आईसीसी वीमेंस वर्ल्ड कप का आयोजन शुरू होने वाला है। यह टूर्नामेंट लंबे समय के बाद सबकॉन्टिनेंट में खेला जा रहा है। पहली बार इस मल्टीनेशनल इवेंट को दो देशों में ऑर्गनाइज़ कराया जा रहा है। भारत के साथ-साथ श्रीलंका भी इसे होस्ट कर रहा है।
वीमेंस वर्ल्ड कप का आगाज़ 30 सितंबर को भारत और श्रीलंका के मुकाबले से होगा जबकि फाइनल मैच 2 नवंबर को खेला जाएगा। सभी टीमें पूरी तरह से तैयार दिख रही हैं, लेकिन फिर भी ख़िताब कोई एक ही टीम जीतने में सफल होगी। तो चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं कि कौन-सी टीम ट्रॉफी जीतने की प्रबल दावेदार है।
ये टीमें वर्ल्ड कप जीतने की हैं प्रबल दावेदार
1. ऑस्ट्रेलिया वीमेंस (Australia Women)

मेंस की तरह ऑस्ट्रेलिया वीमेंस की टीम भी क्रिकेट में सबसे सफल टीम है और उन्हें टेढ़ी खीर साबित करना होता है। वर्ल्ड कप जैसे इवेंट में तो वो बिना मैच हारे ही ख़िताब जीत जाते हैं। तभी वो सबसे ज़्यादा टाइटल जीतने वाली टीम हैं। उन्होंने 7 बार ट्रॉफी अपने नाम कर रखी है।
ऑस्ट्रेलिया की टीम इस बार भी ख़िताब जीतने की सबसे प्रबल दावेदार है, क्योंकि उनके पास बहुत से ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके पास वर्ल्ड कप न सिर्फ़ खेलने का अनुभव है बल्कि ट्रॉफी जीतने का भी आइडिया है। वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में अक्सर एक्सपीरियंस काफ़ी मैटर करता है। पिछली बार भी न्यूज़ीलैंड में हुए टूर्नामेंट में उन्होंने जीत हासिल की थी।
ऑस्ट्रेलिया की टीम ने साल 2023 से अब तक 34 मुकाबले खेले हैं, जिसमें से 30 में जीत दर्ज की है जबकि सिर्फ़ 4 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। यही नहीं, इंडिया में हो रहे टूर्नामेंट की तैयारी के लिए उन्होंने भारत के खिलाफ़ वनडे सीरीज़ खेली थी जिसे भी 2-1 से अपने नाम किया था।
ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड कप स्क्वॉड में यूथ और एक्सपीरियंस का अच्छा मिक्सचर रखा है। गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी में तो उनके पास अच्छे प्लेयर्स हैं, लेकिन एलिस पैरी और टाहिला मैक्ग्राथ के रूप में दो दिग्गज ऑलराउंडर हैं जो अपने दम पर मैच बदलने की क्षमता रखती हैं। उनकी खिलाड़ियों की फ़ॉर्म को देखते हुए वे अपने टाइटल को डिफेंड कर सकती हैं।
2. इंडिया वीमेंस (India Women)

भारत की वीमेंस टीम ने पिछले कुछ समय में काफ़ी तरक्की की है और अब वह लगातार नॉकआउट स्टेज तक पहुँचने में सफल तो हो जाती है, लेकिन वहाँ पर बड़े मैच के दबाव के चलते हार का सामना करना पड़ता है। हालाँकि इस बार अपने घर में हो रहे वर्ल्ड कप का पूरा फ़ायदा भारतीय टीम उठाना चाहेगी।
टीम के पास हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स के रूप में अनुभवी बल्लेबाज़ हैं, तो वहीं प्रतिका रावल के रूप में युवा खिलाड़ी भी हैं जो इनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार हैं। जबकि पावर-हिटिंग की ज़िम्मेदारी ऋचा घोष और दीप्ति शर्मा के ऊपर है, जो अपनी काबिलियत को दुनिया के सामने अच्छी तरह से दिखा चुकी हैं।
गेंदबाज़ी में भी टीम इंडिया के पास अच्छे विकल्प हैं। रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़ के रूप में तेज़ गेंदबाज़ हैं, जबकि राधा यादव और श्री चरनी के रूप में स्पिन डिपार्टमेंट भी काफ़ी मजबूत है। इसलिए वे अपने होम क्राउड के सामने वर्ल्ड कप जीतने की प्रबल दावेदारों में से एक हैं।
3. इंग्लैंड वीमेंस (England Women)

इंग्लैंड की मेंस टीम भले ही फ्रीक्वेंटली ट्रॉफी न जीत पाती हो, लेकिन उनकी वीमेंस टीम इस मामले में उनसे आगे है। वे 4 बार वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम कर चुकी हैं। इंग्लैंड वीमेंस की लीडरशिप में बदलाव हुआ है लेकिन उनके प्रदर्शन में ज़्यादा बदलाव देखने को नहीं मिले हैं।
बड़े टूर्नामेंट में इंग्लैंड की टीम अच्छा परफॉर्म करना जानती है। उनके पास भी स्क्वॉड में एक्सपीरियंस और यूथ का अच्छा मिक्सचर है। टीम के पास सोफिया डंकली और डेनियल वायट के रूप में अच्छे बल्लेबाज़ हैं, तो वहीं लॉरेन बेल और लॉरेन फिलर जैसे धाकड़ गेंदबाज़ हैं और नेट सिवर-ब्रंट के रूप में एक शानदार कप्तान हैं जो कि टीम का अच्छे से नेतृत्व करना जानती हैं।

