Syed Modi International: इस बार सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन लखनऊ में किया गया था। इसमें त्रीसा जोली और गायत्री गोपीचंद की भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार महिला युगल का खिताब जीतकर अपने नाम कर लिया है। जबकि भारत के एकल खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है।
त्रीसा जोली और गायत्री गोपीचंद ने जीता खिताब :-

अभी हाल ही में लखनऊ में खेले गए सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत को खुशी और दर्द दोनों की झलक मिली है। क्यूंकि त्रीसा जोली और गायत्री गोपीचंद की भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार महिला युगल का खिताब जीतकर अपने नाम कर लिया है। जबकि भारत के एकल बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत का आठ साल से चलर आ रहे खिताब के सूखे को नहीं तोड़ पाए हैं।
फाइनल में श्रीकांत को मिली हार :-
भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत साल 2017 के फ्रेंच ओपन के बाद से कोई खिताब नहीं जीत पाए हैं। इसके बाद अब वह फाइनल में जीत के काफी करीब थे। लेकिन हांगकांग के विश्व नंबर 59 जेसन गुनावन ने 67 मिनट के रोमांचक मुकाबले में श्रीकांत को 16-21, 21-8, 20-22 से हराकर ख़िताब जीत लिया है। इसके चलते हुए एक बार फिर श्रीकांत का खिताब जीतने का सपना टूट गया है।

इस फाइनल मैच का पहला गेम गुनावन ने आक्रामक खेल से जीता था। इसके बाद दूसरे गेम में श्रीकांत पूरी लय में लौटे और 13 गेम पॉइंट लेते हुए मुकाबला बराबर कर दिया। इसके बाद निर्णायक गेम में श्रीकांत ने 5-1 की बढ़त भी बना ली थी। लेकिन गुनावन ने शानदार रिट्रीवल और दमदार हमलों से वापसी करते हुए मैच को जीत लिया। इसके बाद अंत में श्रीकांत का अंतिम शॉट लाइन से बाहर चला गया और एक बार फिर खिताब उनसे दूर रह गया।
लगातार दूसरी बार चैंपियन बनीं त्रीसा-गायत्री :-
इसके अलावा महिला युगल फाइनल मैच में जापान की काहो ओसावा और माई तनाबे ने पहला गेम 21-17 से जीता था। लेकिन इसके बाद भारतीय जोड़ी ने बेहतरीन अटैक, स्मार्ट नेट प्ले और तगड़ी समझदारी का परिचय देते हुए दूसरे गेम में 9-2 की जोरदार बढ़त बना ली। इसके बाद उन्होंने 21-13 से दूसरा गेम जीतकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

इसके बाद तीसरे गेम में शुरुआती बढ़त के बाद कुछ गलतियों से अंतर कम हुआ था लेकिन त्रीसा की तेज नेट प्ले और गायत्री के जोरदार स्मैश ने सभी भारतीयों को फिर लय में ला दिया। इसके बाद अंत में भारतीय जोड़ी ने छह मैच पॉइंट हासिल किए और दूसरी बार खिताब जीतकर अपने नाम कर लिया।
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