क्रिकेटर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं, चाहे उनके मैदान पर किए गए शानदार प्रदर्शन की वजह से या फिर मैदान के बाहर की गतिविधियों की वजह से। कुछ खिलाड़ियों ने अपने खेल से लाखों लोगों को प्रेरित किया, जबकि कुछ ऐसे भी रहे जो हत्या और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों में फंसकर बदनाम हुए। इनमें से कुछ को कानूनी सज़ा का सामना करना पड़ा और कुछ को तो मौत की सज़ा तक सुनाई गई। आइए जानते हैं ऐसे 5 क्रिकेटरों के बारे में।
हत्या के मामले में शामिल 5 खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं
1. शाकिब अल हसन
बांग्लादेश के मशहूर ऑलराउंडर शाकिब अल हसन का नाम ढाका के अदाबोर इलाके में 5 अगस्त 2024 को हुए भेदभाव विरोधी प्रदर्शनों से जुड़े एक हत्या के मामले में दर्ज किया गया है। इस मामले में उनके साथ 156 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक कपड़ा मजदूर मोहम्मद रूबेल के पिता ने शिकायत दर्ज कराई है कि उस समय सांसद रहे शाकिब अल हसन और कुछ अन्य लोगों ने राजनीतिक नेताओं के आदेश पर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का निर्देश दिया था, जिससे रूबेल की मौत हो गई।
2. नवजोत सिंह सिद्धू
पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू, जिन्हें लोग प्यार से “शैरी पा” के नाम से भी जानते हैं, को 1988 के रोड रेज मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई थी। इस घटना में पटियाला के 65 वर्षीय गुरनाम सिंह की मौत हो गई थी।
27 दिसंबर 1988 को सिद्धू और उनके दोस्त रूपिंदर सिंह संधू का सड़क जाम को लेकर गुरनाम सिंह से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद सिद्धू पर उन पर हमला करने का आरोप लगा। इस घटना के बाद गुरनाम सिंह की मौत हो गई। सिद्धू को 1999 में बरी कर दिया गया था, लेकिन 2006 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने एक साल कर दिया।
3. विपिन गिरि
महाराष्ट्र के पूर्व अंडर-19 क्रिकेटर विपिन गिरि को 9 नवंबर 2012 को एक युवक, केशव, के अपहरण और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के अनुसार, विपिन गिरि ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर केशव का अपहरण किया और उसे बुलंदशहर जिले में ले जाकर गोली मार दी। इसके बाद उसका शव एक नहर में फेंक दिया गया। इस मामले में दो आरोपी अब भी फरार हैं। बताया जाता है कि यह विवाद जमीन को लेकर हुआ था, जिसमें केशव के पिता गोविंद पाल सिंह, जो सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, शामिल थे।
4. लेस्ली हिल्टन
1954 में हिल्टन को न्यूयॉर्क से एक गुमनाम टेलीग्राम मिला, जिसमें बताया गया था कि उनकी पत्नी का रॉय फ्रांसिस नाम के व्यक्ति से संबंध है। जब हिल्टन ने अपनी पत्नी से इस बारे में पूछा, तो उसने पहले इनकार किया, लेकिन बाद में यह स्वीकार कर लिया कि उसका फ्रांसिस के साथ रिश्ता था। गुस्से में आकर हिल्टन ने अपनी पत्नी को सात गोलियां मार दीं और इसके बाद खुद पुलिस को सूचना दी। 17 मई 1955 को उन्हें फांसी की सजा दी गई।
5. माइल्स गिफर्ड
कॉर्नवाल के पूर्व क्रिकेटर माइल्स विलियम गिफर्ड पर अपने माता-पिता की हत्या का आरोप लगा था। उनका बचपन मुश्किलों से भरा था और वे कम उम्र से ही मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।
अमीर परिवार से होने के बावजूद, माइल्स का जीवन संघर्षों से भरा रहा। सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित होने के सबूत मिलने के बाद भी जूरी ने सिर्फ 35 मिनट में उन्हें दोषी करार दे दिया। 1953 में माइल्स गिफर्ड को फांसी दे दी गई। उन्होंने कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला था।






