CA Kuttappa: द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित सीए कुटप्पा एक बार फिर भारतीय पुरुष बॉक्सिंग टीम के मुख्य कोच नियुक्त किए गए हैं। वहीं अब यह उनका तीसरा कार्यकाल भी होगा। इसके अलावा अब कमजोर अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन के बाद बीएफआई ने यह बदलाव किया है। जबकि पूर्व भारतीय बॉक्सिंग कोच धर्मेंद्र यादव को कोचिंग स्टाफ में बनाए रखा गया है।
भारतीय पुरुष बॉक्सिंग टीम के मुख्य कोच बने सीए कुटप्पा :-
द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित सीए कुटप्पा एक बार फिर भारतीय पुरुष बॉक्सिंग टीम के नए मुख्य कोच नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा यह उनका तीसरा कार्यकाल भी है। वहीं उनकी इस नियुक्ति की पुष्टि बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने बीते दिन मंगलवार को की थी।

इसके चलते हुए अब सीए कुटप्पा ने इस पद पर एसएआई रोहतक के कोच धर्मेंद्र यादव की जगह ली है। लेकिन अभी भी धर्मेंद्र यादव को पुरुष टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बनाए रखा है। क्यूंकि बीएफआई के कार्यकारी निदेशक कर्नल अरुण मलिक ने अब इस बदलाव की जानकारी दी है।
बॉक्सिंग में हालिया खराब प्रदर्शन बना इसका कारण :-

इसके अलावा भारतीय पुरुष बॉक्सिंग टीम का पिछले कुछ वर्षों का प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा था। क्यूंकि साल 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए केवल दो पुरुष मुक्केबाज ही क्वालीफाई कर पाए थे। वहीं इसके बाद साल 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप (लिवरपूल) में भारतीय पुरुष टीम 12 साल में पहली बार बिना पदक के लौटी थी।
अनुभव से भरे हैं सीए कुटप्पा :-

इसके अलावा भी टोक्यो और पेरिस ओलंपिक के दौरान सीए कुटप्पा भारतीय पुरुष बॉक्सिंग टीम के मुख्य कोच रह चुके हैं। इसके अलावा वह साल 2008 बीजिंग ओलंपिक के दौरान राष्ट्रीय सहयोगी स्टाफ का भी हिस्सा भी रहे थे। क्यूंकि उस समय भारत के स्टार बॉक्सर विजेंदर सिंह ने अपने देश को बॉक्सिंग में पहला ओलंपिक पदक दिलाया था।
महिला टीम में भी हुआ बड़ा बदलाव :-
इसके चलते हुए अब पूर्व हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर सैंटियागो निएवा, जिनको पिछले महीने महिला टीम का विदेशी कोच नियुक्त किया गया था, वह भी कैंप में शामिल हो चुके हैं। जबकि महिला बॉक्सिंग टीम की कोच-इन-चार्ज की जिम्मेदारी एसएआई की गीता चानू संभालने वाली हैं। इसके चलते हुए अब भारतीय मुक्केबाज 12 जनवरी से पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS) में प्रशिक्षण ले रहे हैं।

इसके अलावा उनका यह बॉक्सिंग कैंप 14 मार्च तक चलने वाला है। क्यूंकि यहां पर राष्ट्रीय कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की निगरानी में उनका अभ्यास होगा। वहीं बीएफआई की 2026 चयन नीति के तहत, इस बार राष्ट्रीय चैंपियनशिप में ओलंपिक वेट कैटेगरी के टॉप-4 बॉक्सरों को कैंप में शामिल किया गया है। जबकि इस बार नॉन-ओलंपिक वेट कैटेगरी के स्वर्ण और रजत पदक विजेताओं को भी इस कैंप में मौका मिला है।
भारत के स्टार बॉक्सरों को मिला विशेष प्रवेश :-
इसके अलावा अपनी चोट के कारण नेशनल्स में हिस्सा नहीं ले पाने वाले मौजूदा 57 किग्रा वर्ल्ड चैंपियन जैस्मिन लांबोरिया और 60 किग्रा वर्ल्ड कप फाइनल्स की गोल्ड मेडलिस्ट परवीन हुड्डा को इस बार वाइल्डकार्ड के जरिए कैंप में शामिल किया जाएगा। जबकि इस बार कुछ ऐसे बॉक्सर भी हैं जो पदक राउंड तक नहीं पहुंच सके लेकिन जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्षमता दिखी है उनको भी वाइल्डकार्ड एंट्री दी जाएगी। इससे इस कैंप में प्रतिस्पर्धा और गहराई बनी रहे।

इसके अलावा एशियन चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंटों के चलते 2026 भारतीय बॉक्सिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण साल साबित होने वाला है। वहीं इस बार भारतीय बॉक्सरों का साल का पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट स्पेन के ला नुसिया में 2 फरवरी से शुरू होने वाला बॉक्सम इंटरनेशनल टूर्नामेंट है। वहीं अब चयन मानदंड के अनुसार ओलंपिक वेट कैटेगरी के स्वर्ण पदक विजेता और नॉन-ओलंपिक वेट कैटेगरी के रजत पदक विजेता इस टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
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