WPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स नई कप्तानी के साथ पहली ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
दिल्ली कैपिटल्स महिला टीम वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में सबसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमों में से एक रही है। पिछले तीनों सीजन में टीम सीधे फाइनल तक पहुंची, लेकिन हर बार खिताब जीतने से चूक गई। लगातार तीन फाइनल हारने के बाद अब फ्रेंचाइजी एक नई शुरुआत की ओर बढ़ रही है।
WPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स की कमान अब जेमिमाह रोड्रिग्स के हाथों में होगी। नई कप्तानी के साथ टीम एक बार फिर ट्रॉफी जीतने का सपना देख रही है, हालांकि, टीम में कई मजबूत पहलुओं के साथ कुछ चुनौतियां भी मौजूद हैं।
ताकत
मजबूत टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी
दिल्ली कैपिटल्स का टॉप ऑर्डर इस सीजन उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है। संभावित ओपनिंग जोड़ी के रूप में शेफाली वर्मा और लौरा वुल्वार्ट टीम को आक्रामक और स्थिर शुरुआत दे सकती हैं।
नंबर तीन पर कप्तान जेमिमाह रोड्रिग्स और नंबर चार पर मारिजान कैप की मौजूदगी बल्लेबाजी क्रम को मजबूती देती है। शेफाली पिछले तीनों सीजन में दिल्ली की सबसे विस्फोटक बल्लेबाज रही हैं, जबकि वुल्वार्ट को इस बार लंबे समय तक खेलने का मौका मिल सकता है।
स्पिन गेंदबाजी में वैराइटी
दिल्ली कैपिटल्स के पास स्पिन गेंदबाजी में कई विकल्प मौजूद हैं। ऑफ स्पिनर मिन्नू मणि और स्नेह राणा, लेग स्पिनर अलाना किंग और लेफ्ट आर्म स्पिनर श्री चरणी टीम को परिस्थितियों के अनुसार फ्लेक्सिबिलिटी देती हैं।
भरोसेमंद ऑलराउंडर्स की मौजूदगी
टी20 फॉर्मेट में ऑलराउंडर्स की भूमिका बेहद अहम होती है और इस मामले में दिल्ली कैपिटल्स अच्छी स्थिति में है। मारिजान कैप, स्नेह राणा, मिन्नू मणि और शिनेल हेनरी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में टीम को संतुलन देती हैं।
कमजोरी
तेज गेंदबाजी विभाग में गहराई की कमी
दिल्ली कैपिटल्स को इस सीजन एनाबेल सदरलैंड की कमी खलेगी, जिन्होंने निजी कारणों से टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया है। उनकी अनुपस्थिति में तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी मुख्य रूप से मारिजान कैप और शिनेल हेनरी पर होगी।
एनाबेल की मिडिल और डेथ ओवरों में कटर्स डालने की क्षमता टीम के लिए काफी अहम थी। उनके अलावा नंदिनी शर्मा और युवा ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज लूसी हैमिल्टन विकल्प जरूर हैं, लेकिन अनुभव की कमी चिंता का विषय बन सकती है।
विकेटकीपिंग को लेकर स्पष्टता की कमी
दिल्ली कैपिटल्स के पास विकेटकीपिंग के तीन विकल्प हैं। लिजेल ली, ममता मडिवाला और तानिया भाटिया। तानिया भाटिया तकनीकी रूप से बेहतर विकेटकीपर हैं, लेकिन बल्लेबाजी में निरंतरता उनकी कमजोरी रही है। लिजेल ली पहली बार WPL खेलेंगी और आमतौर पर ओपनिंग करती हैं, जिससे टॉप ऑर्डर का संतुलन प्रभावित हो सकता है।
मौका
युवा खिलाड़ियों और नई कप्तानी के लिए बड़ा मौका
WPL 2026 युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का शानदार मंच है। निकी प्रसाद को रिटेन किया जाना फ्रेंचाइजी के भरोसे को दिखाता है।
16 साल की दीया यादव घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद अब बड़े स्तर पर खुद को साबित कर सकती हैं। नंदिनी शर्मा के पास भी इस सीजन अपनी पहचान बनाने का मौका होगा।
सबसे बड़ा मौका कप्तान जेमिमाह रोड्रिग्स के पास है। मेग लैनिंग की कप्तानी में टीम तीन बार फाइनल तक पहुंची, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत सकी। अब जेमिमाह का लक्ष्य इस आखिरी बाधा को पार करना होगा।
खतरा
सही प्लेइंग इलेवन तय करना
दिल्ली कैपिटल्स के पास विकल्पों की कोई कमी नहीं है, लेकिन यही बात उनके लिए खतरा भी बन सकती है। सही प्लेइंग इलेवन और स्थिर कॉम्बिनेशन जल्दी तय करना टीम के लिए बेहद जरूरी होगा। अगर टीम शुरुआत में सही संतुलन नहीं खोज पाती है, तो खिताब की रेस में पिछड़ने का खतरा बना रह सकता है।
WPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स का पूरा स्क्वाड
जेमिमाह रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा, मारिजान कैप, अलाना किंग, निकी प्रसाद, लौरा वुल्वार्ट, शिनेल हेनरी, श्री चरणी, स्नेह राणा, लिजेल ली, दीया यादव, तानिया भाटिया, ममता मडिवाला, नंदिनी शर्मा, लूसी हैमिल्टन, मिन्नू मणि
दिल्ली कैपिटल्स WPL 2026 में एक बार फिर खिताब की प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगी। मजबूत टॉप ऑर्डर, अनुभवी ऑलराउंडर्स और नई कप्तानी टीम को नई दिशा दे सकती है। अगर दिल्ली कैपिटल्स सही कॉम्बिनेशन के साथ खेल पाती है और दबाव के समय बेहतर फैसले लेती है, तो इस बार उनकी ट्रॉफी की तलाश पूरी हो सकती है।
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