Real Reason Behind Indian Women’s Team Wearing Pink Jersey in INDW vs AUSW 3rd ODI: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया महिला टीम के खिलाफ दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए तीसरे वनडे में एक खास कदम उठाया। टीम इंडिया की खिलाड़ियों ने अपने पारंपरिक नीले रंग की जर्सी छोड़कर पिंक जर्सी पहनी।
यह सिर्फ एक फैशन स्टेटमेंट नहीं था, बल्कि एक गंभीर सामाजिक संदेश देने का तरीका था। भारतीय महिला टीम ने यह पिंक जर्सी ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए पहनी, जिससे समाज में इस बीमारी को लेकर बातचीत बढ़ सके और महिलाएं समय रहते खुद का ध्यान रख सकें।
पिंक जर्सी का मकसद
इस मैच से पहले बीसीसीआई ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इस पहल के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि “हर दिन हम अनिश्चितताओं के लिए ट्रेनिंग करते हैं और यह जर्सी आपको याद दिलाती है कि तैयार रहना जरूरी है। ब्रेस्ट सेल्फ-एग्जामिनेशन को हर महीने की आदत बनाइए और ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ कदम बढ़ाइए।” इसी वीडियो में ऑलराउंडर स्नेह राणा ने भी इस पहल को जीवन रक्षक आदत बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह पिंक जर्सी सिर्फ एक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को खुद से प्यार करने और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने का आह्वान है।
भारतीय महिला टीम का अनोखा कदम
यह पहली बार है जब भारतीय महिला टीम ने किसी अंतरराष्ट्रीय मैच में नीले रंग की जगह किसी और रंग की जर्सी पहनी है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीकी टीम कई बार पिंक जर्सी पहनकर सामाजिक संदेश देती रही है, लेकिन भारत के लिए यह पहली बार था। यह पहल ऐसे समय पर हुई है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज 1-1 से बराबरी पर थी और तीसरा वनडे निर्णायक मुकाबला था। ऐसे में इस मैच का महत्व और बढ़ गया। यह मुकाबला भारत का आईसीसी महिला विश्व कप 2025 से पहले आखिरी वनडे मैच भी था, जो 30 सितंबर से भारत में शुरू होने वाला है।
भारतीय क्रिकेट में ऐसे और मौके
यह पहली बार नहीं है जब भारतीय क्रिकेट टीम ने किसी सामाजिक कारण के लिए अपने ड्रेस कोड में बदलाव किया हो। 2016 में भारतीय पुरुष टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ विशाखापट्टनम में खेले गए वनडे में अपनी जर्सी पर खिलाड़ियों की माताओं के नाम लिखकर खेला था। 2019 में टीम इंडिया ने रांची में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए आर्मी कैमोफ्लाज कैप पहनी थी।
ऐतिहासिक पलों का गवाह बना अरुण जेटली स्टेडियम
दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम भी इस मौके का गवाह बना। यह मैच इसलिए भी खास रहा क्योंकि यहां आखिरी बार महिला वनडे 30 साल पहले नवंबर 1995 में खेला गया था, जब भारत ने इंग्लैंड की मेजबानी की थी। 1997 में यहां श्रीलंका के खिलाफ विश्व कप मैच होना था, लेकिन बारिश की वजह से मुकाबला रद्द कर दिया गया था।
भारतीय महिला टीम की यह पहल खेल के जरिए समाज में जागरूकता लाने की एक बेहतरीन मिसाल है। इस पिंक जर्सी ने न सिर्फ खिलाड़ियों को बल्कि दर्शकों को भी यह सोचने पर मजबूर किया कि समय पर जांच और जागरूकता से ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।
ऑस्ट्रेलिया ने बनाया 412/10 का टोटल
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे तीसरे और आखिरी वनडे में ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 412 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। यह भारतीय महिला टीम के सामने वनडे क्रिकेट में अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य है। सीरीज 1-1 से बराबरी पर थी, ऐसे में यह मुकाबला सीरीज का फाइनल जैसा बन गया।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से बेथ मूनी ने शानदार 138 रनों की पारी खेली, जिसमें 23 चौके और 1 छक्का शामिल था। उनके साथ जॉर्जिया वॉल ने 81 रन बनाए और एलिस पेरी ने भी 68 रन का योगदान दिया। इन दोनों ने मिलकर मिडिल ऑर्डर को मजबूत किया और भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। अंत में एश्ले गार्डनर और वेयरहैम ने ताबड़तोड़ खेल दिखाते हुए टीम का स्कोर 400 के पार पहुंचा दिया।
भारत की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज अरुंधति रेड्डी रहीं, जिन्होंने 3 विकेट झटके। रेनुका सिंह और दीप्ति शर्मा ने दो-दो विकेट लिए लेकिन रन रोकने में नाकाम रहीं। भारतीय गेंदबाजों की सबसे बड़ी चुनौती मूनी को रोकने में रही, जिन्होंने पारी के हर स्टेज में आक्रामक बल्लेबाजी की।
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