India Open: इंडिया ओपन 2026 में भारतीय बैडमिंटन को शुरुआती दौर में ही बड़ा झटका लग गया है। क्यूंकि इस टूर्नामेंट में भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू को पहले दौर में वियतनाम की गुयेन थुई लिन्ह से हार झेलनी पड़ी है। जबकि किदांबी श्रीकांत ने जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बना ली है। लेकिन मैच के बाद श्रीकांत ने स्टेडियम की व्यवस्थाओं को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें खेल परिस्थितियों में कोई बड़ी कमी नजर नहीं आई है।
पीवी सिंधू को मिली पहले दौर में हार :-
इंडिया ओपन 2026 में भारतीय महिला बैडमिंटन को शुरुआती दौर में ही बड़ा झटका लग गया है। क्यूंकि भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू को राउंड-1 में निचली रैंकिंग की वियतनाम की खिलाड़ी गुयेन थुई लिन्ह के खिलाफ तीन गेम तक चले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है।

जबकि इसी टूर्नामेंट में पूर्व विश्व नंबर-1 किदांबी श्रीकांत ने शानदार संघर्षपूर्ण जीत दर्ज करते हुए दूसरे दौर में अपनी जगह बना ली है। इसके साथ ही उन्होंने खेल परिस्थितियों को लेकर उठे विवाद पर अपनी स्पष्ट राय रखी है।
किदांबी श्रीकांत ने जीता पहला मुकाबला :-
इसके अलावा पूर्व विश्व नंबर-1 भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने इंडिया ओपन सुपर 750 में शानदार प्रदर्शन करते हुए हमवतन थरुण मणिपल्ली को कड़े मुकाबले में हराकर दूसरे दौर में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस मैच को श्रीकांत ने 15-21, 21-6, 21-19 से अपने नाम किया है।

वहीं इस मैच के बाद श्रीकांत ने टूर्नामेंट की खेल परिस्थितियों को लेकर उठे विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। क्यूंकि डेनमार्क की खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए इसे अस्वस्थ वातावरण बताया था और बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन से हस्तक्षेप की मांग की थी।
व्यवस्था पर उठे सवालों को श्रीकांत ने किया खारिज :-
इसके चलते हुए श्रीकांत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्हें आयोजन स्थल पर कुछ भी असामान्य या खराब नहीं लगा है। इसके आगे उन्होंने कहा कि, “हर देश की अपनी परिस्थितियाँ होती हैं। कहीं शटल में ज्यादा ड्रिफ्ट होता है, कहीं कम। मैंने यहां ऐसा कुछ नहीं देखा जिसे ‘खराब’ कहा जाए।” इस बीच उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पहले भी इस तरह की समस्याएं सामने आती रही हैं। इसके बाद उन्होंने बताया कि एक बार डेनमार्क में लाइट चली जाने के कारण उन्हें करीब एक घंटे तक मैच के दौरान इंतजार करना पड़ा था।

इसके चलते हुए एच. एस. प्रणय को अपना एक मैच दो दिनों में पूरा करना पड़ा था। इसके आगे उन्होंने कहा कि, “ये चीजें बहुत कम होती हैं और कोई भी देश जानबूझकर ऐसा नहीं करता। सभी आयोजक अच्छा करना चाहते हैं। इसके बाद श्रीकांत ने टूर्नामेंट की खेल परिस्थितियों को लेकर उठे विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। क्यूंकि अभी हाल ही में डेनमार्क की खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए इसे अस्वस्थ वातावरण बताया था और बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन से हस्तक्षेप की मांग की थी।
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