IPL 2026 के नए नियमों के बीच KKR द्वारा 18 करोड़ में खरीदे गए मथीशा पथिराना को पूरी रकम कैसे मिलेगी, इसका सीधा और आसान जवाब यहाँ दिया गया है।
IPL 2026 ऑक्शन में जब कोलकाता नाइट राइडर्स ने श्रीलंकाई तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना को 18 करोड़ रुपये में खरीदा, तो यह खबर तुरंत सुर्खियों में आ गई। इस डील के साथ पथिराना IPL इतिहास के सबसे महंगे श्रीलंकाई खिलाड़ी बन गए और इस ऑक्शन के दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी भी रहे।
हालांकि, इस बड़ी बोली के बाद कई फैंस के मन में एक सवाल उठने लगा कि क्या पथिराना को सच में पूरे 18 करोड़ मिलेंगे, क्योंकि IPL में एक नया मैक्सिमम फीस नियम लागू किया गया है। यही सवाल इस पूरे मामले को समझने के लिए सबसे अहम है।
IPL का नया मैक्सिमम फीस नियम क्या है
IPL ने 2025 मेगा ऑक्शन से पहले एक नया नियम लागू किया था, जिसका मकसद विदेशी खिलाड़ियों के ऑक्शन ट्रेंड को संतुलित करना था। कई बार देखा गया कि बड़े विदेशी खिलाड़ी मेगा ऑक्शन छोड़कर मिनी ऑक्शन में आते थे, जहां सीमित विकल्प होने के कारण टीमें जरूरत से ज्यादा पैसे खर्च कर देती थीं।
इस समस्या को रोकने के लिए IPL ने तय किया कि विदेशी खिलाड़ियों के लिए अधिकतम फीस 18 करोड़ रुपये होगी। यह रकम वही है, जो 2025 मेगा ऑक्शन से पहले सबसे ज्यादा रिटेंशन अमाउंट के रूप में तय की गई थी। अगर कोई टीम किसी विदेशी खिलाड़ी पर 18 करोड़ से ज्यादा की बोली लगाती है, तो अतिरिक्त रकम खिलाड़ी को नहीं मिलेगी बल्कि BCCI के प्लेयर वेलफेयर फंड में चली जाएगी।
यहां यह समझना जरूरी है कि टीम की ऑक्शन पर्स से पूरी बोली की रकम काटी जाती है, भले ही खिलाड़ी को उसका पूरा हिस्सा न मिले।
Cameron Green का उदाहरण क्यों दिया जा रहा है
इस नियम को समझने के लिए ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर Cameron Green का मामला सबसे अच्छा उदाहरण है। IPL 2026 ऑक्शन में उन्हें 25.20 करोड़ रुपये में खरीदा गया, लेकिन नए नियम के तहत उन्हें केवल 18 करोड़ रुपये ही मिलेंगे। बाकी 7.20 करोड़ रुपये सीधे BCCI के प्लेयर वेलफेयर फंड में जाएंगे।
यही वजह है कि कई फैंस को लगा कि पथिराना के साथ भी कुछ ऐसा ही होगा, क्योंकि उनकी बोली भी काफी ऊंची थी।
मथीशा पथिराना को पूरे 18 करोड़ क्यों मिलेंगे
अब असली सवाल का जवाब यहीं छिपा है। मथीशा पथिराना की बोली 18 करोड़ रुपये पर जाकर रुकी, जो कि मैक्सिमम फीस लिमिट के बिल्कुल बराबर है। KKR ने इस लिमिट को पार नहीं किया, इसलिए पथिराना पर कोई कटौती लागू नहीं होती।
सीधे शब्दों में कहें तो नियम कहता है कि 18 करोड़ से ऊपर की रकम ही खिलाड़ी को नहीं मिलती। चूंकि पथिराना की फीस ठीक 18 करोड़ है, इसलिए वह इस नियम के दायरे में पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें एक भी रुपया कम नहीं मिलेगा।
भारतीय खिलाड़ियों पर यह नियम लागू क्यों नहीं होता
यह जानना भी जरूरी है कि यह मैक्सिमम फीस नियम केवल विदेशी खिलाड़ियों पर लागू होता है। अगर कोई भारतीय खिलाड़ी 18 करोड़ से ज्यादा में बिकता है, तो उसे पूरी रकम मिलती है और उसमें कोई कटौती नहीं की जाती।
यही वजह है कि यह नियम विदेशी खिलाड़ियों के लिए ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि भारतीय खिलाड़ियों के मामलों में ऐसी कोई उलझन नहीं होती।
पथिराना की कीमत क्यों जायज मानी जा रही है
मथीशा पथिराना की ऊंची कीमत सिर्फ नाम की वजह से नहीं है, बल्कि उनके प्रदर्शन ने भी इसमें बड़ी भूमिका निभाई है। महज 22 साल की उम्र में उन्होंने IPL में 32 मैच खेलते हुए 47 विकेट लिए हैं।
डेथ ओवर्स में उनकी गेंदबाजी खास तौर पर घातक रही है। ओवर 11 से 20 के बीच उन्होंने 43 विकेट चटकाए हैं और इस दौरान उनकी इकॉनमी भी बेहतरीन रही है। इस मामले में वह सिर्फ Jasprit Bumrah से पीछे हैं।
इतना ही नहीं, 18 करोड़ की यह डील उन्हें स्पेशलिस्ट गेंदबाजों में संयुक्त रूप से दूसरा सबसे महंगा खिलाड़ी बनाती है। उनसे ऊपर सिर्फ Mitchell Starc हैं, जिन्हें KKR ने ही 2024 में 24.75 करोड़ रुपये में खरीदा था।
IPL 2026 के नए सैलरी कैप नियम को लेकर भले ही शुरुआत में भ्रम रहा हो, लेकिन मथीशा पथिराना का मामला बिल्कुल साफ है। KKR ने उन्हें 18 करोड़ रुपये में खरीदा, जो कि तय लिमिट के अंदर है, इसलिए उन्हें अपनी कॉन्ट्रैक्ट राशि का पूरा भुगतान मिलेगा।
इस डील से साफ है कि KKR ने नियमों को ध्यान में रखते हुए एक सोच-समझकर फैसला लिया है और पथिराना पर किया गया निवेश उनके प्रदर्शन को देखते हुए पूरी तरह जायज भी नजर आता है।
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