भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेले जा रहे टी20 वर्ल्ड कप का रोमांच अपने चरम पर है। ग्रुप स्टेज खत्म होने के बाद अब टूर्नामेंट सुपर-8 के निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। टी20 वर्ल्ड कप के 10वें संस्करण में कुल 20 टीमों ने हिस्सा लिया, जिनमें 10 से अधिक एसोसिएट टीमों को भी मौका मिला। इन एसोसिएट टीमों ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। खासकर कुछ खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल दिखाकर अलग पहचान बनाई। इस आर्टिकल में हम आपको टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने वाली एसोसिएट टीमों के 7 ऐसे खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने काफी प्रभावित किया है।
7. माइकल लीस्क (स्कॉटलैंड)
स्कॉटलैंड को इस टूर्नामेंट में बांग्लादेश की जगह डायरेक्ट एंट्री मिली थी। इसके बाद टीम के ऑलराउंडर माइकल लीस्क ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी स्पिन गेंदबाजी से 4 मैचों में 9 विकेट झटके। वहीं, नामीबिया के खिलाफ मिडिल ऑर्डर में उतरकर सिर्फ 5 गेंदों में 22 रन बनाकर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का भी परिचय दिया। इस दौरान स्कॉटलैंड की टीम को ग्रुप स्टेज के 4 मुकाबलों में से 3 में हार का सामना करना पड़ा और एकमात्र जीत हासिल हुई। जिसके बाद इनका सफर ग्रुप स्टेज में ही खत्म हो गया।
6. शैडली वैन शाल्कविक (यूएसए)
इस टूर्नामेंट में जहां दुनिया के कई बड़े गेंदबाज खेल रहे हैं, वहीं सबसे ज्यादा विकेट एक एसोसिएट टीम के गेंदबाज के नाम रहे। यूएसए के तेज गेंदबाज शैडली वैन शाल्कविक ने 4 मैचों में 13 विकेट लेकर सबको चौंका दिया। 37 वर्षीय इस गेंदबाज ने भारत के खिलाफ वानखेड़े जैसी पिच पर 25 रन देकर 4 विकेट हासिल किए और पूरे टूर्नामेंट में अपनी खास छाप छोड़ी। इसके बावजूद टीम को ग्रुप स्टेज के बाद टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।
5. दीपेंद्र सिंह ऐरी (नेपाल)
नेपाल के लिए यह वर्ल्ड कप यादगार रहा। टीम ने एक मुकाबला जीतने के साथ-साथ इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को कड़ी टक्कर दी। इस सफलता में ऑलराउंडर दीपेंद्र सिंह ऐरी की अहम भूमिका रही। उन्होंने 56 की औसत और 144 की स्ट्राइक रेट से 169 रन बनाए। साथ ही इंग्लैंड के खिलाफ 2 विकेट भी चटकाए। उनके ऑलराउंड प्रदर्शन ने फैंस का दिल जीत लिया। इस दौरान नेपाल की टीम को ग्रुप स्टेज के 4 मुकाबलों में 3 में हार का सामना करना पड़ा और एक जीत मिली।
4. बास डी लीडे (नीदरलैंड)
नीदरलैंड के अनुभवी ऑलराउंडर बास डी लीडे ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने 4 मैचों में 52 की औसत से 158 रन बनाए और गेंदबाजी में 20 से कम औसत से 5 विकेट झटके। उनके संतुलित प्रदर्शन ने टीम को मजबूती दी और उन्होंने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। इस दौरान नीदरलैंड की टीम को ग्रुप स्टेज के 4 मुकाबलों में 1 जीत मिली, जबकि 3 मैचों में हार का सामना करना पड़ा।
3. युवराज सामरा (कनाडा)
कनाडा के युवा ओपनर युवराज सामरा ने अपनी बल्लेबाजी से काफी प्रभावित किया। लेकिन टीम का टूर्नामेंट में प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा और टीम को कई बड़ी हार झेलनी पड़ी, उन्होंने न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ शानदार शतक जड़ा। पूरे टूर्नामेंट में 4 मैचों में 36 की औसत और 150 से अधिक की स्ट्राइक रेट से 144 रन बनाकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का दम दिखाया। इस दौरान कनाडा की टीम को ग्रुप स्टेज के सभी 4 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा।
2. जुनैद सिद्दीकी (यूएसए)
यूएसए के तेज गेंदबाज जुनैद सिद्दीकी ने इस टूर्नामेंट में अपनी शानदार गेंदबाजी से खासा प्रभाव छोड़ा। उन्होंने ग्रुप स्टेज के 4 मैचों में कुल 7 विकेट झटके, जिसमें एक शानदार 5 विकेट हॉल भी शामिल रहा। अपनी सटीक लाइन-लेंथ और आक्रामक अंदाज से उन्होंने विरोधी बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा। ग्रुप स्टेज के 4 मैचों में टीम को 2 में जीत और 2 में हार मिली, लेकिन उनका सफर यहीं समाप्त हो गया।
1. बेन मनेंटी (इटली)
बेन मैनेंटी इटली के पहले वर्ल्ड कप अभियान में अहम साबित हुए। इस ऑलराउंडर ने 4 मैचों में 46 की औसत से 138 रन बनाए और 20.60 की औसत से गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट चटकाए। ग्रुप स्टेज के 4 मैचों में से टीम को केवल 1 में जीत मिली, जबकि बाकी 3 में हार का सामना करना पड़ा और उनका सफर ग्रुप स्टेज में ही समाप्त हो गया।

