Arindam Bhattacharya Retires: भारत के अनुभवी फुटबॉल गोलकीपर अरिंदम भट्टाचार्य ने बीती रात पेशेवर फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी है। इसके बाद 35 वर्षीय अरिंदम ने एक भावुक पोस्ट में अपने सफर को याद करते हुए लिखा है कि , “यह सब उनके बचपन के उस सपने से शुरू हुआ था। तब उन्होंने मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के लिए भी खेला था और दिग्गज भारतीय कप्तान बाइचुंग भूटिया का सामना भी किया था।”
अरिंदम भट्टाचार्य ने लिया पेशेवर फुटबॉल से संन्यास :-
भारत के अनुभवी फुटबॉल गोलकीपर अरिंदम भट्टाचार्य ने अब पेशेवर फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी है। इसके चलते हुए अब आई-लीग, आईएसएल और राष्ट्रीय टीम में लगभग दो दशकों तक चले उनके शानदार करियर का अंत हो गया है।

इसके बाद 35 वर्षीय अरिंदम ने एक भावुक पोस्ट में अपने सफर को याद करते हुए लिखा है कि, “यह सब उनके बचपन के उस सपने से शुरू हुआ था। तब उन्होंने मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के लिए भी खेला था और दिग्गज भारतीय कप्तान बाइचुंग भूटिया का सामना भी किया था।”
अरिंदम ने दिया सभी का दिल से धन्यवाद :-
इसके बाद उन्होंने अपने कोचों, टीम साथियों, प्रशंसकों और परिवार का धन्यवाद भी दिया। इसके बाद उन्होंने कहा कि उनका शरीर अब उन्हें बता रहा है कि रुकने का समय आ गया है। लेकिन फिर भी मेरा दिल हमेशा उस गोलपोस्ट के अंदर ही रहेगा।

इसके बाद उन्होंने लिखा कि, “दो दशक बाद मैं उन ट्रॉफियों, संघर्षों और जख्मों को देखता हूं जो सब कुछ बयां कर देते हैं। लेकिन इस बीच सबसे बढ़कर मैं उन यादों, सीखों, दोस्ती और आभार को देखता हूं जो हमेशा मेरे साथ रहेंगे।”
कैसा रहा अरिंदम का फुटबॉल करियर :-
इस स्टार गोलकीपर अरिंदम ने टाटा फुटबॉल अकादमी से अपनी शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अपने सीनियर करियर की शुरुआत चर्चिल ब्रदर्स की तरफ से खेलकर की थी। इसके चलते हुए ही उन्होंने मात्र 19 वर्ष की उम्र में ही आई-लीग खिताब जीत लिया था। इसके बाद फिर उन्होंने पुणे सिटी एफसी, बेंगलुरु एफसी, मुंबई सिटी और मोहन बागान के लिए भी खेला था।

इसके बाद उन्होंने साल 2019-20 सीजन में आईएसएल खिताब जीता और अगले सत्र में ‘गोल्डन ग्लव’ पुरस्कार प्राप्त किया था।इसके बाद फिर साल 2021 में उन्होंने ईस्ट बंगाल की कप्तानी की थी। वहीं इस टीम की कप्तानी करना उनके परिवार का भी सपना था। इसके अलावा उन्होंने भारत के लिए पांच अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और राष्ट्रीय टीम के कई शिविरों में हिस्सा लिया था।

इसके अलावा सुब्रतो कप में शानदार प्रदर्शन के बाद उनको स्टीफन कॉन्स्टेंटाइन ने भारत की अंडर-19 टीम में शामिल किया था। तब वहां पर उन्होंने श्रीलंका और म्यांमार के खिलाफ मैच खेले थे। इसके बाद उन्होंने साल 2009 में ढाका में सैफ चैंपियनशिप के दौरान अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की अंडर-23 टीम में पदार्पण भी किया था।
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