टेस्ट क्रिकेट में जितना रोल बल्लेबाजों और गेंदबाजों का होता हैं उतना ही योगदान विकेटकीपर का भी होता हैं। क्योंकि वो एकलौते खिलाड़ी होते हैं जिन्हें हमेशा एक्टिव रहना पड़ता हैं। क्योंकि अगर एक भी गलती हुई तो मैच पलट सकता हैं। वो भले ही कप्तान न नियुक्त किए गए हो लेकिन उनकी अहमियत उससे कम नहीं होती हैं।
वो अच्छा प्रदर्शन करते हैं तब भी उनकी तारीफ नहीं होती हैं। यह एक थैंकलेस जॉब होती हैं। रैंक टर्नर से लेकर ग्रीन टॉप जैसी अलग अलग कंडीशन में उन्हें अलग अलग चैलेंज का सामना करना पड़ता हैं और वो हर चीज में डील कर लेते हैं। तो चलिए जानते हैं कि भारत के किस विकेटकीपर ने एक पारी में सबसे ज्यादा डिसमिसल किए हैं।
टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा डिसमिसल

ऋषभ पंत (Rishabh Pant) – 11 डिसमिसल (एडिलेड 2018)
ऋषभ पंत ने 2018 में एडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विकेट के पीछे 11 विकेट लेकर इतिहास रच दिया था। उन्होंने उस मैच में अपने सभी विकेट कैच से लिए, कोई स्टंपिंग नहीं। उनकी शानदार विकेटकीपिंग की बदौलत भारत ने मैच 31 रनों से जीत लिया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई धरती पर उनके अभियान की ऐतिहासिक शुरुआत हुई।
रिद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) – 10 डिसमिसल (केपटाउन 2018)
ऋषभ पंत से पहले यह रिकॉर्ड रिद्धिमान साहा के नाम था। 2018 में साहा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में 10 कैच लपके थे। तेज़ गेंदबाज़ों के लिए मददगार पिच पर साहा का प्रदर्शन शानदार रहा। उनकी शानदार चपलता और सटीक तकनीक ने टीम इंडिया को कई अहम विकेट दिलाने में मदद की।
एमएस धोनी (MS Dhoni)- 9 डिसमिसल (मेलबर्न 2014)
टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तानों में से एक एमएस धोनी भी इस लिस्ट में शामिल हैं। 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट में धोनी ने विकेटकीपिंग करते हुए नौ शिकार किए, जिनमें आठ कैच और एक स्टंपिंग शामिल है। उस समय वह भारतीय टीम के कप्तान थे और अपनी शांत रणनीति और अनुभव से उन्होंने भारत को ऑस्ट्रेलिया में मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकाला था।
ऋषभ पंत (Rishabh Pant) – 9 डिसमिसल (ब्रिस्बेन 2024)
ऋषभ पंत ने 2024 ब्रिस्बेन टेस्ट में भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी। उन्होंने इस मैच में 9 कैच लपके और अपनी फिटनेस और गति से साबित कर दिया कि वह न केवल बल्लेबाजी में बल्कि विकेटकीपिंग में भी भारत के सबसे भरोसेमंद नामों में से एक हैं।
नयन मोंगिया (Nayan Mongia) – 8 डिसमिसल (डरबन टेस्ट, 1996)
नयन मोंगिया 90s के दशक में विकेट के पीछे शानदार प्रदर्शन करने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन टेस्ट में आठ कैच लेकर रिकॉर्ड बनाया था। वह दौर भारतीय विकेटकीपरों के लिए चुनौतीपूर्ण था और मोंगिया ने अपनी तकनीक से सभी को प्रभावित किया था।

