भारत की तीन बेटियों ने ग्रेटर नोएडा में हो रहे वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में तीन गोल्ड मेडल जीतकर हैट्रिक बना दी। सबसे पहला गोल्ड मेडल 48 किलो वजन वर्ग में मीनाक्षी हुड्डा ने जीता। फाइनल मुकाबले में उन्होंने उज्बेकिस्तान की फरजोना फोज़ीलोवा को 5-0 से हराया। वही इस बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत की प्रीति और अरुंधति ने गोल्ड मैडल का ख़िताब अपने नाम किया हैं।
मीनाक्षी हुड्डा ने जीता पहला गोल्ड
48 किलोग्राम वर्ग में मीनाक्षी हुड्डा ने भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने फाइनल में उज्बेकिस्तान की फरजोना फोजीलोवा को 5-0 से हराया। मीनाक्षी हरियाणा के रोहतक जिले के छोटे से गांव रुड़की की रहने वाली हैं। उनके पिता आज भी ऑटो चलाते हैं। मीनाक्षी ने भावुक होकर बताया कि पिता की मेहनत और संघर्ष की बदौलत ही वह इस मुकाम तक पहुंची हैं। उन्होंने पहले भी कई बड़े टूर्नामेंट में मेडल जीते हैं और वर्तमान में आईटीबीपी में तैनात हैं। उन्होंने अपने कामयाबी का क्रेडिट अपने माँ- बाप को दिया है ।
प्रीति और अरुंधति ने भी किया कमाल
प्रीति पवार ने 54 किलोग्राम वर्ग में इटली की सिरिन चराबी को हराते हुए गोल्ड जीता। इसके बाद 70 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने उज्बेकिस्तान की अजीजा जोकिरोवा को मात देकर भारत की ओर से तीसरा गोल्ड मेडल जीता। इस जीत के साथ भारत की तीन बेटियों ने वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है।
इस बार भारत के 15 मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे थे। अब अगले मुकाबलों में देश की उम्मीदें निकहत जरीन और जैस्मीन लम्बोरिया से होंगी।

