भारत में क्रिकेट को धर्म की तरह पूजा जाता है। हो भी क्यों न, इस खेल ने उन्हें बहुत सी खुशियां भी दी हैं। फैंस अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को खेलते हुए मैदान में देखना पसंद करते हैं। यह खेल भारत के कोने-कोने में फैला हुआ है, हालाँकि अभी भी खिलाड़ी कुछ सीमित क्षेत्रों से ही आते हैं।
जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट को बढ़ावा देने और वहां के लोकल टैलेंट को निखारने के लिए इंडियन हेवन लीग की शुरुआत की गई थी। लेकिन अब इस लीग के आयोजक भाग गए हैं और होटल स्टाफ ने क्रिस गेल और प्रवीण कुमार जैसे खिलाड़ियों को वहीं पर रोक लिया था।
इंडियन हेवन प्रीमियर लीग के आयोजक बीच लीग से ही हुए फरार

दरअसल, जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट काउंसिल की मदद से खेली जा रही क्रिकेट लीग विवादों के घेरे में आ गई है। यह कोई और नहीं बल्कि इंडियन हेवन प्रीमियर लीग है। खबरों की मानें, तो इस लीग के आयोजक टूर्नामेंट के बीच में ही खिलाड़ियों और अधिकारियों को ठगने के बाद राज्य से भाग गए हैं।
मीडिया खबरों के अनुसार, खिलाड़ियों और अधिकारियों को जिस होटल में ठहराया गया था, उसका बिल भी नहीं चुकाया गया है। इसके कारण होटल अधिकारियों ने खिलाड़ियों को घर जाने के लिए बोल दिया है।
क्रिस गेल, प्रवीण कुमार और मार्टिन गप्टिल जैसे दिग्गज थे लीग में शामिल
इंडियन हेवन लीग में वेस्टइंडीज के दिग्गज ओपनर क्रिस गेल, भारतीय दिग्गज गेंदबाज प्रवीण कुमार, कीवी लीजेंड मार्टिन गप्टिल और जम्मू-कश्मीर के धाकड़ ऑलराउंडर परवेज रसूल जैसे क्रिकेट जगत के कई बड़े नाम शामिल थे। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 25 अक्टूबर को हुई थी और इसका फाइनल 8 नवंबर को खेला जाना था।
इस लीग में आठ टीमें भाग ले रही थीं। इस टूर्नामेंट को जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल का समर्थन भी प्राप्त था। यह लीग श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में सरकार के सहयोग से आयोजित कराई जा रही थी।
होटल में फंसे खिलाड़ी
दरअसल, इस लीग के आयोजकों के भागने का खुलासा तब हुआ जब खिलाड़ियों ने मैच फीस नहीं मिलने पर मैच खेलने से मना कर दिया। यही नहीं, उस लीग में अंपायर की भूमिका निभा रही इंग्लैंड की मेलिसा जुनिपर को भुगतान नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि होटल स्टाफ ने आयोजकों के भागने की खबर दी थी। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद वो वहां पर पहुंचीं, लेकिन आगे कार्रवाई क्या हुई है इसके बारे में पता नहीं चला है।
सरकार ने बिना किसी जांच या वेरिफिकेशन प्रोसेस के आयोजकों के लिए रास्ते खोल दिए थे। होटल प्रबंधन ने खिलाड़ियों को उनके परिवारों के साथ घर जाने को कह दिया है। लगभग 40 खिलाड़ी होटल में हैं। सरकार की तरफ से खिलाड़ियों को धोखा देने वाले आयोजकों के खिलाफ किसी भी जांच प्रक्रिया या कार्रवाई के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

