टीम सिर्फ 116 रन पर ऑलआउट हो गई थी।
इसके बाद भारतीय टीम बैटिंग करने उतरी इसी दौरान पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक बाउंड्री पर फील्डिंग कर रहे थे। उनके मोटापे को देखते हुए क्रिकेट मैच के दौरान अक्सर दर्शक उन्हें आलू कहकर उनका मजाक बनाते थे, जिसके चलते वह बहुत बार नाराज भी हो जाते थे। ठीक ऐसा ही इस मैच के दौरान भी हुआ, शिवकुमार थिंड नाम के एक व्यक्ति और उसके आसपास के और भी दर्शक इंजमाम के पीछे पड़ गए और बार-बार इंजमाम को आलू-आलू कहकर मजाक उड़ा रहे थे।
दर्शको की ओर से बार ‘ आलू- आलू’ कहे जाने पर क्या था इंजमाम उल हक का प्रतिक्रिया
मैच के दौरान क्रिकेट फैन्स के बार- बार चिढ़ाने की आवाज़ को सुनकर इंजमाम काफी नाराज हुए और ड्रिंक्स के दौरान पाकिस्तान के प्लेयर से एक बैट मंगाया, जिसे उनके साथी खिलाड़ी भी काफी हैरान थे कि फील्डिंग के दौरान हक को बल्ला का क्या काम है, इसके बाद बैट लेकर इंजमाम दर्शक दीर्घा में बैठे शख्स को बल्ले से मारने के लिए दौड़ थे इस बाद काफी बवाल हुआ। इंजी को फिर सिक्योरिटी ने रोका नहीं तो ये मामला बहुत बढ़ जाता। इस लड़ाई के चलते मैच 40 मिनट तक रुका था। इस घटना के बाद हक ने शांति से मैदान पर अपनी जगह ले ली थी और भारत ने बाद में यह मैच आसानी से 7 विकेट से जीत लिया।
इस घटना बाद के बाद इंजमाम उल हक ने क्या कहा, आइए जानते है
इस विवाद के बाद इंजमाम ने कहा था, “मैं कब तक उस व्यक्ति को अपने धर्म और शारीरिक ढाँचे के ऊपर तंज़ करते हुए बर्दाश्त करता।” इंजमाम ने कहा कि मैं एक खिलाड़ी होने के साथ-साथ एक इंसान भी हूँ।
इंजी ने बताया कि मैं स्टैंड में दर्शकों के साथ कोई लड़ाई या हाथापाई करने नहीं गया था। मैं बस उनसे यह पूछने गया था कि वह मेरे साथ दुर्व्यवहार क्यों कर रहे है। इसके साथ दर्शकों में से ही किसी ने मुझ पर मेगाफोन से हमला किया और बाद मैंने जो कुछ भी किया, वह पूरी तरह से अपने बचाव के लिए था। मैं उसे खुद को शारीरिक रूप से नुकसान पहुँचाने की अनुमति नहीं दे सकता था।
इसके बाद इंजमाम के साथी खिलाड़ी उनको पवेलियन ले गए। कुछ लोगों ने यहाँ तक कहा कि वह रोने लगे थे। इस विवाद के बाद पुलिस ने दो दर्शकों को गिरफ्तार भी किया था।

