भारत और पाकिस्तान दो ऐसे देश हैं, जो भले ही पड़ोसी तो हैं लेकिन उनमें बहुत अंतर हैं। हालाँकि खेल किसी को भी पास लाने का जरिया बन सकता है। लेकिन वो भी जब अपने चिर प्रतिद्वंदी के साथ खेला जाता है तो उसमें अलग ही इमोशन बाहर आते हैं। जिसमें हारने की कोई जगह नहीं होती और सिर्फ जीत ही एकमात्र रास्ता दिखता है। एशिया कप 2025 को शुरू होने में अब सिर्फ थोड़ा समय ही बचा हुआ है।
भारत और पाकिस्तान के बीच इस बार भी मुकाबला होना है और दोनों टीमें जब भी आमने-सामने आती हैं तो फैंस के साथ-साथ खिलाड़ियों के भी इमोशंस बाहर निकलते हैं। ऐसे ही 2010 के एशिया कप में गौतम गंभीर और कामरान अकमल भी फील्ड पर टकरा गए थे।
कामरान अकमल और गौतम गंभीर विवाद

दरअसल यह विवाद साल 2010 के एशिया कप का है, जिसमें भारत और पाकिस्तान का आमना-सामना लीग मैच के दौरान दाम्बुला में खेला जा रहा था। इस मैच में गौतम गंभीर और कामरान अकमल ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान भिड़ गए थे। मामला यह था कि सईद अजमल पारी का 34वां ओवर फेंक रहे थे और एक गेंद पर पाकिस्तानी विकेटकीपर कामरान अकमल ने कैच की जोरदार अपील की। लेकिन अंपायर बिली बाउडन पर इस अपील का कोई फर्क नहीं पड़ा, वहीं गंभीर अकमल की बार-बार अपील से नाराज़ थे।
ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान के कीपर ने शाहिद अफरीदी की गेंद पर इसी तरह की अपील की थी जिसमें गंभीर के बल्ले से कोई संपर्क नहीं था। जिसके बाद ड्रिंक्स ब्रेक हुआ और तब गौतम व कामरान अकमल के बीच जमकर विवाद हुआ। दोनों ने एक-दूसरे को काफी अपशब्द कहे।
लगातार अपील करने के चलते हुई थी लड़ाई
गंभीर और अकमल के बीच ओवर के तुरंत बाद तू-तू मैं-मैं शुरू हो गई। अंपायर्स और धोनी ने मिलकर दोनों खिलाड़ियों को अलग किया। लेकिन ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान भी मामला शांत नहीं हुआ और दोनों सामने आ गए। जिसके बाद फिर माही गौतम को दूर लेकर गए और तब जाकर मामला शांत हुआ। हालाँकि इस ओवर के बाद सईद अजमल ने गौतम गंभीर को आउट कर दिया, जिसके बाद मैच काफी टक्कर का हो गया था।
यह मैच की आखिरी लड़ाई नहीं थी बल्कि इसके बाद हरभजन सिंह और शोएब अख्तर के बीच भी लड़ाई हुई थी। यह एशिया कप के इतिहास में अब तक का सबसे विवादित मैच रहा है।
पाक ने बनाया फाइटिंग टोटल
पाकिस्तान ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए ओपनर सलमान बट के 74 और विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल के 51 रनों की बदौलत 267 रन बनाए। पाक टीम एक समय पर 300 के आंकड़े को छूते हुए दिख रही थी लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल में विकेट लेकर बड़े स्कोर तक पहुँचने से रोक लिया।
हरभजन के छक्के ने दिलाई पाकिस्तान से जीत
टीम इंडिया की शुरुआत लक्ष्य का पीछा करते हुए खराब हुई थी। सहवाग और कोहली सस्ते में पवेलियन लौट गए थे, जिसके बाद गंभीर और धोनी ने समझदारी से खेलना शुरू किया लेकिन वो दोनों मैच खत्म नहीं कर सके। अंत में हरभजन और रैना ने मिलकर टीम को मैच जिताया। यह मैच इसलिए भी याद रखा जाता है क्योंकि भज्जी ने छक्का लगाकर मैच भारत की झोली में डाला था।

