मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम भारत के सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट स्टेडियमों में से एक है। यह सिर्फ खेलने की जगह नहीं है, बल्कि भारत में खेल के लिए जीत, जुनून और इतिहास का एक प्रतीक भी है।
इस स्टेडियम को क्रिकेट क्लब ऑफ़ इंडिया और और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन में ब्रेबॉर्न स्टेडियम में मैच में टिकट न मिलने को लेकर हुई लड़ाई के बाद बनवाया गया था। इस ग्राउंड को लगभग 13 महीनों के अंदर 1975 में बनवाकर तैयार कर दिया गया था। यहाँ पर दर्शकों के बैठने की क्षमता लगभग 33,000 के आसपास है।
वानखेड़े स्टेडियम इंटरनेशनल के कई यादगार मैचों का गवाह भी रहा है। पिछले कुछ सालों में यहाँ कई बड़े अन्तर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं। यहाँ पर ही साल 2011 का वर्ल्ड कप फाइनल खेला गया था जिसमें एमएस धोनी ने छक्का मारकर टीम इंडिया को 28 सालों के बाद वर्ल्ड चैंपियन बनाया था। तो चलिए जानते हैं कि यहाँ पर किस तरह की पिच देखने को मिलती हैं।
वानखेड़े स्टेडियम की बाउंड्री साइज़ और मुख्य जानकारी

| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | Wankhede Stadium |
| स्थान | मुंबई, इंडिया |
| स्थापना | 1974 |
| दर्शक क्षमता | लगभग 33,000 |
| पहला T20I मैच | 2012 (इंडिया बनाम इंग्लैंड) |
| पहला वनडे | 1987 (इंडिया बनाम श्रीलंका) |
| पहला टेस्ट | 1975 (इंडिया बनाम वेस्टइंडीज) |
| पवेलियन छोर | Garware Pavilion End, Tata End |
| होम टीम | इंडिया, घरेलू टीमें |
| स्ट्रेट बाउंड्री | 70–75 मीटर |
| स्क्वायर बाउंड्री | 62–67 मीटर |
Wankhede Stadium Pitch Report
वानखेड़े स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए बहुत अच्छी मानी जाती हैं। मुंबई की पिच पर शुरुआती कुछ ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग देखने को मिलती हैं लेकिन उसके बाद यह विकेट बल्लेबाजी के लिए काफी शानदार हो जाती हैं।
Also Read: T20 World Cup 2026 में टीम इंडिया के मैचों का पूरा शेड्यूल
वानखेड़े पर आसानी से थ्रू द लाइन शॉट्स लगाए जा सकते हैं। यहाँ की स्क्वायर बाउंड्री छोटी और फ्लैट विकेट होने के चलते हाई स्कोरिंग मैच देखने को मिलते हैं।
रात के मुकाबलों में यहाँ ओस की भूमिका भी अहम होती है। क्योंकि दूसरी पारी में गेंद थोड़ी अच्छे से बल्ले पर आती हैं। इस वजह से टॉस जीतने वाली टीमें अक्सर पहले गेंदबाजी करने का फैसला करती हैं।
टॉस- टॉस जीतकर पहले बॉलिंग
नई बॉल से बॉलर्स को थोड़ी स्विंग।
बल्लेबाजों के लिए अच्छी अच्छी पिच।
ओस- बड़ा फैक्टर।
एवरेज स्कोर- 167
1st इनिंग एवरेज स्कोर- 178
2nd इनिंग एवरेज स्कोर- 156
वानखेड़े स्टेडियम में टी20 इंटरनेशनल में रिकॉर्ड
वानखेड़े स्टेडियम पर अब तक 9 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं जिसमें 5 मुकाबले चेस करने वाली टीम ने और 4 मैच टोटल डिफेंड करने वाली टीम ने जीत दर्ज की हैं।
टोटल मैच- 9
टोटल चेज़ करने वाली टीम की जीत- 5
टोटल डिफेंड करने वाली टीम की जीत- 4
हाईएस्ट स्कोर- 247/9 इंडिया बनाम इंग्लैंड
लोएस्ट स्कोर- 97/10 इंग्लैंड बनाम इंडिया
हाईएस्ट टोटल चेज़- 230/8 इंग्लैंड बनाम साउथ अफ्रीका
लोएस्ट टोटल डिफेंडेड- 162/5 इंडिया बनाम श्रीलंका
Also Read: T20 World Cup 2026 में वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई में खेले जाने वाले सभी मैचों का पूरा शेड्यूल

