Cheteshwar Pujara Pension: भारतीय टेस्ट क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाजों में शुमार चेतेश्वर पुजारा ने हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। 15 साल लंबे करियर में पुजारा ने अपने बल्ले से टीम इंडिया के लिए कई ऐतिहासिक पारियां खेलीं और राहुल द्रविड़ के बाद भारत की टेस्ट टीम के नंबर तीन की पोजीशन को मजबूती से संभाला। उन्होंने अपने शांत स्वभाव, धैर्य और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की क्षमता से भारतीय क्रिकेट में नई मिसाल कायम की।
पुजारा का करियर भले ही अब खत्म हो चुका हो, लेकिन उनकी कमाई पूरी तरह से रुकने वाली नहीं है। बीसीसीआई की पेंशन स्कीम के तहत अब उन्हें हर महीने पेंशन मिलेगी, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति और भी मजबूत बनी रहेगी।
पुजारा का शानदार टेस्ट करियर
चेतेश्वर पुजारा ने साल 2010 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने भारत के लिए 103 टेस्ट मैच खेले और 43.60 की औसत से 7195 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 19 शतक और 35 अर्धशतक भी जमाए।
पुजारा की खासियत यह थी कि वह किसी भी परिस्थिति में टिककर खेलने का दम रखते थे। उन्होंने कई बार कठिन हालात में टीम को संभाला और बड़ी पारियां खेलीं। संयोग की बात यह रही कि पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही अपना पहला और आखिरी टेस्ट खेला और इस टीम के खिलाफ उन्होंने सबसे ज्यादा रन भी बनाए।
पुजारा को बीसीसीआई से मिलेगी इतनी पेंशन
बीसीसीआई ने साल 2022 में पूर्व क्रिकेटरों और अंपायरों की पेंशन राशि बढ़ाई थी। इसी योजना के तहत चेतेश्वर पुजारा को भी पेंशन मिलेगी। चूंकि, उन्होंने 100 से ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं, इसलिए वह इस योजना की टॉप कैटेगरी में आते हैं।
अब उन्हें हर महीने 70,000 रुपये की मासिक पेंशन दी जाएगी। बीसीसीआई का मानना है कि जिन्होंने देश के लिए लंबे समय तक क्रिकेट खेला है, उनके जीवन के बाद के दिनों का भी ख्याल रखना जरूरी है। उस समय बीसीसीआई अध्यक्ष रहे सौरव गांगुली ने कहा था कि खिलाड़ियों और अंपायरों के योगदान को सम्मानित करना बोर्ड की जिम्मेदारी है।
वनडे और टी20 करियर में क्यों नहीं मिली सफलता?
जहां पुजारा टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बने, वहीं वनडे और टी20 क्रिकेट में उनका सफर खास नहीं रहा। उन्होंने भारत के लिए केवल 5 वनडे मैच खेले, जिसमें उनके बल्ले से सिर्फ 51 रन निकले।
पुजारा को कभी भी भारत की टी20 टीम में मौका नहीं मिला। हालांकि आईपीएल में वह चार अलग-अलग टीमों का हिस्सा बने। उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, पंजाब किंग्स और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टीमों का हिस्सा बनकर टूर्नामेंट खेला। हालांकि, 2021 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ आईपीएल जीतने के बावजूद उन्हें पूरे सीजन बेंच पर बैठना पड़ा।
संन्यास के बाद का सफर
चेतेश्वर पुजारा ने केवल भारतीय क्रिकेट से संन्यास लिया है। वह आगे भी खेल से जुड़े रहेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही लीजेंड्स लीग क्रिकेट में नजर आएंगे। इसके अलावा, वह कमेंट्री बॉक्स में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे।
पुजारा पहले भी इंटरनेशनल क्रिकेट से बाहर रहने के दौरान कमेंट्री कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने X पर इशारा किया कि वह फिर से कमेंट्री बॉक्स में वापसी करेंगे। हरभजन सिंह ने जब उनके संन्यास पर शुभकामनाएं दीं, तो पुजारा ने रिप्लाई में कहा कि वह मीडिया बॉक्स में उनके साथ समय बिताने के लिए उत्सुक हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: चेतेश्वर पुजारा को बीसीसीआई से कितनी पेंशन मिलेगी?
उत्तर: चेतेश्वर पुजारा को बीसीसीआई की पेंशन योजना के तहत हर महीने 70,000 रुपये मिलेंगे, क्योंकि उन्होंने 100 से ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं।
प्रश्न 2: पुजारा ने अपने करियर में कितने रन बनाए?
उत्तर: पुजारा ने 103 टेस्ट मैचों में 43.60 की औसत से 7195 रन बनाए, जिसमें 19 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं।
प्रश्न 3: पुजारा का वनडे करियर कैसा रहा?
उत्तर: पुजारा ने भारत के लिए केवल 5 वनडे खेले और 51 रन बनाए। उन्हें वनडे और टी20 क्रिकेट में ज्यादा सफलता नहीं मिल सकी।
प्रश्न 4: क्या पुजारा आईपीएल का हिस्सा रहे हैं?
उत्तर: हां, पुजारा चार आईपीएल टीमों का हिस्सा रहे। उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, पंजाब किंग्स और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेला।
प्रश्न 5: संन्यास के बाद पुजारा क्या करेंगे?
उत्तर: पुजारा लीजेंड्स लीग में खेलते हुए दिखाई दे सकते हैं और साथ ही कमेंट्री बॉक्स में भी उनकी मौजूदगी रहेगी।
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