2014 में भारत और इंग्लैंड दौरे के दौरान शुरू हुई यह राइवलरी। इस सीरीज के दौरान इंग्लिश बॉलर जेम्स एंडरसन ने भारतीय टीम के मशहूर बल्लेबाज विराट कोहली को 10 पारियों में चार बार आउट किया था।
इस घटना के बाद से विराट कोहली और जेम्स एंडरसन के बीच अहम की लड़ाई चल रही थी। इस दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच मैदान पर तीखी नोक-झोंक देखी गई।
विराट और एंडरसन की लड़ाई कब और कहाँ हुई?
साल 2014 में जब भारत की टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी, इस दौरान विराट कोहली और जेम्स एंडरसन में कड़ी टक्कर देखी गई थी। तेज गेंदबाज जेम्स ने दस पारियों में विराट को चार बार आउट किया था। इंग्लैंड में पहली बार टेस्ट क्रिकेट खेल रहे इस युवा खिलाड़ी को घूमती हुई लाल गेंदों के सामने जूझना पड़ा। इस सीरीज में अपने प्रदर्शन से काफी निराश थे विराट कोहली।
विराट कोहली और एंडरसन राइवलरी की शुरुआत कैसे हुई?
इंग्लैंड सीरीज़ कोहली के लिए बेहद खराब रही, जैसा कि उन्होंने उस सीरीज़ से मिली सीख के बारे में कई इंटरव्यू में बताया है। जेम्स एंडरसन की आउटस्विंग गेंदों का उनके पास कोई जवाब नहीं था। वह बार-बार उन शानदार गेंदों के जाल में फँस रहे थे और एंडरसन उन पर पूरी तरह से हावी थे। कोहली ने दस पारियों में 13.40 की औसत से केवल 134 रन ही बनाए, जिसमें उनका सर्वाधिक स्कोर 39 था।
यहीं से इस राइवलरी की शुरुआत हुई। कभी-कभार इन खिलाड़ियों में आपसी बहस भी देखी गई। 2014 के इस दौरे के बाद अगले सात साल तक विराट कोहली ने जेम्स एंडरसन को अपना विकेट नहीं दिया था। आखिरी बार कोहली 2014 के मैनचेस्टर टेस्ट में एंडरसन की गेंद पर आउट हुए थे।
विराट कोहली और जेम्स एंडरसन ने 36 पारियों में एक-दूसरे का सामना किया, जहाँ कोहली ने तेज गेंदबाज के खिलाफ 43.57 की औसत से 305 रन बनाए और सात बार आउट भी हुए।
विराट ने कैसे खत्म की अपनी और एंडरसन की राइवलरी
2014 की बल्लेबाजी में हुई गलतियों से सीखते हुए, भारतीय कप्तान ने अपनी तकनीक में बदलाव किया और 2018 में इंग्लैंड दौरे पर विराट कोहली ने सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में 593 रन बनाकर टॉप पर रहे।
इससे भी बड़ी बात यह है कि वह पूरी सीरीज में एंडरसन से आउट नहीं हुए और भारतीय समर्थक भी कुछ ऐसी ही उम्मीद कोहली से कर रहे थे। जेम्स एंडरसन ने नॉटिंघम में 2021 के पहले टेस्ट में विराट को शून्य पर आउट करके इस सिलसिले को तोड़ने में कामयाब हुए।
जहाँ एंडरसन ने शुरुआत में कोहली पर दबदबा बनाया, वहीं कोहली ने समय के साथ अपने खेल को निखारते हुए इस राइवलरी में शानदार वापसी की। यही तो टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती है कि हर गेंद, हर रन और हर विकेट के पीछे एक कहानी होती है।

