भारतीय कुश्ती महासंघ ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पहलवान अमन सेहरावत को एक साल के लिए निलंबित कर दिया है। इसका मतलब है कि अमन अब अगले एक साल तक कुश्ती से जुड़ी किसी भी प्रतियोगिता या कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।अमन ने पिछले साल पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) जीता था। वह यह मेडल जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ी बने थे। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 21 साल और 24 दिन थी।
क्यों लगा अमन सेहरावत पर बैन?
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने अमन सेहरावत को एक साल के लिए कुश्ती से बैन करने का फैसला इसलिए लिया है क्योंकि वह सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में बिना खेले ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए थे। असल में, अमन को 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में हिस्सा लेना था, लेकिन मुकाबले से एक दिन पहले उनका वजन तय सीमा से 1.7 किलो ज्यादा पाया गया। इस वजह से उन्हें बिना खेले ही अयोग्य घोषित कर दिया गया।
PTI के रिपोर्ट के मुताबिक, कुश्ती महासंघ ने अमन को एक चिट्ठी भी भेजी है। उसमें लिखा गया है कि अमन को एक साल के लिए कुश्ती से जुड़ी सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों से निलंबित किया जा रहा है। यह अंतिम फैसला है और इस दौरान वह किसी भी प्रतियोगिता या इवेंट में हिस्सा नहीं ले सकते।
वर्ल्ड चैंपियनशिप से बाहर होने की वजह
अमन सेहरावत को रेसलिंग से एक साल के लिए बैन किए जाने की वजहें अब और साफ हो गई हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने उन्हें 23 सितंबर 2025 को एक कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज नोटिस) भेजा था, जिसमें उनसे पूछा गया था कि उन्होंने तय वजन से ज़्यादा क्यों रखा और बिना खेले ही वर्ल्ड चैंपियनशिप से बाहर क्यों हो गए।

29 सितंबर को अमन ने जवाब दिया, लेकिन महासंघ की अनुशासन समिति ने उनके जवाब को असंतोषजनक माना। इसके अलावा मुख्य कोच और सहायक कोचिंग स्टाफ से भी इस मामले में पूछताछ की गई। सारी जानकारी और जवाबों की समीक्षा के बाद WFI ने अमन के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया।
इस बैन का असर यह भी होगा कि अब अमन 2026 में होने वाले एशियाई खेलों (Asian Games) में हिस्सा नहीं ले पाएंगे, क्योंकि ये खेल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक होंगे और तब तक उनका बैन खत्म नहीं होगा।

