टीम इंडिया के टेस्ट और वनडे कप्तान तथा कुछ दिनों पहले तक टी20 के उपकप्तान रहे शुभमन गिल को भारत और श्रीलंका में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम से ड्रॉप कर दिया गया था। उस समय उनके फॉर्म का हवाला देकर उन्हें बाहर किया गया था, लेकिन अब उनके ड्रॉप होने की वजह सामने निकलकर आ रही है। तो चलिए जानते हैं कि किसने उनको टीम से ड्रॉप कराया।
खराब फॉर्म के चलते गिल हुए थे ड्रॉप

शुभमन गिल की एशिया कप से टी20 टीम में वापसी हुई थी। तब मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर ने कहा था कि वो पहले से ही टीम इंडिया का हिस्सा थे, लेकिन टेस्ट को देखते हुए उन्हें कुछ समय के लिए आराम दिया गया था। यही नहीं, न सिर्फ उन्हें स्क्वाड में जगह दी गई थी बल्कि उन्हें उपकप्तान भी बना दिया गया था।
जिससे उनकी प्लेइंग इलेवन में जगह ऑटोमेटिक पक्की हो गई थी और खराब प्रदर्शन के बाद भी उनके ऊपर कोई कॉल नहीं ली जा सकती थी और न ही उन्हें टीम से ड्रॉप किया जा सकता था। हालांकि उस समय हर फैसले गौतम गंभीर और अजित अगरकर ही कर रहे थे।
आरपी सिंह, प्रज्ञान ओझा और शिव सुन्दर दास ने किया था गिल के नाम का विरोध
लेकिन इस बार सेलेक्शन समिति में बदलाव हुआ था। इस बार दो नए सेलेक्टर्स आरपी सिंह और प्रज्ञान ओझा भी शामिल हुए थे। उनके आते ही कड़े फैसले देखने को मिले और अगरकर की मनमानी नहीं चल सकी। टी20 वर्ल्ड कप के लिए चुनी जा रही टीम में जब सेलेक्शन कमिटी की मीटिंग हुई, तब उसमें बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया भी मौजूद थे।
पाँचों सेलेक्टर्स की मौजूदगी में हुई बैठक में जब शुभमन गिल के नाम पर चर्चा हुई, तो उनके नाम का विरोध 3 सेलेक्टर्स ने किया, जिसमें दो सेलेक्टर्स जो अभी आए थे, वो भी शामिल थे।
आरपी सिंह, प्रज्ञान ओझा और शिव सुन्दर दास ने शुभमन के खराब फॉर्म को देखते हुए उनके टीम में होने का विरोध किया। जब गिल के नाम पर वोटिंग कराई गई, तो गिल को टीम में रखने के पक्ष में 2 वोट गए, जबकि 3 उनके विरोध में पड़े। अजित अगरकर और अजय रात्र ने गिल के नाम का समर्थन किया।
खराब रहा था गिल का प्रदर्शन
गिल ने इस साल 15 टी20 मुकाबले खेले, जिसमें 24.25 की औसत और 137.26 के स्ट्राइक रेट से 291 रन बनाए, जिसमें एक भी अर्धशतक शामिल नहीं था और उनका बेस्ट स्कोर 47 रन था।
गिल की जगह ईशान को मिला मौका
गिल की जगह ईशान किशन को मौका दिया गया है। वो डोमेस्टिक क्रिकेट में काफी अच्छी फॉर्म में चल रहे हैं, जिसके चलते उन्हें मौका दिया गया है। ईशान के आने से टीम को दो ऑप्शन मिल जाते हैं। उनके स्क्वाड में होने से टीम को बैकअप विकेटकीपर और ओपनर मिल जाता है।
भारत के दो सेलेक्टर्स आरपी सिंह और प्रज्ञान ओझा सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का फाइनल देख रहे थे और उस मुकाबले में झारखंड के विकेटकीपर ने शतक लगाया था, और वहीँ उनके टीम में आने की वजह बनी थी।

