3 Times When Rain Shattered South Africa Hopes in ICC Tournaments: साउथ अफ्रीका और बारिश का रिश्ता काफी पुराना और दर्दनाक रहा है। जब भी कोई बड़ा ICC टूर्नामेंट होता है, इस टीम के फैंस बस यही दुआ करते हैं कि बारिश उनकी किस्मत में दखल न दे। लेकिन इतिहास कुछ और ही कहता है। कई बार ऐसा हुआ है जब दक्षिण अफ्रीका मजबूत स्थिति में था, लेकिन बारिश और DLS नियम ने उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया।
1992 से लेकर 2015 तक, कई बड़े मुकाबलों में साउथ अफ्रीका की हार के पीछे विरोधी टीम से ज्यादा बारिश जिम्मेदार रही है। कभी DLS नियम ने उन्हें बाहर किया, तो कभी गलतफहमी के चलते टीम का सफर खत्म हो गया। आइए नजर डालते हैं उन तीन बड़े मौकों पर जब बारिश ने साउथ अफ्रीका के ट्रॉफी जीतने के सपनों पर पानी फेर दिया।
3 ऐसे मौके जब ICC टूर्नामेंट में बारिश ने किया साउथ अफ्रीका की उम्मीदों को चकनाचूर
3. वर्ल्ड कप 2015, सेमीफाइनल: साउथ अफ्रीका बनाम न्यूजीलैंड
2015 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका पहले बल्लेबाजी कर रहा था और शानदार लय में दिख रहा था। लेकिन जैसे ही 37वां ओवर खत्म हुआ, बारिश ने खेल रोक दिया। उस समय साउथ अफ्रीका 216/3 पर खेल रहा था और पूरी तरह से कंट्रोल में था।
बारिश रुकने के बाद मैच को 43 ओवर प्रति टीम तक सीमित कर दिया गया, जिससे साउथ अफ्रीका को बड़ा झटका लगा। उनके पास सिर्फ 6 ओवर थे, जिसमें उन्होंने 65 रन और जोड़े और 281/5 का स्कोर खड़ा किया। लेकिन DLS नियम के तहत न्यूजीलैंड को 298 रन का संशोधित लक्ष्य मिला।
अंत में न्यूजीलैंड ने एक गेंद शेष रहते 7 विकेट से मैच जीत लिया। अगर बारिश ने खेल में बाधा न डाली होती, तो साउथ अफ्रीका के फाइनल में पहुंचने के चांस काफी ज्यादा थे।
2. वर्ल्ड कप 2003, ग्रुप स्टेज: साउथ अफ्रीका बनाम श्रीलंका
2003 वर्ल्ड कप का ये मुकाबला साउथ अफ्रीका के लिए “क्या से क्या हो गया” वाला पल था। ग्रुप स्टेज का ये आखिरी मैच था और टीम के लिए जीत जरूरी थी। उन्हें 45 ओवरों में 230 रन का लक्ष्य मिला था।
मैच के आखिरी पलों में क्रीज पर मार्क बाउचर मौजूद थे और उन्हें गलत जानकारी मिली कि टीम को जीत के लिए 229 रन चाहिए। इसी गफलत में उन्होंने आखिरी गेंद को हल्के हाथों से खेलकर एक रन लिया और स्कोर बराबर कर दिया।
इसके तुरंत बाद बारिश शुरू हो गई और मैच आगे नहीं खेला जा सका। नतीजा—मैच टाई हो गया और साउथ अफ्रीका नेट रन रेट के आधार पर टूर्नामेंट से बाहर हो गया। अगर यह गलतफहमी न होती, तो साउथ अफ्रीका अगले राउंड में होता।
1. वर्ल्ड कप 1992, सेमीफाइनल: साउथ अफ्रीका बनाम इंग्लैंड
1992 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका पहली बार खेल रहा था और सेमीफाइनल में जगह बनाकर शानदार प्रदर्शन कर चुका था। लेकिन जब इंग्लैंड के खिलाफ जीत महज कुछ गेंदों की दूरी पर थी, तभी बारिश ने सारा समीकरण बिगाड़ दिया।
साउथ अफ्रीका को 22 गेंदों पर 13 रन चाहिए थे, जब बारिश के कारण खेल रोक दिया गया। कुछ देर बाद जब मैच दोबारा शुरू हुआ, तो DLS नियम के तहत साउथ अफ्रीका को 1 गेंद पर 21 रन का असंभव लक्ष्य दिया गया!
इसका मतलब साफ था—साउथ अफ्रीका टूर्नामेंट से बाहर। यह घटना इतनी विवादास्पद रही कि इसके बाद बारिश से प्रभावित मैचों के लिए नए नियम बनाए गए और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) मेथड को लागू किया गया।
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